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बहराइच में छह मोटे अनाजों और देसी घी से तैयार हो रहे खास मिलेट्स लड्डू, सेहत के शौकीनों में जबरदस्त मांगसक्सेस स्टोरी
1 अक्तू॰ 2026, 11:18 am (29 दिन पहले)· 1

बहराइच में छह मोटे अनाजों और देसी घी से तैयार हो रहे खास मिलेट्स लड्डू, सेहत के शौकीनों में जबरदस्त मांग

बहराइच के कृषि भवन स्थित मिलेट्स गैलरी में बिना चीनी के ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, चीना और कुट्टू से पौष्टिक लड्डू बनाए जा रहे हैं। शुद्ध देसी घी, गुड़ और मेवों से बने इन लड्डुओं की मांग लखनऊ और बाराबंकी तक पहुंच चुकी है।

बाजार में बिकने वाली पारंपरिक मिठाइयों के बीच सेहत को प्राथमिकता देने वाले खरीदारों के लिए शुद्ध और पौष्टिक विकल्प तलाशना हमेशा से एक चुनौती रहा है। इसी मांग को समझते हुए बहराइच के कृषि भवन स्थित मिलेट्स गैलरी में मोटे अनाज और सूखे मेवों के मेल से बने खास लड्डू तैयार किए जा रहे हैं। पूरी तरह से शक्कर-मुक्त और शुद्ध देसी घी में बने यह लड्डू स्वाद में उम्दा होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिहाज से भी पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद साबित हो रहे हैं।

बिना शक्कर के छह मोटे अनाजों और मेवों का खास मेल

मिलेट्स गैलरी का संचालन कर रहे शिवांग जायसवाल ने बताया कि इन खास लड्डुओं में शक्कर का एक प्रतिशत भी इस्तेमाल नहीं किया जाता है। मिठास और पोषण के लिए इन्हें पूरी तरह से शुद्ध देसी घी और प्राकृतिक गुड़ के मिश्रण से तैयार किया जाता है। इसके निर्माण में छह प्रकार के पौष्टिक मोटे अनाजों का उपयोग प्रमुखता से होता है, जिनमें ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, चीना और कुट्टू शामिल हैं। इसके साथ ही मिश्रण में विभिन्न प्रकार के मेवों को भी प्रचुर मात्रा में मिलाया जाता है, जिससे इसका पोषण स्तर काफी बढ़ जाता है।

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धीमी आंच पर पकने की पारंपरिक और अनूठी विधि

शिवांग जायसवाल के अनुसार, इन लड्डुओं को तैयार करने की पूरी विधि बाजार की आम मिठाइयों से काफी अलग और समय लेने वाली है। निर्माण प्रक्रिया के दौरान सबसे पहले सभी मोटे अनाजों के आटे और सूखे मेवों को शुद्ध देसी घी में धीमी आंच पर अच्छी तरह भुना जाता है। भूनने का काम पूरा होने के बाद इसमें पिघला हुआ गुड़ मिलाया जाता है और इस पूरे मिश्रण को करीब 1 से 1.5 घंटे तक लगातार पकाया जाता है। जब पूरा मिश्रण एकसार होकर तैयार हो जाता है, तब इसे आंच से नीचे उतारकर कुशल कारीगरों द्वारा गोल लड्डू बांधे जाते हैं।

₹600 प्रति किलो कीमत और लखनऊ तक पहुंची मांग

गुणवत्ता और पौष्टिकता से भरपूर इन लड्डुओं की बिक्री दर ₹600 प्रति किलोग्राम तय की गई है। प्राकृतिक स्वाद और शुद्धता के चलते कम समय में ही इनकी लोकप्रियता बहुत तेजी से बढ़ी है। अब बहराइच के स्थानीय निवासियों के अलावा लखनऊ और बाराबंकी जैसे पड़ोसी जनपदों से भी लोग विशेष रूप से इन लड्डुओं की खरीदारी करने के लिए पहुंच रहे हैं। यहां तक कि जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिनमें डीएम और सीडीओ भी शामिल हैं, अपनी दैनिक और पारिवारिक जरूरतों के लिए इन लड्डुओं को नियमित रूप से मंगवाते हैं।

मिलावट से दूर और स्वास्थ्य के लिए सहज विकल्प

मिलेट्स गैलरी से इन लड्डुओं को खरीदने पहुंचे ग्राहक अरविंद कुमार ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह उत्पाद बाजार में बिकने वाली मिलावटी और रसायन युक्त मिठाइयों का एक बेहद सुरक्षित विकल्प है। उन्होंने बताया कि यह लड्डू बाजरा और रागी जैसे पारंपरिक अनाजों से सीधे किसानों के जरिए मिलने वाली सामग्री से तैयार किए जा रहे हैं। इसमें किसी भी प्रकार के रसायन अथवा कीटनाशक का कोई अंश मौजूद नहीं होता, जिसके कारण यह पाचन क्रिया के लिए बेहद आसान और शरीर के लिए अत्यंत गुणकारी साबित होते हैं। रसायन-मुक्त और शुद्ध सामग्री से तैयार इन लड्डुओं को इच्छुक ग्राहक कृषि भवन स्थित मिलेट्स गैलरी से सीधे प्राप्त कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

बहराइच के इस विशेष लड्डू में कौन-से छह मोटे अनाज मिलाए जाते हैं?
इस लड्डू को बनाने में ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, चीना और कुट्टू के आटे का इस्तेमाल किया जाता है।
क्या इन लड्डुओं में चीनी का इस्तेमाल किया जाता है?
नहीं, इनमें एक प्रतिशत भी चीनी का प्रयोग नहीं होता; इन्हें केवल शुद्ध देसी घी, गुड़ और मेवों से बनाया जाता है।
इन मिलेट्स लड्डुओं की कीमत क्या रखी गई है?
इन पौष्टिक मिलेट्स लड्डुओं की बिक्री दर ₹600 प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है।
यह लड्डू कहां से खरीदे जा सकते हैं?
इन्हें बहराइच में कृषि भवन परिसर के अंदर स्थित मिलेट्स गैलरी से सीधे खरीदा जा सकता है।
इन लड्डुओं को पकाने में कितना समय लगता है?
अनाज और मेवों को धीमी आंच पर भूनने के बाद पिघला हुआ गुड़ मिलाकर इस मिश्रण को लगभग 1 से 1.5 घंटे तक पकाया जाता है।
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