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52 की उम्र में सुमन यादव ने वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में जीता रजत पदक, बनीं प्रेरणास्रोतसक्सेस स्टोरी
19 जून 2026, 12:56 pm (45 दिन पहले)· 2

52 की उम्र में सुमन यादव ने वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में जीता रजत पदक, बनीं प्रेरणास्रोत

राजस्थान के अलवर की सुमन यादव ने 52 साल की उम्र में अपनी पहली वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में भारत के लिए रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने 78 देशों के खिलाड़ियों के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया।

राजस्थान के अलवर जिले की निवासी सुमन यादव ने 52 वर्ष की आयु में एक असाधारण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुई वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में रजत पदक अपने नाम किया, जिससे भारत का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन हुआ। उनकी यह जीत लाखों महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बन गई है, जो यह दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत की कोई उम्र नहीं होती।

विश्व मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व

गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित इस प्रतिष्ठित विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में दुनिया भर के 78 देशों से 522 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। 45 से 55 वर्ष की आयु वर्ग में, जहां 20 देशों के प्रतियोगी शामिल थे, सुमन यादव ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने यह भी बताया कि इस श्रेणी में भाग लेने वाले अधिकांश खिलाड़ी उनसे कम उम्र के थे, लेकिन इसके बावजूद वह रजत पदक जीतने में सफल रहीं।

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योग यात्रा की शुरुआत: 2015 से 2019 तक

सुमन यादव ने बताया कि उनकी योग यात्रा 2015 में तब शुरू हुई जब वह अपने बच्चों की शिक्षा के लिए कोटा में थीं। वहां, उन्होंने वृंदावन पार्क में लोगों को योग करते देखा और उनसे प्रेरित होकर स्वयं नियमित अभ्यास करना शुरू किया। शुरुआत में उनका मुख्य लक्ष्य स्वस्थ रहना था, लेकिन धीरे-धीरे योग में उनकी रुचि बढ़ती गई। उन्होंने न केवल खुद अभ्यास किया, बल्कि दूसरों को भी योग सिखाना शुरू किया। शिक्षा विभाग से जुड़ने के बाद, उन्होंने बालिकाओं और शिक्षिकाओं को आत्मरक्षा और योग का प्रशिक्षण भी दिया। लगातार अभ्यास करते हुए, उन्होंने योग की बारीकियों को समझा और 2019 में पहली बार प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया।

राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान

प्रतियोगिता क्षेत्र में कदम रखने के बाद, सुमन यादव ने तेजी से सफलता की सीढ़ियां चढ़ीं। अपनी पहली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में ही उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके बाद, उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी अपनी पहचान बनाई और शीर्ष 10 खिलाड़ियों में जगह बनाई। वर्ष 2020 में, वह राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 6 खिलाड़ियों में शामिल हो गईं और कई वर्षों तक इस स्थिति को बनाए रखा। उन्होंने भारत सरकार द्वारा आयोजित योगासन भारत प्रतियोगिता में बहरोड़ से जिला स्तर पर हिस्सा लिया, फिर उदयपुर में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता जीती और विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी पहला स्थान प्राप्त किया। इन उपलब्धियों के बाद, खेल मंत्रालय ने उन्हें शीर्ष तीन खिलाड़ियों में चुना, जिससे उन्हें विश्व योगासन प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त हुआ।

कड़ी मेहनत और पारिवारिक समर्थन

एक सरकारी स्कूल में पीटीआई शिक्षिका के रूप में सुमन यादव की भूमिका उनकी प्रतिबद्धता को और बढ़ा देती है। वह अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों और घरेलू कार्यों के साथ-साथ अपनी योग साधना के लिए भी समय निकालती हैं। उनकी दिनचर्या में सुबह 5 बजे उठकर अभ्यास करना और फिर शाम को दो से तीन घंटे योग का अभ्यास करना शामिल है। सुमन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पति और बच्चों को दिया, जिन्होंने हर कदम पर उनका पूरा समर्थन किया। उनका कहना है कि वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप जीतना उनका सपना था, और आज उनके पास मौजूद रजत पदक उसी संकल्प और कड़ी मेहनत का परिणाम है।

सवाल-जवाब

सुमन यादव ने किस प्रतियोगिता में पदक जीता है?
सुमन यादव ने वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है।
उनकी उम्र क्या है और वह कहां की रहने वाली हैं?
उनकी उम्र 52 वर्ष है और वह राजस्थान के अलवर जिले की निवासी हैं।
उन्होंने योग का अभ्यास कब शुरू किया था?
सुमन यादव ने वर्ष 2015 में योग का अभ्यास शुरू किया था।
सुमन यादव पेशेवर रूप से क्या करती हैं?
वह एक सरकारी स्कूल में पीटीआई शिक्षिका हैं।
वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में कितने देशों और खिलाड़ियों ने भाग लिया था?
इस चैंपियनशिप में 78 देशों के 522 खिलाड़ियों ने भाग लिया था।
उन्होंने किस आयु वर्ग में पदक जीता?
उन्होंने 45 से 55 वर्ष की आयु वर्ग में रजत पदक जीता।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय किसे दिया?
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने पति और बच्चों को दिया जिन्होंने उनका हर कदम पर साथ दिया।
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