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जहानाबाद के किसान देव शरण प्रसाद ने 25 कट्ठा जमीन पर बनाया बहुआयामी कृषि मॉडल, छह व्यवसायों से हो रही रोजाना कमाईसक्सेस स्टोरी
27 अग॰ 2026, 11:05 am (1 दिन पहले)· 1

जहानाबाद के किसान देव शरण प्रसाद ने 25 कट्ठा जमीन पर बनाया बहुआयामी कृषि मॉडल, छह व्यवसायों से हो रही रोजाना कमाई

बिहार के जहानाबाद जिले में एक पूर्व प्रवासी मजदूर देव शरण प्रसाद ने अपनी 25 कट्ठा जमीन पर मछली, झींगा, बकरी, मवेशी, मुर्गी और बटेर पालन का एकीकृत मॉडल तैयार कर निरंतर आमदनी की मिसाल कायम की है।

रोजगार की तलाश में गांव छोड़कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने वाले लोगों के लिए बिहार के जहानाबाद जिले का एक उदाहरण नई दिशा दिखा रहा है। मखदुमपुर प्रखंड के निवासी किसान देव शरण प्रसाद ने कभी बाहर जाकर मजदूरी करने की मजबूरी का सामना किया था। हालांकि जानकारी के अभाव, सटीक रणनीति की कमी और पूंजी की किल्लत जैसी समस्याओं के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी ही भूमि पर एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाकर एक ऐसा टिकाऊ मॉडल विकसित किया है, जिसने उनके जीवन को पूरी तरह बदलकर रख दिया है।

एक ही जमीन पर छह अलग-अलग व्यवसायों का समायोजन

देव शरण प्रसाद ने अपनी 25 कट्ठा जमीन यानी एक एकड़ से अधिक क्षेत्र में एकीकृत मछली पालन मॉडल तैयार किया है। उनका मानना है कि पारंपरिक कृषि में अक्सर एक समय पर एक ही फसल से कमाई होती है, जिससे किसानों को वित्तीय अनिश्चितता झेलनी पड़ती है। इस समस्या से निपटने के लिए उन्होंने अपनी जमीन पर एक साथ छह विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों को जोड़ा है। उनके इस फार्म में मछली पालन, झींगा पालन, बकरी पालन, गौ पालन, मुर्गी पालन और बटेर पालन का संपूर्ण इंतजाम मौजूद है।

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स्थान का कुशल प्रबंधन और सटीक लेआउट

25 कट्ठा की सीमित भूमि पर इतने सारे व्यवसायों को एक साथ संचालित करने के लिए किसान ने जगह का बेहद वैज्ञानिक और व्यवस्थित ढंग से उपयोग किया है। उन्होंने पूरे परिसर का नक्शा इस तरह तैयार किया है कि प्रत्येक पशु और जीव के लिए उचित स्थान मिल सके। तालाब की मेड़ वाले हिस्से का उपयोग मछली फार्म के रूप में किया गया है। मुख्य प्रवेश द्वार के पास बकरी पालन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा परिसर के एक कोने में गौ पालन यानी पशु धन के लिए स्थान निर्धारित किया गया है, जबकि दूसरे कोने में झींगा पालन की व्यवस्था की गई है। इस तरह एक ही भूखंड में सभी गतिविधियों को सुचारू रूप से सेट कर दिया गया है।

दैनिक और वार्षिक आय का अनूठा अर्थशास्त्र

किसान देव शरण प्रसाद की व्यावसायिक रणनीति का मुख्य आधार बहुआयामी आय स्रोत निर्मित करना है। उनका कहना है कि यदि एक खेत में केवल एक ही फसल लगाई जाए तो कमाई का केवल एक जरिया रहता है, लेकिन जब एक ही स्थान पर पांच या छह गतिविधियां व्यवस्थित रूप से चलाई जाती हैं तो कमाई के पांच अलग-अलग रास्ते खुल जाते हैं। यह मॉडल आय का वैकल्पिक ढांचा प्रदान करता है। उदाहरण के लिए, किसी दिन बटेर बिक्री से पैसा आता है, तो किसी दिन मुर्गी पालन या गौ पालन से आय होती है। यदि प्रत्येक गतिविधि से प्रतिदिन 1 रुपये से 50 रुपये तक प्राप्त होते हैं, तो पांचों गतिविधियों को मिलाकर प्रतिदिन 250 रुपये की प्राप्ति हो सकती है। इस निरंतर चक्र से साल भर घर में पैसे का प्रवाह बना रहता है।

स्थानीय स्तर पर रोजगार और किसानों के लिए नया दृष्टिकोण

पूंजी और जानकारी की कमी से जूझ रहे ग्रामीण युवाओं के लिए देव शरण प्रसाद का यह प्रयोग एक सीख है। वे अन्य किसानों और इच्छुक उद्यमियों को सलाह देते हैं कि उन्हें अपनी सोच को विकसित करते हुए ऐसे मॉडल पर काम करना चाहिए, जिससे एक ही समय में कई स्रोतों से लाभ मिल सके। अपने घर पर रहकर आत्मनिर्भर बनने और साल भर सम्मानजनक कमाई करने का यह एकीकृत मॉडल अन्य कृषकों को भी पारंपरिक खेती से हटकर नए रास्ते अपनाने की प्रेरणा दे रहा है।

सवाल-जवाब

देव शरण प्रसाद कहां के निवासी हैं और उन्होंने कितनी जमीन पर यह फार्म तैयार किया है?
देव शरण प्रसाद बिहार के जहानाबाद जिले स्थित मखदुमपुर प्रखंड के निवासी हैं और उन्होंने अपनी 25 कट्ठा (एक एकड़ से अधिक) जमीन पर यह फार्म तैयार किया है।
देव शरण प्रसाद के एकीकृत फार्म में कौन-कौन से 6 व्यवसाय शामिल हैं?
उनके फार्म में मछली पालन, झींगा पालन, बकरी पालन, गौ पालन, मुर्गी पालन और बटेर पालन शामिल हैं।
25 कट्ठा जमीन पर इस फार्म की क्या बनावट और लेआउट है?
उन्होंने तालाब की मेड़ पर मछली फार्म, मुख्य दरवाजे पर बकरी पालन, एक कोने में गौ पालन और दूसरे कोने में झींगा पालन सेट किया है।
इस एकीकृत कृषि मॉडल से दैनिक कमाई का क्या अनुमान है?
यदि प्रत्येक गतिविधि से प्रतिदिन 1 रुपये से 50 रुपये प्राप्त होते हैं, तो पांचों गतिविधियों से मिलाकर रोजाना 250 रुपये तक की कमाई हो सकती है।
देव शरण प्रसाद ने बाहर जाकर मजदूरी क्यों छोड़ी?
उन्होंने अपनी जमीन पर आत्मनिर्भर बनने की जिद्द के साथ 25 कट्ठा में एकीकृत मॉडल तैयार किया, ताकि घर पर ही बहुआयामी स्रोतों से साल भर कमाई हो सके।
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