उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की रहने वाली आयुषी राज स्थानीय महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए एक सराहनीय कार्य कर रही हैं। घर और परिवार की जिम्मेदारियों में उलझी महिलाओं को अक्सर अपने स्वास्थ्य के लिए समय नहीं मिल पाता है। इसी जरूरत को समझते हुए आयुषी ने महिलाओं को सेहतमंद और आत्मविश्वासी बनाने का बीड़ा उठाया है। वह न केवल महिलाओं को नियमित फिटनेस का पाठ पढ़ा रही हैं, बल्कि जरूरतमंदों को बिना किसी शुल्क के प्रशिक्षण भी दे रही हैं।
लखनऊ से डिग्री हासिल कर शुरू किया संस्थान
आयुषी राज ने अपनी उच्च शिक्षा के दौरान लखनऊ में रहकर योग विज्ञान में बाकायदा डिग्री हासिल की थी। नियमित योगाभ्यास से जब उन्हें खुद शारीरिक मजबूती और मानसिक शांति का अनुभव हुआ, तो उन्होंने इस लाभ को अन्य महिलाओं तक पहुंचाने का फैसला किया। इसी सोच के साथ उन्होंने गोंडा में उड़ान अकादमी की स्थापना की, जो पिछले करीब पांच वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इस संस्थान के जरिए सैकड़ों महिलाएं फिटनेस और बेहतर जीवनशैली की ओर कदम बढ़ा चुकी हैं।
पारंपरिक योग के साथ आधुनिक फिटनेस पद्धतियां
उड़ान अकादमी में महिलाओं की रुचि और सुविधा के अनुसार विभिन्न प्रकार की फिटनेस गतिविधियों को शामिल किया गया है। यहाँ महिलाओं को पारंपरिक योग के अलावा जुंबा, एरोबिक्स, कार्डियो और आधुनिक योग की अलग-अलग पद्धतियां सिखाई जाती हैं। आयुषी का मुख्य उद्देश्य केवल वजन घटाना या कसरत कराना नहीं, बल्कि महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास जगाना और उन्हें एक स्वस्थ जीवन शैली प्रदान करना है।
आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए निशुल्क सुविधा
इस अकादमी की सबसे बड़ी खासियत सामाजिक सरोकार से जुड़ा इसका निशुल्क प्रशिक्षण मॉडल है। आयुषी राज आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद महिलाओं से कोई फीस नहीं लेती हैं। उनका प्रयास है कि धन के अभाव में कोई भी महिला स्वास्थ्य लाभ से वंचित न रहे। वह अधिक से अधिक महिलाओं को इस स्वास्थ्य अभियान से जोड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहती हैं।
महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव
अकादमी से जुड़कर योग सीख रही रुचि शुक्ला बताती हैं कि पहले उनका जीवन केवल घरेलू कामकाज तक ही सीमित था। नियमित योग शुरू करने के बाद उनकी सेहत में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और अब आसपास की अन्य महिलाएं भी उनसे स्वास्थ्य संबंधी सलाह लेने लगी हैं। वहीं अनीता सिंह का मानना है कि महिलाओं के लिए घर की चौखट से बाहर निकलकर कुछ नया सीखना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और बेहतर जीवन जीने की कला सिखाता है। आयुषी राज का मानना है कि यदि हर महिला रोजाना थोड़ा समय योग के लिए निकाले, तो बीमारियों से बचकर जीवन को खुशहाल बनाया जा सकता है।



















