ईरान के सात दिवसीय युद्धविराम प्रस्ताव को डोनाल्ड ट्रंप ने नकारा, अमेरिकी चुनाव के बाद नए सैन्य हमलों की आशंकारूखी त्वचा में नमी लौटाने के लिए घर पर तैयार करें जापानी चावल का पानीमुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ी सीजेपी, 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन की चेतावनीआईआईएम अहमदाबाद और बेंगलुरु में सिर्फ 99.9 परसेंटाइल से नहीं मिलेगी सीट, जानिए किन बातों से मजबूत बनता है प्रोफाइलसिख धर्म के तीसरे गुरु अमरदास जी को अमित शाह और अन्य नेताओं ने किया नमनप्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का दौरा, कई विकास कार्यों की देंगे सौगातनीम करोली बाबा के जीवन पर बनी 'हनुमान अंश' ने थिएटर्स में पूरे किए 50 दिन, कुल कमाई पहुंची 381 करोड़ के पाररात में चावल या रोटी खाने से मोटापा बढ़ने के दावे पर क्या है सच? फरीदाबाद की एक्सपर्ट ने दी सही सलाहपटना में उधारी के विवाद पर युवक पर उड़ेला पेट्रोल, आग लगाने के फेर में पास खड़ा ग्राहक भी झुलसानासा के ऐतिहासिक स्विफ्ट टेलीस्कोप को बचाने की कोशिश नाकाम, वायुमंडल में जलकर खाक हुआ लिंक स्पेसक्राफ्ट
जहानाबाद के अरविंद ने 2 गायों से शुरू किया डेयरी फार्म, अब रोजाना 100 किलो से ज्यादा दूध बेचकर संवार रहे भविष्यसक्सेस स्टोरी
26 सित॰ 2026, 8:45 am (25 मिनट पहले)· 0

जहानाबाद के अरविंद ने 2 गायों से शुरू किया डेयरी फार्म, अब रोजाना 100 किलो से ज्यादा दूध बेचकर संवार रहे भविष्य

बिहार के जहानाबाद जिले में आठवीं पास अरविंद कुमार ने सरकारी योजना की मदद से अपना डेयरी व्यवसाय बढ़ाया और अब 15 गायों के साथ रोजाना 100 किलो से अधिक दूध बेच रहे हैं।

बिहार के ग्रामीण अंचलों में कृषि के साथ-साथ पशुपालन की परंपरा काफी पुरानी और मजबूत रही है। गांवों में दुधारू मवेशी रखना केवल दूध की घरेलू जरूरत पूरी करने का जरिया नहीं रहा, बल्कि खाद के लिए गोबर और जुताई के लिए बैलों का उपयोग भी सदियों से होता रहा है। वक्त के साथ अब पशुपालन पारंपरिक ढर्रे से निकलकर एक संगठित और लाभदायक व्यवसाय का रूप ले चुका है। जहानाबाद जिले के कई किसान और युवा इसे आजीविका का मुख्य माध्यम बनाकर बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं।

आठवीं पास अरविंद ने तलाशा स्वरोजगार का रास्ता

जहानाबाद जिले के घोसी प्रखंड अंतर्गत साहोबिगहा ज्ञानगढ़ मठ गांव के रहने वाले अरविंद कुमार इस बदलाव का एक सटीक उदाहरण हैं। अरविंद सिर्फ आठवीं कक्षा तक पढ़े हैं और अपनी कम शैक्षणिक योग्यता के कारण नौकरी की तलाश में अक्सर चुनौतियों का सामना करते थे। उन्होंने गांव से बाहर जाने या हताश होने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही कुछ नया शुरू करने का मन बनाया। वर्ष 2024 में उन्होंने केवल 2 गायों के साथ डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की।

ये भी पढ़ें

सरकारी योजना बनी टर्निंग पॉइंट

शुरुआती दौर में अरविंद ने पूरी लगन के साथ दोनों गायों की देखभाल की और डेयरी के कामकाज की बारीकियां सीखीं। लगभग एक साल तक जमीनी स्तर पर कड़ी मेहनत करने के बाद उन्हें जिला पशुपालन कार्यालय के गव्य विकास प्रभाग में चल रही एक सरकारी योजना के बारे में पता चला। अरविंद ने तुरंत गव्य विकास कार्यालय जाकर योजना से जुड़ी सभी शर्तें समझीं और आवेदन पत्र जमा कर दिया। उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और योजना के सहयोग से उनके फार्म में गायों की संख्या बढ़कर 15 तक पहुंच गई।

प्रतिदिन एक क्विंटल से अधिक दूध का उत्पादन

मौजूदा समय में अरविंद के पास कई उन्नत नस्ल की दुधारू गायें हैं। इनमें से एक-दो गायों की बाजार कीमत 1 लाख रुपये से भी अधिक है। नस्ल सुधार और बेहतर रखरखाव के चलते उनके फार्म से रोजाना 100 किलोग्राम यानी एक क्विंटल से अधिक दूध का उत्पादन हो रहा है। इस दूध की नियमित बिक्री से उन्हें हर दिन अच्छी खासी आमदनी हो रही है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।

गांव में रहकर ही मिली पहचान और स्वावलंबन

अरविंद बताते हैं कि कम पढ़ा-लिखा होने की वजह से भविष्य को लेकर हमेशा चिंता रहती थी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कहा कि 15 गायों से हर दिन 100 किलो से अधिक दूध की आपूर्ति हो रही है, जिससे उन्हें बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ी और गांव में ही सम्मानजनक कमाई हो रही है। उनका मानना है कि सही योजना, सरकारी सहयोग और अटूट मेहनत के बल पर कोई भी व्यक्ति अपनी परिस्थिति बदल सकता है।

सवाल-जवाब

अरविंद कुमार कहां के रहने वाले हैं और उन्होंने व्यवसाय की शुरुआत कब की?
अरविंद कुमार बिहार के जहानाबाद जिले के घोसी प्रखंड स्थित साहोबिगहा ज्ञानगढ़ मठ गांव के निवासी हैं और उन्होंने 2024 में 2 गायों से डेयरी की शुरुआत की।
अरविंद का डेयरी फार्म 2 गायों से 15 गायों तक कैसे पहुंचा?
लगभग एक साल की मेहनत के बाद उन्होंने जिला पशुपालन कार्यालय के गव्य विकास प्रभाग की सरकारी योजना के तहत आवेदन किया, जिसके जरिए उनका फार्म 15 गायों तक विस्तारित हुआ।
वर्तमान में उनके फार्म से रोजाना कितना दूध बिकता है?
उनके डेयरी फार्म से हर दिन 100 किलोग्राम यानी 1 क्विंटल से अधिक दूध की आपूर्ति की जाती है।
अरविंद के पास मौजूद गायों की अनुमानित कीमत क्या है?
उनके पास कई अच्छी नस्ल की गायें हैं, जिनमें से एक-दो गायों की कीमत 1 लाख रुपये से भी अधिक है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp