रजनीकांत की 'धर्मन' में हुई नयनतारा की एंट्री, पांच साल बाद दोनों कलाकार आएंगे साथ नजरपाकिस्तान क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव, फॉर्म से जूझ रहे सैम अयूब बाहर और साहिबजादा फरहान की एंट्रीबॉलीवुड दिवाली पार्टी शेड्यूल: अक्षय से मनीष मल्होत्रा तक के घर सजेगी महफिल, सुरक्षा और पैपराजी पर सख्त नियमभारत ए और न्यूजीलैंड ए के मुकाबले में पलटा पासा, मेहमान टीम पर मजबूत बढ़त हासिलरणबीर कपूर की 'रामायण' रिव्यू (2026): कास्ट, बजट, रनटाइम और रिलीज से जुड़ी पूरी जानकारीशिल्पा राव का असली नाम क्या था? जानिए इस मशहूर गायिका के शुरुआती संघर्ष से लेकर ग्रैमी और नेशनल अवॉर्ड तक का सफरकौन होणार करोड़पति में सचिन पिलगांवकर ने सुनाया किस्सा, साड़ी में देखकर सास भी खा गई थीं गच्चाअसिन और राहुल शर्मा की बेटी अरिन सात साल की उम्र में बोलती हैं 12 भाषाएं, घर में टीवी और मोबाइल का उपयोग वर्जितसाई पल्लवी का जलवा, धनुष के साथ 'ओम' में खाकी वर्दी में दिखेंगी एक्ट्रेसजेलर 2 रिव्यू (2026): रजनीकांत की फिल्म ने हिलाया बॉक्स ऑफिस, हनुमान अंश और दृश्यम 3 को तगड़ा झटका
बिहार के किसानों को बड़ी राहत, भागलपुर में तैयार विंटर डॉन पौधों से महाराष्ट्र पर निर्भरता खत्मसक्सेस स्टोरी
27 अग॰ 2026, 8:19 pm (63 दिन पहले)· 2

बिहार के किसानों को बड़ी राहत, भागलपुर में तैयार विंटर डॉन पौधों से महाराष्ट्र पर निर्भरता खत्म

भागलपुर के किसान गूंजेश गुंजन ने इटली की विंटर डॉन स्ट्रॉबेरी किस्म के पौधे स्थानीय स्तर पर तैयार किए हैं। अब किसानों को 14 रुपये के बजाय महज 10 रुपये में पौधे उपलब्ध होंगे।

बिहार के भागलपुर जिले में पारंपरिक फसलों को छोड़कर अधिक मुनाफा देने वाली बागवानी की ओर किसानों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। मौसमी सब्जियों और फलों की खेती में स्ट्रॉबेरी अब एक प्रमुख विकल्प बनकर उभरी है। हालांकि स्ट्रॉबेरी की खेती में शुरुआती लागत और महंगे पौधों का चयन हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। इस समस्या का समाधान तलाशते हुए स्थानीय स्तर पर ही पौधे तैयार करने की सफल कोशिश की गई है।

भागलपुर में तैयार हुए विंटर डॉन के पौधे

बागवानी के क्षेत्र में काम कर रहे किसान गूंजेश गुंजन ने स्ट्रॉबेरी की खेती को आसान और किफायती बनाने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने इटली की प्रसिद्ध किस्म विंटर डॉन के पौधों को भागलपुर की जलवायु के अनुकूल स्थानीय स्तर पर तैयार करने में सफलता हासिल की है। अब तक राज्य के किसानों को इन पौधों की आपूर्ति के लिए पूरी तरह अन्य राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता था।

ये भी पढ़ें

लागत में गिरावट और स्थानीय वातावरण का फायदा

पहले बिहार के किसान महाराष्ट्र से विंटर डॉन किस्म के पौधे 14 रुपये प्रति पौधे की दर से मंगवाते थे, जिससे परिवहन और पौधे खराब होने का जोखिम बना रहता था। गूंजेश गुंजन अब यही पौधे स्थानीय किसानों को मात्र 10 रुपये प्रति पौधे की कीमत पर उपलब्ध करा रहे हैं। स्थानीय पर्यावरण में तैयार होने के कारण इन पौधों की सहनशीलता अधिक है और खेतों में रोपते ही इनकी वृद्धि तेजी से होती है, जिससे फल की गुणवत्ता में सुधार आता है।

मार्च के अंत तक लगातार फलन और अधिक उपज

विंटर डॉन किस्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी उच्च उत्पादन क्षमता है। यह किस्म अन्य साधारण प्रजातियों की तुलना में अधिक उपज देती है और मार्च के अंतिम सप्ताह तक इसमें लगातार फल आते रहते हैं। इसके अलावा इस किस्म के फलों की भण्डारण क्षमता यानी शेल्फ लाइफ काफी बेहतर होती है, जिससे दूर-दराज के बाजारों तक भेजने में सड़ने का खतरा कम रहता है।

स्थानीय बाजार में बढ़ी मांग और उपभोक्ताओं को लाभ

क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी का उत्पादन बढ़ने से स्थानीय बाजारों में ताजा फल आसानी से बिक्री के लिए उपलब्ध हो रहे हैं। उपभोक्ताओं को अब सस्ते दामों पर ताजा स्ट्रॉबेरी मिल रही है, जिससे इसकी मांग लगातार बनी हुई है। बाजार में मजबूत मांग के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

सवाल-जवाब

भागलपुर में विंटर डॉन स्ट्रॉबेरी के पौधे की कीमत क्या है?
भागलपुर में तैयार विंटर डॉन स्ट्रॉबेरी का पौधा किसानों को मात्र 10 रुपये प्रति पौधे की कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
महाराष्ट्र से आने वाले पौधे की तुलना में स्थानीय पौधे में कितनी बचत हो रही है?
महाराष्ट्र से आने वाले पौधे की कीमत 14 रुपये थी, जबकि स्थानीय पौधा 10 रुपये में मिलने से किसानों को प्रति पौधा 4 रुपये की बचत हो रही है।
विंटर डॉन स्ट्रॉबेरी किस देश की किस्म है?
विंटर डॉन स्ट्रॉबेरी इटली की एक प्रसिद्ध और उच्च उपज देने वाली किस्म है।
विंटर डॉन किस्म की मुख्य खासियत क्या है?
यह किस्म मार्च के अंत तक लगातार फलन देती है, इसकी उत्पादन क्षमता अधिक है और इसके फलों की भण्डारण क्षमता बेहतर होती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp