बीरमपुर के किसानों ने सब्जी की खेती से बदली गांव की तकदीर, पक्के मकान से बेहतर शिक्षा तक सब मुमकिनसक्सेस स्टोरी
2 घंटे पहले· 2

बीरमपुर के किसानों ने सब्जी की खेती से बदली गांव की तकदीर, पक्के मकान से बेहतर शिक्षा तक सब मुमकिन

भोजपुर जिले के बीरमपुर गांव की करीब 90 प्रतिशत आबादी सब्जी की खेती और उससे जुड़े कारोबार पर निर्भर है, जिसकी वजह से इसे अब सब्जी वाला गांव कहा जाने लगा है और यहां की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल गई है.

भोजपुर जिले का बीरमपुर गांव अब सिर्फ नक्शे पर एक नाम नहीं रहा, बल्कि मेहनत और सब्जी की खेती के दम पर पूरे जिले में इसकी अलग पहचान बन गई है. यहां की करीब 90 प्रतिशत आबादी सीधे तौर पर सब्जी की खेती और उससे जुड़े कारोबार से जुड़ी है, यही वजह है कि लोग अब इसे प्यार से सब्जी वाला गांव कहने लगे हैं.

यहां के किसान सिर्फ अपने ही गांव की जमीन तक सीमित नहीं रहते. बेहतर पैदावार के लिए वे आसपास की कई पंचायतों और गांवों में जमीन लेकर बड़े स्तर पर सब्जियों की खेती करते हैं. साल के अलग-अलग मौसम के हिसाब से अलग-अलग फसलें उगाई जाती हैं, जिससे बाजार में हर मौसम में ताजी सब्जियों की आपूर्ति बनी रहती है. गांव में परवल को छोड़ दें तो लगभग हर तरह की सब्जी उगाई जाती है. खासतौर पर भिंडी, बैंगन, आलू, गोभी, टमाटर, मिर्च, लौकी, कद्दू और बाकी मौसमी सब्जियों की खेती यहां बड़े पैमाने पर होती है.

ये भी पढ़ें

एक किसान की मेहनत से कई घरों का चूल्हा जलता है

गांव के किसान मुना कुमार बताते हैं कि यहां खेती अब सिर्फ रोजी रोटी चलाने का जरिया नहीं रह गई, बल्कि यह एक कामयाब कारोबार बन चुकी है. गांव के ज्यादातर परिवार सिर्फ खेत जोतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सब्जियों की खरीद-बिक्री, उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने और मंडी तक ले जाने के काम से भी जुड़े हुए हैं. यानी एक किसान की मेहनत से गांव के कई और लोगों को भी रोजगार मिल जाता है.

कायमनगर की मंडी बनी किसानों का सबसे बड़ा सहारा

बीरमपुर की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि यहां होने वाले भारी उत्पादन को देखते हुए भोजपुर जिले की मुख्य सब्जी मंडी अब गांव के करीब बसे कायमनगर में लगने लगी है. इसका सीधा फायदा यह हुआ कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अब लंबा सफर नहीं तय करना पड़ता. सुबह-सुबह व्यापारी सीधे इसी मंडी में पहुंचकर किसानों से ताजी सब्जियां खरीदते हैं, जिससे किसानों को समय पर सही दाम मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है.

पक्के मकान से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक बदली तस्वीर

सब्जी की खेती ने बीरमपुर की पूरी आर्थिक तस्वीर बदल दी है. गांव के कई परिवारों ने खेती से हुई कमाई के दम पर पक्के मकान बनवाए हैं, अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ा रहे हैं और आधुनिक कृषि उपकरण खरीदकर अपनी खेती को और बेहतर बना रहे हैं. गांव की नई पीढ़ी भी अब खेती को घाटे का सौदा नहीं बल्कि फायदे का व्यवसाय मानते हुए इस काम से जुड़ रही है.

वैज्ञानिक तरीके और आधुनिक तकनीक बनी सफलता की कुंजी

बीरमपुर के किसानों ने यह साबित कर दिया है कि अगर खेती वैज्ञानिक तरीके से की जाए, बाजार की मांग को समझकर सही फसल चुनी जाए और मेहनत के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाए, तो खेती से भी सम्मानजनक और स्थायी कमाई की जा सकती है. आज बीरमपुर सिर्फ एक गांव नहीं रहा, बल्कि यह ग्रामीण आत्मनिर्भरता और खेती आधारित अर्थव्यवस्था की एक कामयाब मिसाल बन चुका है. यह गांव उन किसानों के लिए भी एक प्रेरणा है जो पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर सब्जी उत्पादन के जरिए अपनी आमदनी बढ़ाना चाहते हैं. बीरमपुर की यह कामयाबी यह भी बताती है कि गांवों की असली ताकत उनकी खेती में ही छिपी है और सही दिशा में की गई मेहनत पूरे इलाके की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है.

सवाल-जवाब

बीरमपुर गांव कहां स्थित है?
बीरमपुर गांव भोजपुर जिले में स्थित है.
बीरमपुर को सब्जी वाला गांव क्यों कहा जाता है?
क्योंकि यहां की करीब 90 प्रतिशत आबादी सब्जी की खेती और उससे जुड़े कारोबार पर निर्भर है.
बीरमपुर में कौन-कौन सी सब्जियां उगाई जाती हैं?
परवल छोड़कर लगभग सभी सब्जियां उगाई जाती हैं, खासकर भिंडी, बैंगन, आलू, गोभी, टमाटर, मिर्च, लौकी और कद्दू.
भोजपुर की मुख्य सब्जी मंडी अब कहां लगती है?
भोजपुर जिले की प्रमुख सब्जी मंडी अब बीरमपुर गांव के पास स्थित कायमनगर में लगती है.
क्या बीरमपुर के किसान सिर्फ अपने ही गांव में खेती करते हैं?
नहीं, वे बेहतर उत्पादन के लिए आसपास की कई पंचायतों और गांवों में भी जमीन लेकर खेती करते हैं.
सब्जी की खेती से गांव में क्या-क्या बदलाव आए हैं?
कई परिवारों ने पक्के मकान बनवाए हैं, बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला रहे हैं और आधुनिक कृषि उपकरण खरीद रहे हैं.

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR