हांगचो में चल रहे महाद्वीपीय मुकाबलों में भारतीय तीरंदाजों ने बेहतरीन खेल का मुज़ाहिरा करते हुए खिताबी दौर में प्रवेश कर लिया है। गत चैंपियन शीतल देवी और इस प्रतियोगिता में पहली बार उतर रही स्वाति चौधरी ने अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज कर देश की पदक की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।
शीतल देवी और स्वाति चौधरी का फाइनल का सफर
महिला कंपाउंड स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में 19 साल की शीतल देवी ने जापान की शिनोहारा आया को 145-137 के अंतर से शिकस्त दी। इससे पहले वह क्वालीफिकेशन राउंड में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने के साथ नया एशियाई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुकी हैं। खिताबी मुकाबले में अब उनका मुकाबला सिंगापुर की अलीम नूर सियाहिदा से होगा। दूसरी तरफ, पैरा खेलों में पदार्पण कर रही स्वाति चौधरी ने महिला डब्ल्यू1 सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की यून्ही ली को 6-2 से हरा दिया। फाइनल में उनका सामना चीन की मेंकान से होगा। डब्ल्यू1 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए निर्धारित है जिनके चारों अंगों में गति या कार्यक्षमता की गंभीर सीमाएं होती हैं या फिर अंग नहीं होते हैं।
मिश्रित टीमों और युगल मुकाबलों का हाल
भारत की रिकर्व और कंपाउंड मिश्रित टीमों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए थाईलैंड और जापान को मात दी और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुके हरविंदर सिंह और भावना ने रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा में थाई जोड़ी को 6-0 के बड़े अंतर से हराया। इसके अलावा, दुनिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त तीरंदाज शीतल ने तोमान कुमार के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा के सेमीफाइनल में कदम रखा, जहां उन्होंने जापानी जोड़ी को 154-147 से हराया। इसके साथ ही शीतल और पायल नाग की जोड़ी भी कंपाउंड महिला युगल के सेमीफाइनल में उतरेगी।
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में कड़ी टक्कर और नतीजे
कुछ श्रेणियों में भारतीय खिलाड़ियों को कड़े मुकाबले में हार का सामना भी करना पड़ा। रिकर्व एकल क्वार्टर फाइनल मैच में हरविंदर सिंह को चीन के युन डुओ के खिलाफ शूटऑफ में 6-5 से पराजय झेलनी पड़ी, जबकि भावना को मंगोलिया की सेलेंगी डी ने 6-2 से हराया। पुरुष कंपाउंड वर्ग के सेमीफाइनल में तोमान कुमार को चीन के ऐइ शिनलियांग के हाथों 149-144 से हार मिली। इसके बावजूद भारतीय दल का कुल प्रदर्शन खेलों के इस मंच पर बेहद प्रभावशाली रहा है।



















