मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक समय बेहद मामूली संसाधन और उधारी के पैसों के सहारे शुरू हुआ कारोबार आज करोड़ों रुपये के टर्नओवर वाले स्थापित ब्रांड में बदल चुका है। 25 साल पहले तिली इलाके के एक किराए के कमरे से सफर शुरू करने वाले पिता-पुत्र की जोड़ी ने मेहनत, लगन और ग्राहक विश्वास के बल पर हनुमंत छाया ज्वेलर्स को शहर का एक प्रमुख नाम बना दिया है। कभी महज एक तोला सोना और एक किलोग्राम चांदी लेकर दुकान खोलने वाले इस परिवार के पास आज सोने और चांदी के अलग-अलग शोरूम हैं, जबकि तीसरे शोरूम की तैयारी चल रही है।
16 साल की उम्र में संघर्ष और तिली में शुरुआत
जब मनीष सोनी की उम्र महज 16-17 वर्ष थी, तब उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी तंग थी। कुछ बड़ा करने के जुनून में उन्होंने 25 साल पहले शहर के तिली इलाके में एक छोटा सा किराए का कमरा लिया और ज्वेलरी का काम शुरू किया। उस समय उनके पास केवल एक तोला सोना था, जिसकी कीमत करीब 6000 रुपये थी, और एक किलोग्राम चांदी थी। इसी सीमित पूंजी और उधारी के पैसों से उन्होंने अपने सपनों का कारोबार शुरू किया।
साइकिल से सराफा के चक्कर और पिताजी की चतुर ग्राहक सेवा
मनीष सोनी का मूल निवास बड़े बाजार क्षेत्र में था। उस दौर में साधन न होने के कारण वे कभी पैदल तो कभी साइकिल चलाकर तिली स्थित अपनी दुकान तक पहुंचते थे। जब कोई ग्राहक अंगूठी खरीदने आता, तो दुकान पर बैठे उनके पिता ग्राहक को बातचीत में उलझाकर रखते थे। इस दौरान मनीष सोनी तुरंत साइकिल से सराफा बाजार जाते, वहां से चार अंगूठियां खरीदकर लाते। एक अंगूठी बिक जाती तो बाकी तीन अंगूठियां वापस सराफा बाजार लौटा आते थे। यह कठिन दिनचर्या और संघर्ष का दौर लगभग 10 से 15 सालों तक लगातार चलता रहा।
वीरान इलाके से आधुनिक कमर्शियल हब बनने का गवाह
जिस समय तिली में दुकान की शुरुआत की गई थी, वह क्षेत्र बेहद सुनसान और अविकसित था। वहां केवल दो कॉलोनियां, जिला अस्पताल और रोजगार कार्यालय ही मौजूद थे। शाम 5 बजे के बाद वहां कोई ऑटो रिक्शा या परिवहन का साधन तक नहीं मिलता था। लेकिन बीते ढाई दशकों में यह इलाका पूरी तरह बदल चुका है और आज सागर की सबसे बेहतरीन रिहायशी और कमर्शियल लोकेशन बन गया है, जहां रात 2 बजे तक भी बेझिझक आवाजाही होती है।
कारोबारी विस्तार और मकरोनिया में नया शोरूम
ईमानदार व्यापारिक नीतियों और बेहतरीन ग्राहक संबंधों की बदौलत हनुमंत छाया ज्वेलर्स ने समय के साथ लोगों का गहरा भरोसा जीता। सोने के बढ़ते भावों के बीच ग्राहकों की सहूलियत के लिए यहां लाइटवेट ज्वेलरी और आधुनिक डिजाइनों की विस्तृत रेंज उपलब्ध कराई जाती है। मौजूदा समय में इनके सोने और चांदी के अलग-अलग डेडिकेटेड शोरूम संचालित हो रहे हैं। व्यापार का विस्तार करते हुए जल्द ही मकरोनिया क्षेत्र में एक और नया ज्वेलरी शोरूम खोला जा रहा है, जहां आसपास के ग्रामीण इलाकों और अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में खरीदार पहुंच रहे हैं।
नए सराफा कारोबारियों के लिए सफलता के मंत्र
सराफा क्षेत्र में कदम रखने वाले नए युवाओं के लिए मनीष सोनी का मानना है कि इस व्यापार में सबसे पहली शर्त धैर्य है। आभूषणों के कारोबार में लोग किसी भी दुकानदार पर तुरंत भरोसा नहीं करते, इसलिए ईमानदारी और लगन के साथ लंबे समय तक काम करना पड़ता है। बड़ा मुनाफा कमाने या जल्दी अमीर बनने की होड़ में मिलावट से हमेशा बचना चाहिए। ग्राहकों को परिवार के सदस्य की तरह समझकर मुस्कुराते हुए संवाद करना, माता-पिता की सेवा करना और ईश्वर में आस्था बनाए रखना ही इस लंबी व्यापारिक सफलता की असली कुंजी है।



















