बिहार के जमुई जिले में एक किसान ने वह कर दिखाया है जो आमतौर पर लोग गर्मियों में करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। खैरा प्रखंड के मांगोबंदर गांव में रहने वाले किसान ध्रुव कुमार सिंह ने अपने खेत में गरमा धान की फसल तैयार की है। आमतौर पर धान की खेती बारिश के मौसम में होती है, लेकिन गरमा धान गर्मी के मौसम में उगाया जाता है और इसमें सामान्य खेती के मुकाबले कहीं ज्यादा मेहनत लगती है।
पिता से मिला आइडिया, बंगाल जाकर सीखी तकनीक
ध्रुव कुमार सिंह बताते हैं कि उनका परिवार पीढ़ियों से खेती-बाड़ी से जुड़ा रहा है। एक दिन उन्हें अपने पिता से गरमा धान की खेती का आइडिया मिला। इसके बाद उन्होंने तय किया कि वह भी गर्मियों में धान उगाएंगे। सिर्फ आइडिया मिलना काफी नहीं था, इसलिए उन्होंने पश्चिम बंगाल जाकर इसकी खेती की बारीकियां सीखीं। वहां से लौटकर उन्होंने अपने खेत में इसकी तैयारी शुरू कर दी।
बीज ढूंढने में छूटे पसीने, आखिर एक बुजुर्ग से मिली मदद
ध्रुव सिंह के मुताबिक सबसे बड़ी दिक्कत गरमा धान का बीज जुटाने में आई। उन्होंने जिले के कई बड़े बीज भंडारों और दुकानदारों से संपर्क किया, लेकिन कहीं भी उन्हें बीज नहीं मिला। आखिरकार एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उनकी मदद की, जिन्होंने यह बीज संभालकर रखा हुआ था। उनसे बीज मिलने के बाद ध्रुव सिंह ने इसकी नर्सरी तैयार की।
मजदूर नहीं मिले तो खुद उतरे खेत में
ध्रुव कुमार सिंह की योजना करीब 2 बीघे में धान की फसल तैयार करने की थी और उन्होंने उतनी जमीन के लिए बिचड़ा भी तैयार कर लिया था। लेकिन जब रोपाई का वक्त आया तो उन्हें मजदूर नहीं मिले। ऐसे में उन्होंने हार नहीं मानी। खुद और एक अन्य व्यक्ति की मदद से उन्होंने खेत तैयार किया और करीब 4 कट्ठा जमीन में धान की रोपाई कर दी।
एक हफ्ते में कटाई लायक होगी फसल, साल में मिलेंगी तीन उपज
अब उनकी फसल में बालियां फूटने के कगार पर हैं और यह पकने के लिए बिल्कुल तैयार नजर आ रही है। ध्रुव सिंह के मुताबिक करीब एक सप्ताह में यह धान काटने लायक हो जाएगा। इस खेती का उन्हें सबसे बड़ा फायदा यह मिला है कि वह अब एक साल में तीन बार फसल उगा सकते हैं, जबकि इलाके के बाकी किसान आमतौर पर साल में सिर्फ दो ही फसल ले पाते हैं।
अगली फसल की तैयारी शुरू, अगले साल बड़े पैमाने पर खेती की योजना
मौजूदा फसल की कटाई से पहले ही ध्रुव सिंह ने अगली धान की फसल के लिए बिचड़ा तैयार करना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक यह पौध रोपाई लायक होगी, तब तक उनका खेत भी तैयार हो चुका होगा। ध्रुव कुमार सिंह ने बताया कि अगले साल वह गरमा धान की खेती और भी बड़े पैमाने पर करने की तैयारी में जुटे हैं।











