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गोबर से लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां बनाकर आत्मनिर्भर बनेंगी फिरोजाबाद की महिलाएं, आरसेटी सेंटर में मिला फ्री प्रशिक्षण और लोन का मौकासक्सेस स्टोरी
27 अग॰ 2026, 8:54 am (64 दिन पहले)· 2

गोबर से लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां बनाकर आत्मनिर्भर बनेंगी फिरोजाबाद की महिलाएं, आरसेटी सेंटर में मिला फ्री प्रशिक्षण और लोन का मौका

फिरोजाबाद के उसाइनी स्थित आरसेटी सेंटर में ग्रामीण महिलाओं को गाय के गोबर से मूर्तियां, दीपक और अगरबत्ती बनाने की 13 दिवसीय फ्री ट्रेनिंग दी जा रही है। काम शुरू करने के लिए बिजनेस लोन की सुविधा भी मिलेगी।

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से एक विशेष पहल शुरू की गई है। आमतौर पर घर के दैनिक कामकाज तक सीमित रहने वाली महिलाओं को अब पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के निर्माण का हुनर सिखाया जा रहा है। उसाइनी स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) केंद्र पर महिलाओं को गाय के गोबर से सुंदर मूर्तियां, दीपक और धूपबत्ती बनाने की नि:शुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें अपने घर से ही नया व्यवसाय शुरू करने के योग्य बनाना है।

ग्रामीण महिलाओं के लिए घर बैठे आय का नया जरिया

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली बहुत सी महिलाओं की इच्छा होती है कि वे स्वयं की आय अर्जित करें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सहयोग दें। हालांकि, कई परिवारों में महिलाओं को बाहर जाकर नियमित नौकरी करने की अनुमति नहीं मिलती है। इसी समस्या का व्यावहारिक समाधान तलाशते हुए गाय के गोबर से विभिन्न प्रकार की वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण तैयार किया गया है। गोबर को सुखाकर, उसका पाउडर बनाकर और उसमें कुछ आवश्यक सामग्रियां मिलाकर लक्ष्मी-गणेश की आकर्षक मूर्तियां, पूजा के दीपक, अगरबत्ती और धूपबत्ती तैयार की जा रही हैं। इस प्रक्रिया से निर्मित उत्पाद पूरी तरह से प्राकृतिक होते हैं और स्थानीय बाजार में इनकी मांग भी बनी रहती है।

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13 दिवसीय प्रशिक्षण में सिखाई जा रही है निर्माण तकनीक

आरसेटी सेंटर में सूक्ष्म उद्यमियों के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीडी) आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण देने वाले राहुल सक्सेना के अनुसार, यह विशेष कार्यशाला लगभग 13 दिनों तक संचालित होगी। इसमें गांव की सामान्य महिलाओं के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सदस्यों को भी शामिल किया गया है। राहुल सक्सेना ने स्पष्ट किया कि इससे पूर्व भी कई महिलाओं को इसी प्रकार का प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जो वर्तमान में अपने घरों से ही बेहतर उत्पादन कर नियमित कमाई कर रही हैं। 13 दिनों के इस पाठ्यक्रम में कच्चे माल की प्रोसेसिंग से लेकर तैयार माल के फिनिशिंग कार्य तक की बारीकियां समझाई जा रही हैं।

सामाजिक बंदिशों को पीछे छोड़ आत्मनिर्भर बनतीं महिलाएं

इस नि:शुल्क प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुई टूंडला निवासी तरुणा भारद्वाज ने बताया कि वे पहले केवल घरेलू कार्यों में व्यस्त रहती थीं। जब उन्हें किसी अन्य महिला के माध्यम से इस केंद्र की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत इसमें पंजीकरण कराया। तरुणा के अनुसार, वे यहाँ गोबर से लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और मिट्टी की तर्ज पर टिकाऊ दीपक बनाना सीख रही हैं, जिन्हें वे अपने घर पर बनाकर आसानी से बेच सकेंगी। इसी तरह महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी उमलेश ने कहा कि बाहर जाकर नौकरी करना उनके लिए संभव नहीं था। लेकिन घर बैठे गोबर का पाउडर बनाकर हस्तशिल्प उत्पाद तैयार करने से वे अपनी स्वतंत्रता के साथ आय अर्जित कर सकती हैं।

व्यवसाय स्थापित करने के लिए मिलेगा आसान लोन

प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद यदि कोई महिला अपना गृह उद्योग या सूक्ष्म व्यवसाय स्थापित करना चाहती है, तो उसे आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा। आरसेटी केंद्र प्रबंधन ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं को अपना उद्यम शुरू करने के लिए बिजनेस लोन दिलाने में पूरी सहायता की जाएगी। इस योजना के तहत बैंक से वित्तीय मदद मिलने के बाद महिलाएं कच्चा माल और मशीनरी खरीदकर बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर सकेंगी। इस कदम से न केवल फिरोजाबाद की महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर लघु और कुटीर उद्योगों को भी नई दिशा मिल रही है।

सवाल-जवाब

फिरोजाबाद में महिलाओं को किस चीज़ की ट्रेनिंग दी जा रही है?
महिलाओं को गाय के गोबर से लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, दीपक, धूपबत्ती और अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कहाँ आयोजित किया जा रहा है?
यह 13 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम फिरोजाबाद के उसाइनी स्थित आरसेटी (RSETI) सेंटर पर आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को क्या आर्थिक सहायता मिलेगी?
प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद अपना व्यवसाय शुरू करने की इच्छुक महिलाओं को आरसेटी सेंटर के माध्यम से बिजनेस लोन की सुविधा दिलाई जाएगी।
इस प्रशिक्षण में कौन भाग ले रहा है?
इस कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सदस्य हिस्सा ले रही हैं।
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