बिहार के जमुई जिले के किसान साकेंद्र यादव ने अपने खेत में भिंडी के साथ खीरा और मटर की मिश्रित खेती करके कमाई को दोगुना कर दिया है। उनका कहना है कि भिंडी एक ऐसी सब्जी है जो बहुत कम समय में तैयार हो जाती है और बुआई के करीब 45 से 55 दिनों के भीतर पहली तुड़ाई शुरू हो जाती है। इसके बाद कई हफ्तों तक लगातार उपज मिलती रहती है, जिससे किसानों को अच्छी आमदनी होती रहती है।
भिंडी के साथ और कौन सी सब्जियां लगाई जा सकती हैं
साकेंद्र यादव के मुताबिक भिंडी की खेती की एक खास बात यह भी है कि इसके साथ दूसरी सब्जियों की मिश्रित खेती बड़ी आसानी से की जा सकती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद अपने खेत में भिंडी के साथ कई अलग-अलग सब्जियां उगाई हैं। किसान चाहें तो भिंडी के साथ खीरा, मटर, नेनुआ और बींस भी लगा सकते हैं। इससे एक ही खेत से कई फसलों की उपज मिलती है और मुनाफा बढ़ जाता है।
खीरा और भिंडी की जरूरतें लगभग एक जैसी
साकेंद्र यादव बताते हैं कि खीरा और भिंडी दोनों फसलों को उपजाऊ मिट्टी और पर्याप्त पानी की जरूरत होती है, इसलिए इन दोनों को साथ उगाना आसान रहता है। हालांकि खीरे की बेलें दूर तक फैलती हैं, इसलिए दोनों फसलों के बीच पर्याप्त दूरी बनाकर रखनी चाहिए, ताकि भिंडी के पौधों को भरपूर धूप मिलती रहे और उनकी बढ़वार प्रभावित न हो।
मटर से मिट्टी में बढ़ती है नाइट्रोजन की मात्रा
साकेंद्र यादव के अनुसार मटर की खेती मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाने का भी काम करती है। इससे रासायनिक नाइट्रोजन उर्वरकों पर निर्भरता कम हो जाती है और खेती की लागत भी घटती है। उन्होंने कहा कि इस सीजन में मिश्रित खेती करते समय कुछ बातों का खास ध्यान रखना जरूरी है, तभी अच्छी पैदावार मिल पाती है।
अच्छी पैदावार के लिए किन बातों का रखें ध्यान
साकेंद्र यादव कहते हैं कि भिंडी की बेहतर पैदावार के लिए खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि पानी जमा न हो। साथ ही हमेशा प्रमाणित बीज का ही इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा समय-समय पर निराई-गुड़ाई करते रहना चाहिए और फसल में कीट व रोग की भी लगातार निगरानी करनी चाहिए, जिससे किसी भी नुकसान से पहले ही बचाव किया जा सके।











