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आयुर्वेद से बदली तकदीर, नौकरी छोड़कर शुरू किया कारोबार और पहुंच गया 20 करोड़ के पारसक्सेस स्टोरी
27 अक्तू॰ 2026, 5:40 am (3 दिन पहले)· 2

आयुर्वेद से बदली तकदीर, नौकरी छोड़कर शुरू किया कारोबार और पहुंच गया 20 करोड़ के पार

पारंपरिक नौकरीपेशा परिवार से आने वाले हैदराबाद के किशोर कुमार पैडिकोंडाला ने स्थापित किया आयुर्वेद का सफल कारोबार, जो अब करोड़ों की कमाई कर रहा है।

व्यापार शुरू करने के विचार से ही घबराने वालों के लिए हैदराबाद निवासी किशोर कुमार पैडिकोंडाला का यह सफर एक बड़ी मिसाल पेश करता है। उनके पूरे खानदान में हमेशा से ही नौकरी करने की परंपरा रही थी और पीढ़ियों में कभी किसी ने व्यापार की तरफ कदम नहीं बढ़ाया था। लेकिन किशोर ने अपने परिवार में इस लीक से हटकर जोखिम उठाया और नौकरी का सुरक्षित दायरा छोड़कर खुद के उद्यम की शुरुआत करने का साहस जुटाया।

फार्मास्यूटिकल सेक्टर में लंबा समय गुजारने और पर्याप्त अनुभव बटोरने के बाद, उन्होंने साल 2014 में जीवीएसके फार्मा प्राइवेट लिमिटेड की नींव रखी। हालांकि, उनके बिजनेस के रास्ते में असली और बड़ा बदलाव साल 2020 में आया जब पूरी दुनिया कोविड-19 महामारी के दौर से गुजर रही थी। उस मुश्किल समय में उन्होंने महसूस किया कि आम जनता का रुझान आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की ओर बहुत तेजी से मुड़ रहा है, जिसके बाद उन्होंने अपने कारोबार का रुख पूरी तरह से आयुर्वेद की तरफ मोड़ दिया।

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आयुष मंत्रालय से प्रमाणित उत्पाद

दिल्ली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान हुई बातचीत में किशोर कुमार ने अपने इस दिलचस्प सफर के कई अहम पहलुओं से पर्दा उठाया। उन्होंने जानकारी दी कि उनकी कंपनी के अंतर्गत तैयार होने वाले सभी उत्पाद आयुष मंत्रालय द्वारा आधिकारिक रूप से स्वीकृत हैं। इन आयुर्वेदिक उत्पादों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन्हें बाजार में ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराने से पहले जानवरों और इंसानों पर कड़े क्लिनिकल परीक्षणों से गुजारा जाता है। पूरी तरह से गुणवत्ता की जांच और परख करने के बाद ही इन्हें उपभोक्ताओं के लिए तैयार किया जाता है।

देश से लेकर विदेशों तक भारी मांग

कंपनी का मुख्य उद्देश्य ऐसे आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण करना है जिनकी बाजार में सबसे अधिक मांग बनी रहती है। किशोर कुमार ने बताया कि उनका उद्यम शिलाजीत और शहद के मिश्रण से तैयार एक विशेष उत्पाद बनाता है। इस खास उत्पाद की जबरदस्त डिमांड न केवल हमारे देश के कोने-कोने में है, बल्कि विदेशों में भी लोग इसे बेहद पसंद कर रहे हैं। इसके साथ ही इन उत्पादों की कीमतें भी काफी किफायती रखी गई हैं ताकि आम आदमी की पहुंच से बाहर न हों।

इसके अतिरिक्त महिलाओं की सेहत और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए भी कंपनी ने बेहतरीन आयुर्वेदिक उत्पाद बाजार में उतारे हैं। हालांकि बाजार में महिलाओं के इंटीमेट वॉश के तमाम विकल्प पहले से ही मौजूद हैं, लेकिन उनकी कंपनी ने पूरी तरह प्राकृतिक आयुर्वेद की मदद से एक अनूठा वॉश विकसित किया है। इसके शानदार और सकारात्मक परिणामों के कारण यह उत्पाद महिलाओं के बीच काफी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

सफलता के नए आयाम और करोड़ों का टर्नओवर

उत्पादों की बेहतरीन गुणवत्ता और जेब के अनुकूल दामों के कारण किशोर कुमार द्वारा बनाए गए आयुर्वेदिक उत्पाद देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी खूब धूम मचा रहे हैं। इसी का सुखद परिणाम है कि साल 2014 में एक छोटे पैमाने पर शुरू हुआ यह सफर साल 2026 तक पहुंचते-पहुंचते 20 करोड़ रुपये के प्रभावशाली टर्नओवर के आंकड़े को छू चुका है। चालू वर्ष के दौरान बिक्री में और भी अधिक तेजी दर्ज की जा रही है, जिससे कंपनी के कारोबार में आने वाले दिनों में और भी बड़े उछाल की उम्मीद की जा रही है। एक साधारण नौकरीपेशा परिवार से ताल्लुक रखने वाले और अपनी मेहनत के दम पर 20 करोड़ रुपये की कंपनी खड़ी करने वाले किशोर की यह सफलता आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन गई है।

सवाल-जवाब

किशोर कुमार पैडिकोंडाला किस पृष्ठभूमि से आते हैं?
वे हैदराबाद के रहने वाले हैं और उनके परिवार में हमेशा से पारंपरिक नौकरी करने का माहौल रहा है।
उन्होंने अपना कारोबार किस वर्ष शुरू किया था?
उन्होंने फार्मा इंडस्ट्री में अनुभव हासिल करने के बाद साल 2014 में जीवीएसके फार्मा प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की थी।
उनके बिजनेस में बड़ा मोड़ कब आया?
साल 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान जब लोगों का रुझान आयुर्वेद की तरफ बढ़ा, तब उन्होंने अपने बिजनेस को आयुर्वेद की दिशा में मोड़ दिया।
कंपनी के उत्पाद किसके द्वारा प्रमाणित हैं?
किशोर कुमार की कंपनी के सभी आयुर्वेदिक उत्पाद आयुष मंत्रालय से अप्रूव्ड हैं।
उत्पादों को बाजार में लाने से पहले उनकी क्या जांच होती है?
इन उत्पादों को बाजार में उतारने से पहले जानवरों और इंसानों पर क्लिनिकल रिसर्च की जाती है।
कंपनी का कौन सा उत्पाद देश-विदेश में सबसे ज्यादा लोकप्रिय है?
उनकी कंपनी द्वारा शिलाजीत और शहद से तैयार किया गया विशेष उत्पाद देश और विदेशों में भारी डिमांड में है।
कंपनी ने किस वर्ष तक 20 करोड़ का टर्नओवर हासिल किया है?
बेहतरीन क्वालिटी और किफायती दामों के दम पर इस कंपनी ने साल 2026 तक 20 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल कर लिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Aisha Khan@aisha-khan·2 दिन पहले

मेरे एक दोस्त ने भी कोविड के दौरान फार्मा जॉब छोड़कर आयुर्वेद का काम शुरू किया था। तब डर लगता था, पर आज उनका काम सचमुच बहुत आगे निकल गया है।

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·2 दिन पहले

आयुर्वेद और शिलाजीत जैसे पारंपरिक नुस्खों को आधुनिक समय में बिजनेस का रूप देना सचमुच काबिल-ए-तारीफ है। आज के दौर में जब लोग अपनी सेहत को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं, ऐसे उत्पादों की मांग बढ़ना तो तय ही था।

Divya Reddy@divya-reddy·2 दिन पहले

डॉ. शर्मा, बिल्कुल सही कहा आपने। पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तरीकों से जोड़ना ही असली तरक्की है, और किशोर जी ने इसे साबित कर दिखाया है।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·2 दिन पहले

नौकरी छोड़कर आयुर्वेद का बिजनेस खड़ा करना वाकई बहुत हिम्मत का काम है, वो भी बिना फैमिली बैकग्राउंड के।

Rohan Gupta@rohan-gupta·2 दिन पहले

पूजा जी, हिम्मत तो है पर मुझे लगता है फार्मा का पुराना अनुभव ही असली टर्निंग पॉइंट रहा होगा, वरना बिना बैकग्राउंड के 20 करोड़ तक पहुंचना सिर्फ हिम्मत से शायद मुमकिन नहीं होता।

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