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बिहार की काजल पाठक ने नीट पीजी में गाड़े झंडे, पहले ही प्रयास में हासिल की एआईआर-3सक्सेस स्टोरी
26 सित॰ 2026, 9:51 pm (3 मिनट पहले)· 0

बिहार की काजल पाठक ने नीट पीजी में गाड़े झंडे, पहले ही प्रयास में हासिल की एआईआर-3

मधुबनी जिले के बेनीपट्टी की रहने वाली काजल पाठक ने नीट पीजी परीक्षा में देश भर में तीसरा स्थान हासिल कर सूबे का मान बढ़ाया है। उन्होंने यह शानदार सफलता नौकरी और इंटर्नशिप के साथ रोजाना छह घंटे की पढ़ाई करके पहले ही प्रयास में पाई है।

मधुबनी की होनहार बेटी ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर पूरे देश में बिहार का गौरव बढ़ाया है। मधुबनी जिले के बेनीपट्टी कस्बे से ताल्लुक रखने वाली काजल पाठक ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातकोत्तर यानी नीट पीजी में ऑल इंडिया रैंक-3 हासिल करके इतिहास रच दिया है। सबसे खास बात यह है कि उन्होंने इस कठिन परीक्षा में यह बड़ी कामयाबी अपने पहले ही प्रयास में हासिल की है। देश भर के लाखों परीक्षतियो के बीच इतनी ऊंची रैंक पाना उनकी लगन और अकादमिक उत्कृष्टता को स्पष्ट रूप से बयां करता है।

पहले ही प्रयास में बना लिया था टॉप-3 में आने का मन

काजल पाठक ने अपनी तैयारी के सफर के बारे में बात करते हुए साझा किया कि उन्होंने आरंभ से ही अपना ध्येय बिल्कुल स्पष्ट रखा था। उनकी दिली ख्वाहिश थी कि वह पहले ही प्रयास में इतनी बेहतरीन रैंक हासिल करें जिससे उन्हें देश की राजधानी दिल्ली में अपनी पसंद का प्रमुख मेडिकल कॉलेज मिल सके। हालांकि, अपनी मेडिकल इंटर्नशिप और नौकरी के साथ इस प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी को संतुलित करना उनके लिए कतई आसान नहीं था। कामकाज के चलते उनके पास समय की खासी कमी रहती थी, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और हर दिन हर हाल में करीब 6 घंटे पढ़ाई के लिए निकाले।

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आखिरी महीनों में झोंक दी पूरी ताकत

परीक्षा की तारीख नजदीक आते ही काजल ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और परीक्षा से ठीक पहले के आखिरी तीन महीनों के दौरान वह अपने गांव लौट आईं। गांव के शांत माहौल में उन्होंने पूरी तरह से अपनी किताबों और पढ़ाई पर फोकस किया। इस अंतिम चरण में उन्होंने अपनी पढ़ाई का दायरा बढ़ाते हुए रोजाना लगभग 14 घंटे तक कठिन परिश्रम किया। काजल का कहना है कि उनकी मूल योजना देश भर में टॉप-100 के भीतर जगह बनाने की थी और उन्हें यह उम्मीद भी थी कि अगर थोड़ी बहुत चूक हो भी गई तो वह टॉप-500 में तो आ ही जाएंगी। लेकिन ऑल इंडिया स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त करना उनके खुद के लिए भी एक बेहद सुखद और गौरवान्वित करने वाला क्षण है।

दिल्ली से पूरी की एमबीबीएस की पढ़ाई

शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो काजल पाठक ने अपनी शुरुआती शिक्षा बारहवीं कक्षा तक अपने गृह नगर बेनीपट्टी से ही पूरी की थी। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने पहले पटना और फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, जहां से उन्होंने अपनी एमबीबीएस की डिग्री पूरी की। एमबीबीएस पूरा करने के बाद वह वर्तमान में अपनी इंटर्नशिप और नौकरी की जिम्मेदारियों को निभा रही हैं। इन तमाम व्यावसायिक और व्यावहारिक दायित्वों के बीच तालमेल बिठाते हुए नीट जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक को क्रैक करना वाकई प्रेरणादायक है। उनका मानना है कि किसी भी बड़े मुकाम को हासिल करने के लिए सबसे पहले आपके मन में एक स्पष्ट दृष्टिकोण होना अनिवार्य है।

दो दशकों से अधिक समय से ट्यूशन चलाते हैं पिता

इस प्रतिभाशाली डॉक्टर के पारिवारिक परिवेश की बात करें तो उनके परिवार में माता-पिता और दो भाइयों समेत कुल पांच सदस्य रहते हैं। उनके पिता राजमोहन पाठक पिछले करीब 26 सालों से लगातार अपने गांव में ही एक ट्यूशन संस्थान का संचालन कर रहे हैं। वहीं उनकी माताजी एक कुशल गृहणी हैं और परिवार की देखरेख करती हैं। पिता राजमोहन पाठक का मानना है कि बच्चों की जिंदगी को संवारने और उन्हें सही मुकाम तक पहुंचाने के लिए उचित दिशा और निरंतर मार्गदर्शन का होना सबसे ज्यादा जरूरी है। उनका यह भी कहना है कि अभिभावकों का यह कर्तव्य बनता है कि वे बच्चों को पढ़ाई के प्रति हमेशा प्रेरित रखें और उन्हें आधुनिक युग के भटकाव यानी मोबाइल फोन के अनावश्यक इस्तेमाल से दूर रखें।

सवाल-जवाब

काजल पाठक ने नीट पीजी में कौन सी रैंक हासिल की है?
काजल पाठक ने नीट पीजी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-3 यानी तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
काजल ने यह सफलता किस प्रयास में हासिल की है?
उन्होंने यह प्रतिष्ठित सफलता अपने पहले ही प्रयास में हासिल की है।
तैयारी के दौरान काजल रोजाना कितने घंटे पढ़ाई करती थीं?
नौकरी और इंटर्नशिप के दौरान वह रोजाना लगभग 6 घंटे पढ़ाई करती थीं, जबकि परीक्षा से पहले के आखिरी तीन महीनों में उन्होंने रोजाना 14 घंटे पढ़ाई की।
काजल ने अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई कहां से पूरी की है?
उन्होंने अपनी एमबीबीएस की डिग्री देश की राजधानी दिल्ली से पूरी की है।
काजल के पिता क्या काम करते हैं?
उनके पिता राजमोहन पाठक पिछले करीब 26 वर्षों से अपने गांव में एक ट्यूशन संस्थान चलाते हैं।
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