स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार अभियान समाप्त हो चुका है। इस बार भारतीय दल ने कुल 39 पदक अपने नाम किए, जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं। स्पर्धा के अंतिम दिन यानी 2 जुलाई को भारतीय दल पदक संख्या में कोई इजाफा नहीं कर सका। खेल के इस आखिरी दिन भारतीय एथलीटों ने साइकिलिंग और जूडो स्पर्धाओं में अपनी चुनौती पेश की थी, हालांकि वे पोडियम तक पहुंचने में कामयाब नहीं हो पाए। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। मेजबान स्कॉटलैंड भी 39 पदकों के साथ पांचवें पायदान पर रहा। भारत और स्कॉटलैंड दोनों ने एक बराबर 13-13 स्वर्ण पदक जीते, लेकिन भारत के 17 रजत पदकों के मुकाबले स्कॉटलैंड केवल 9 रजत ही हासिल कर सका। रजत पदकों की अधिक संख्या ने भारत को तालिका में चौथा स्थान दिलाया।
पदक तालिका में शीर्ष देशों की स्थिति
राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित करते हुए पहला स्थान हासिल किया। ऑस्ट्रेलियाई दल ने 70 स्वर्ण, 45 रजत और 56 कांस्य पदकों के साथ कुल 171 पदक अपने नाम किए। इंग्लैंड 29 स्वर्ण और कुल 110 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि कनाडा 19 स्वर्ण और कुल 62 पदकों के साथ तीसरे पायदान पर रहा। भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य के साथ चौथा स्थान प्राप्त किया, जबकि स्कॉटलैंड 13 स्वर्ण, 9 रजत और 17 कांस्य पदकों के साथ कुल 39 मेडल जीतकर पांचवें स्थान पर रहा। भारत का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इस बार कुश्ती, बैडमिंटन और हॉकी जैसे पारंपरिक रूप से पदक दिलाने वाले मुख्य खेल राष्ट्रमंडल खेलों के कार्यक्रम में शामिल नहीं थे।
मुक्केबाजी और जूडो में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
भारतीय खिलाड़ियों को सबसे बड़ी सफलता मुक्केबाजी में मिली, जहां भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 10 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। मुक्केबाजी में भारत ने रिकॉर्ड 7 स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं जूडो में भी भारत ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की। अस्मिता डे और हर्ष सिंह राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में जूडो स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने। इनके अलावा यामिनी मौर्य ने रजत और उन्नति शर्मा ने कांस्य पदक जीता, जिससे जूडो में भारत के कुल पदकों की संख्या रिकॉर्ड 4 तक पहुंच गई।
एथलेटिक्स और ट्रैक एंड फील्ड में उपलब्धियां
एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने कई नई मिसालें कायम कीं। पुरुषों की भालाफेंक स्पर्धा में नीरज चोपड़ा ने रजत पदक जीता, जबकि यशवीर सिंह ने कांस्य पदक हासिल कर भारत की झोली में दो पदक डाले। एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह एक ही राष्ट्रमंडल खेलों में एथलेटिक्स की दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं, इससे पहले उन्होंने 10,000 मीटर दौड़ में भी रजत पदक हासिल किया था। इसके अतिरिक्त प्रवीण चित्रावेल ने पुरुषों की ट्रिपल जंप में रजत पदक और सेल्वा प्रभु तिरुमरण ने कांस्य पदक जीता। पुरुषों की हाई जंप में सरवेश कुशारे ने रजत, पुरुषों की लॉन्ग जंप में मुरली श्रीशंकर ने रजत और डेकाथलॉन में तेजिस्विन शंकर ने कांस्य पदक जीता। महिला डिस्कस थ्रो में सीमा कालीरामना ने कांस्य पदक हासिल किया।
भारोत्तोलन और पैरा खेलों में शानदार योगदान
भारोत्तोलन में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा बना रहा। स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा, राजा मुथुपांडी ने पुरुषों के 65 किग्रा, ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के 53 किग्रा, वल्लुरी अजया बाबू ने पुरुषों के 79 किग्रा, हरजिंदर कौर ने महिलाओं के 69 किग्रा और लवप्रीत सिंह ने पुरुषों के +110 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीते। बिंदियारानी देवी ने महिलाओं के 58 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। पैरा एथलेटिक्स और पैरा पावरलिफ्टिंग में भी भारतीय एथलीटों ने इतिहास रचा। पैरा एथलेटिक्स में दिलीप महादू गावित ने पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जबकि मोहम्मद बासिल ने इसी स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। सोमन राणा ने पुरुषों के शॉटपुट F57 में स्वर्ण और शुभम जुयाल ने रजत पदक जीता। महिलाओं के शॉटपुट F57 में शर्मिला धनखड़ ने स्वर्ण और शिल्पा के. शायला ने कांस्य पदक हासिल किया। पैरा पावरलिफ्टिंग के पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया।
भारत के सभी 39 पदक विजेताओं की पूरी सूची
- झंडू कुमार: कांस्य पदक (पैरा पावरलिफ्टिंग, मेंस हेवीवेट)
- ऋषिकांत सिंह: रजत पदक (भारोत्तोलन, मेंस 60 किग्रा)
- मीराबाई चानू: स्वर्ण पदक (भारोत्तोलन, वुमेंस 48 किग्रा)
- राजा मुथुपांडी: रजत पदक (भारोत्तोलन, मेंस 65 किग्रा)
- ज्ञानेश्वरी यादव: रजत पदक (भारोत्तोलन, वुमेंस 53 किग्रा)
- बिंदियारानी देवी: कांस्य पदक (भारोत्तोलन, वुमेंस 58 किग्रा)
- शर्मिला धनखड़: स्वर्ण पदक (पैरा एथलेटिक्स, वुमेंस शॉटपुट F57)
- सरवेश कुशारे: रजत पदक (एथलेटिक्स, मेंस हाई जंप)
- शिल्पा के. शायला: कांस्य पदक (पैरा एथलेटिक्स, वुमेंस शॉटपुट F57)
- वल्लुरी अजया बाबू: रजत पदक (भारोत्तोलन, मेंस 79 किग्रा)
- हरजिंदर कौर: रजत पदक (भारोत्तोलन, वुमेंस 69 किग्रा)
- गुलवीर सिंह: रजत पदक (एथलेटिक्स, मेंस 10,000 मीटर)
- मुरली श्रीशंकर: रजत पदक (एथलेटिक्स, मेंस लॉन्ग जंप)
- दिलीप महादू गावित: स्वर्ण पदक (पैरा एथलेटिक्स, मेंस 100 मीटर T47)
- मोहम्मद बासिल: रजत पदक (पैरा एथलेटिक्स, मेंस 100 मीटर T47)
- लवप्रीत सिंह: रजत पदक (भारोत्तोलन, मेंस +110 किग्रा)
- सीमा कालीरामना: कांस्य पदक (एथलेटिक्स, वुमेंस डिस्कस थ्रो)
- अस्मिता डे: स्वर्ण पदक (जूडो, वुमेंस 48 किग्रा)
- हर्ष सिंह: स्वर्ण पदक (जूडो, मेंस 60 किग्रा)
- यामिनी मौर्य: रजत पदक (जूडो, वुमेंस 57 किग्रा)
- नीरज चोपड़ा: रजत पदक (एथलेटिक्स, मेंस जैवलिन)
- यशवीर सिंह: कांस्य पदक (एथलेटिक्स, मेंस जैवलिन)
- तेजिस्विन शंकर: कांस्य पदक (एथलेटिक्स, मेंस डेकाथलॉन)
- प्रीति पवार: स्वर्ण पदक (मुक्केबाजी, वुमेंस 54 किग्रा)
- जैस्मिन लंबोरिया: स्वर्ण पदक (मुक्केबाजी, वुमेंस 57 किग्रा)
- प्रवीन चित्रावेल: रजत पदक (एथलेटिक्स, मेंस ट्रिपल जंप)
- सेल्वा प्रभु तिरुमरण: कांस्य पदक (एथलेटिक्स, मेंस ट्रिपल जंप)
- जादूमणि सिंह: रजत पदक (मुक्केबाजी, मेंस 55 किग्रा)
- सोमन राणा: स्वर्ण पदक (पैरा एथलेटिक्स, मेंस शॉटपुट F57)
- शुभम जुयाल: रजत पदक (पैरा एथलेटिक्स, मेंस शॉटपुट F57)
- गुलवीर सिंह: कांस्य पदक (एथलेटिक्स, मेंस 5000 मीटर)
- साक्षी चौधरी: स्वर्ण पदक (मुक्केबाजी, वुमेंस 51 किग्रा)
- अरुंधति चौधरी: स्वर्ण पदक (मुक्केबाजी, वुमेंस 70 किग्रा)
- प्रिया घंघास: स्वर्ण पदक (मुक्केबाजी, वुमेंस 60 किग्रा)
- सचिन सिवाच: स्वर्ण पदक (मुक्केबाजी, मेंस 60 किग्रा)
- अंकुश: स्वर्ण पदक (मुक्केबाजी, मेंस 70 किग्रा)
- लवलीना बोरगोहेन: रजत पदक (मुक्केबाजी, वुमेंस 75 किग्रा)
- नरेंद्र बेरवाल: रजत पदक (मुक्केबाजी, मेंस +90 किग्रा)
- उन्नति शर्मा: कांस्य पदक (जूडो, वुमेंस 63 किग्रा)

















