प्रोफेशनल रेसलिंग के सबसे बड़े मंच डब्ल्यूडब्ल्यूई में कदम रखना जितना रोमांचक लगता है, वहां लंबे समय तक टिके रहना उससे कहीं अधिक कठिन चुनौती है। यह रिंग केवल भारी-भरकम चालों और जोरदार मुकाबलों का अखाड़ा नहीं है, बल्कि यहां हर हफ्ते एथलीट्स के धैर्य, अनुशासन, शारीरिक मजबूती और मानसिक दृढ़ता की कड़ी परीक्षा होती है। लगातार सफर, भारी चोटों का जोखिम और शरीर पर पड़ने वाला अत्यधिक दबाव अधिकांश रेसलर्स के करियर को कुछ ही सालों में समेट देता है। ऐसे कठिन माहौल में भी कुछ चुनिंदा सुपरस्टार्स ऐसे उभरे जिन्होंने कई दशकों तक कंपनी की कमान अपने कंधों पर संभाले रखी। उन्होंने पीढ़ियों को बदलते देखा, हर नए दौर के साथ खुद को ढाला और फैंस के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ी। आइए जानते हैं डब्ल्यूडब्ल्यूई के उन पांच सबसे लंबे और प्रतिष्ठित करियर्स के बारे में जिन्होंने इस खेल का इतिहास लिख दिया।
मार्क कैलावे यानी द अंडरटेकर का तीन दशकों का दबदबा
जब भी खेल के इतिहास में वफादारी, समर्पण और खौफ की चर्चा होगी, मार्क कैलावे यानी 'द अंडरटेकर' का नाम हमेशा शीर्ष पर रहेगा। नवंबर 1990 की सरवाइवर सीरीज में जब धुएं और अंधेरे के बीच एक रहस्यमयी आकृति ने पहली बार कदम रखा था, तब शायद किसी ने यह कल्पना नहीं की थी कि यह सफर आने वाले तीस सालों तक अनवरत जारी रहेगा। 'डेडमैन' के नाम से पूरी दुनिया में विख्यात हुए इस दिग्गज ने साल 1990 से लेकर 2020 में अपने आधिकारिक संन्यास तक पूरे 30 वर्षों तक डब्ल्यूडब्ल्यूई के प्रति अटूट निष्ठा बनाए रखी।
अपने इस ऐतिहासिक सफर के दौरान उन्होंने रैसलमेनिया के सबसे भव्य मंच पर 21-0 की ऐसी अजेय स्ट्रीक स्थापित की, जिसे मॉडर्न एरा में तोड़ पाना लगभग नामुमकिन माना जाता है। उन्होंने नब्बे के दशक से लेकर नए जमाने तक कई पीढ़ियों के प्रशंसकों का मनोरंजन किया। बदलते दौर, नई कहानियों और नए प्रतिद्वंद्वियों के बीच वे हमेशा कंपनी के सबसे मजबूत और भरोसेमंद स्तंभ बने रहे।
द वाइपर रैंडी ऑर्टन और 24 सालों का खौफनाक सफर
साल 2002 में जब एक नौजवान रेसलर ने मेन रोस्टर में कदम रखा था, तो उनकी आंखों में कुछ अलग ही जुनून और आग दिखाई देती थी। यह रेसलर रैंडी ऑर्टन थे, जिन्हें आगे चलकर दुनिया ने 'द वाइपर' के नाम से जाना। ऑर्टन ने बहुत तेजी से सफलता की सीढ़ियां चढ़ीं और वे डब्ल्यूडब्ल्यूई के इतिहास में सबसे कम उम्र में वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन बनने वाले सुपरस्टार बने। उनके पेटेंट फिनिशिंग मूव 'RKO' ने रिंग के अंदर विरोधियों के मन में ऐसा खौफ पैदा किया जो आज भी बरकरार है।
ऑर्टन के करियर में कई बार गंभीर चोटों के दौर आए, जिन्होंने उनके शरीर को चुनौती दी, लेकिन उनका समर्पण कभी डिगा नहीं। बाजार में अन्य रेसलिंग प्रमोशनों के कई आकर्षक प्रस्तावों के बावजूद वे पिछले 24 वर्षों से लगातार डब्ल्यूडब्ल्यूई के साथ खड़े रहे हैं। 14 से अधिक बार वर्ल्ड चैंपियनशिप अपने नाम कर चुके रैंडी ऑर्टन आज भी रिंग में पूरी तरह चुस्त और सक्रिय हैं और युवा रेसलर्स के लिए मार्गदर्शन की मिसाल बने हुए हैं।
जॉन सीना और 16 बार की वर्ल्ड चैंपियनशिप का कीर्तिमान
साल 2002 में 'नेवर गिव अप' के दृढ़ विचार के साथ अपनी यात्रा शुरू करने वाले जॉन सीना केवल एक आम इन-रिंग फाइटर नहीं रहे, बल्कि वे कई सालों तक पूरे डब्ल्यूडब्ल्यूई ब्रांड का वैश्विक चेहरा बन गए। सीना ने लगभग दो दशकों तक एक फुल-टाइम परफॉर्मर के रूप में बिना रुके और बिना थके कंपनी की सबसे बड़ी जिम्मेदारियां उठाईं। उन्होंने नन्हे बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर आयु वर्ग के फैंस के बीच अपनी बेहद खास और मजबूत जगह बनाई।
अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर जॉन सीना ने अपने करियर में 16 बार वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतकर रिक फ्लेयर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी की। हालांकि हाल के वर्षों में हॉलीवुड प्रोजेक्ट्स और अभिनय की व्यस्तताओं के चलते वे पार्ट-टाइम भूमिका में नजर आते हैं, लेकिन जब भी कंपनी को एक बड़े मुकाबले या उनकी मौजूदगी की जरूरत महसूस होती है, वे रिंग में वापसी करने से कभी पीछे नहीं हटते।
द मिज की दोहरी ग्रैंड स्लैम सफलता और निरंतरता की मिसाल
साल 2006 में जब द मिज ने डब्ल्यूडब्ल्यूई के रोस्टर में प्रवेश किया, तो उस समय उद्योग के कई जानकारों और आलोचकों का मानना था कि एक रियलिटी टीवी बैकग्राउंड वाला व्यक्ति रेसलिंग की इस बेरहम दुनिया में ज्यादा दिन टिक नहीं पाएगा। लेकिन द मिज ने अपने कड़े परिश्रम, अद्वितीय प्रोमो स्किल्स और समर्पण से हर एक आलोचक की धारणा को पूरी तरह बदल दिया। पिछले 20 सालों के अपने सफर में वे किसी गंभीर चोट या लंबी छुट्टी के बिना लगातार टेलीविजन शोज का अहम हिस्सा बने रहे हैं।
उनकी यह अद्भुत निरंतरता उन्हें लॉकर रूम का सच्चा वर्कहॉर्स साबित करती है। द मिज डब्ल्यूडब्ल्यूई इतिहास के पहले ऐसे सुपरस्टार बने जिन्होंने अपने करियर में दो बार 'ग्रैंड स्लैम' चैंपियनशिप जीतने का गौरव हासिल किया। यह दुर्लभ उपलब्धि दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और लगातार काम करने की आदत कैसे किसी को शिखर पर पहुंचा सकती है।
पॉल लेवेस्क यानी ट्रिपल एच का रिंग से लेकर बैकस्टेज तक का सफर
पॉल लेवेस्क जिन्हें फैंस 'ट्रिपल एच' और रिंग के 'द गेम' के नाम से जानते हैं, उनका कंपनी के साथ सफर किसी महाकाव्य की तरह विस्तृत और प्रभावशाली रहा है। साल 1995 में डब्ल्यूडब्ल्यूई में एंट्री लेने के बाद उन्होंने एक सक्रिय इन-रिंग रेसलर के तौर पर 25 से ज्यादा वर्षों तक राज किया। इस सुनहरे दौर में उन्होंने 14 बार वर्ल्ड टाइटल अपने नाम किया और एटीट्यूड एरा से लेकर मॉडर्न एरा तक अनगिनत यादगार और क्लासिक मुकाबले पेश किए।
उम्र के पड़ाव और स्वास्थ्य कारणों के चलते जब उन्हें इन-रिंग एक्शन से विदा लेनी पड़ी, तब भी उन्होंने रेसलिंग की दुनिया से नाता नहीं तोड़ा। वर्तमान में वे चीफ कंटेंट ऑफिसर के उच्च पद पर जिम्मेदारी संभालते हुए पूरे बैकस्टेज संचालन और क्रिएटिव दिशा का नेतृत्व कर रहे हैं। आज वे नई पीढ़ी के टैलेंट को तलाशने और उन्हें भविष्य का सुपरस्टार बनाने में जुटे हुए हैं।



















