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स्क्वाड्रन लीडर पल्लाक्षी प्रसाद ने रचा इतिहास, मिलिट्री हॉस्पिटल की नौकरी के साथ नीट पीजी में हासिल की दूसरी रैंकसक्सेस स्टोरी
26 सित॰ 2026, 3:51 pm (14 मिनट पहले)· 0

स्क्वाड्रन लीडर पल्लाक्षी प्रसाद ने रचा इतिहास, मिलिट्री हॉस्पिटल की नौकरी के साथ नीट पीजी में हासिल की दूसरी रैंक

कानपुर एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात स्क्वाड्रन लीडर पल्लाक्षी प्रसाद ने नीट पीजी 2026 में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की है। उन्होंने अपनी ड्यूटी संभालते हुए यह सफलता हासिल की और टॉपर से सिर्फ 8 नंबर पीछे रहीं।

देश की सबसे कठिन मेडिकल परीक्षाओं में गिनी जाने वाली नीट पीजी में एक एयरफोर्स अफसर ने अद्भुत सफलता हासिल की है। कानपुर एयरफोर्स स्टेशन पर मेडिकल ऑफिसर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रही स्क्वाड्रन लीडर पल्लाक्षी प्रसाद ने नीट पीजी 2026 में पूरे देश में दूसरी रैंक हासिल कर अपनी क्षमता का लोहा मनवा लिया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अगर किसी का इरादा पक्का हो और लगन सच्ची हो, तो नौकरी और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाना नामुमकिन नहीं होता है।

एएफएमसी पुणे की मेधावी छात्रा

आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज पुणे से अपनी पढ़ाई पूरी करने वाली पल्लाक्षी प्रसाद ने नीट पीजी 2026 परीक्षा में 720 में से कुल 633 अंक प्राप्त किए। इस बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की। खास बात यह है कि वह इस परीक्षा के ऑल इंडिया टॉपर डॉ. मोनीश से महज 8 अंकों के फासले से पीछे रहीं। उनकी यह कामयाबी उन तमाम उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो अक्सर नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने को असंभव मान लेते हैं।

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ड्यूटी के साथ कैसे की कठिन तैयारी

डॉक्टर्स के लिए नीट पीजी परीक्षा पास करना किसी चुनौती से कम नहीं होता है, लेकिन पल्लाक्षी प्रसाद के लिए यह सफर और भी ज्यादा कठिन था क्योंकि उन्हें अपनी मिलिट्री हॉस्पिटल की पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ पढ़ाई के लिए समय निकालना था। उनके पास कोई जादुई तरीका नहीं था, बल्कि उन्होंने अपने दैनिक रूटीन के अनुसार काम और पढ़ाई का एक प्रभावी तालमेल बैठाया। उन्होंने अपने समय का सदुपयोग करते हुए लगातार रिवीजन करने, ज्यादा से ज्यादा प्रश्न हल करने और ग्रैंड टेस्ट देने पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि उनका नाम इस परीक्षा के शीर्ष रैंकर्स की सूची में शामिल होगा।

एमबीबीएस के दिनों से मजबूत की नींव

पल्लाक्षी प्रसाद ने अपनी इस परीक्षा की तैयारी के लिए अंतिम समय का इंतजार नहीं किया था। उन्होंने अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई के चौथे साल से ही अपने बेसिक्स को मजबूत करना शुरू कर दिया था। अपने कॉन्सेप्ट्स को पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए उन्होंने एस दास क्लिनिकल सर्जरी मैनुअल और बैली एंड लव जैसी प्रतिष्ठित मेडिकल पुस्तकों का गहराई से अध्ययन किया था। उनका मानना है कि नीट पीजी का परीक्षा पैटर्न अब बदल चुका है, जहां केवल रट्टा लगाने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि हर चिकित्सीय परिस्थिति को समझकर सटीक निर्णय लेना जरूरी होता है।

स्मार्ट स्टडी और गलतियों का विश्लेषण

तुरुंत तैयारी के शुरुआती दौर में पल्लाक्षी प्रसाद भी सभी क्वेश्चन बैंक के हर एक सवाल को हल करने के पीछे भागती थीं, लेकिन जल्द ही उन्हें अहसास हुआ कि यह समय का सही उपयोग नहीं है। इसके बाद उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव किया और ग्रैंड टेस्ट का इस्तेमाल केवल अपने अंक देखने के बजाय अपनी कमजोरियों को ढूंढने के लिए करना शुरू किया। वह यह बारीकी से समझती थीं कि उनसे गलती कहां हो रही है, क्या वे कोई तथ्य भूल गई हैं या उनके वैचारिक समझ में कोई कमी है। इस प्रकार अपनी गलतियों का गहराई से विश्लेषण करना ही उनकी सफलता की असली कुंजी साबित हुआ। इस परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करने वाले टॉपर डॉ. मोनीश कन्ना आर रहे हैं, जिन्होंने 720 में से 641 अंक प्राप्त किए हैं।

सवाल-जवाब

स्क्वाड्रन लीडर पल्लाक्षी प्रसाद ने नीट पीजी 2026 में कौन सी रैंक हासिल की है?
उन्होंने नीट पीजी 2026 में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की है।
पल्लाक्षी प्रसाद वर्तमान में किस पद पर और कहां तैनात हैं?
वह कानपुर एयरफोर्स स्टेशन पर बतौर मेडिकल ऑफिसर तैनात हैं।
उन्होंने नीट पीजी 2026 में कुल कितने अंक प्राप्त किए?
उन्होंने 720 में से कुल 633 अंक हासिल किए।
नीट पीजी 2026 के ऑल इंडिया टॉपर कौन हैं?
डॉ. मोनीश कन्ना आर ने 641 अंक प्राप्त करके ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है।
पल्लाक्षी प्रसाद ने अपनी मेडिकल की पढ़ाई किस संस्थान से की थी?
उन्होंने आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज पुणे से अपनी पढ़ाई पूरी की थी।
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