यूपीएससी सीएमएस परीक्षा 2026 के लिए 600 अंकों का पूरा पैटर्न, मार्किंग स्कीम और 2 अगस्त को ध्यान रखने योग्य जरूरी नियमलाइव: प्रधानमंत्री मोदी आज भोगपुरम में एएसआर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का करेंगे उद्घाटनअमेरिका की अदालत ने डाक मतदान के नियमों पर सुनाया फैसला, डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी जानकारीमीन मासिक राशिफल 1-31 अगस्त 2026: मंगल गोचर से रिश्तों, करियर और आर्थिक स्थिति में आएंगे महत्वपूर्ण बदलावभारत और लेसोथो ने नई दिल्ली में छठी JBCC बैठक के दौरान विकास साझेदारी और बहुपक्षीय सहयोग को दी नई रफ्तारसहारनपुर में बंद पड़े सरकारी स्कूलों पर समाजवादी पार्टी का अल्टीमेटम, फिर शुरू होगी पीडीए पाठशालासावन 2026 में रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करेंगे शनिदेव, जानें किन 6 राशियों को मिलेगा विशेष लाभमूलांक 8 अंकफल 1 अगस्त 2026: आसान काम में भी न बरतें लापरवाही, जानें करियर और आर्थिक राशिफलसूर्य ग्रहण और सिंह राशि में गोचर से बदलेगी ग्रह दशा, कर्क से कन्या तक की किस्मत पर पड़ेगा गहरा असर1 अगस्त 2026: शुक्र-केतु द्विद्वादश योग से सिंह, कन्या, तुला और मीन राशि के लोग रहें सावधान
एक ही छत के नीचे बनारसी से लेकर तसर सिल्क तक: 'सियाकारी' ब्रैंड ने 600 कारीगरों को दिया काम, Amazon और Flipkart पर भी जबरदस्त डिमांडसक्सेस स्टोरी
17 जून 2026, 9:08 am (45 दिन पहले)· 3

एक ही छत के नीचे बनारसी से लेकर तसर सिल्क तक: 'सियाकारी' ब्रैंड ने 600 कारीगरों को दिया काम, Amazon और Flipkart पर भी जबरदस्त डिमांड

रांची से शुरू हुए 'सियाकारी' ब्रैंड ने देश के अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक साड़ियों को एक मंच पर ला दिया है, जिससे करीब 600 कारीगरों को रोजगार मिल रहा है और Amazon से लेकर Flipkart तक ऑर्डर की भरमार है।

देश के कोने-कोने की मशहूर साड़ियां अब एक ही जगह से खरीदी जा सकती हैं, और इसी सोच पर सालवीय और सुमित ने मिलकर अपना ब्रैंड 'सियाकारी' खड़ा किया है। इस ब्रैंड का मकसद बेहद साफ है, यानी हर राज्य के कारीगरों और वहां के मूल फैब्रिक को एक छत के नीचे ले आना। झारखंड का तसर सिल्क हो, यूपी की बनारसी साड़ी हो या जयपुर की बंधेज, ये सब अब एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।

हर राज्य का अपना फैब्रिक, एक ही जगह

सालवीय और सुमित ने अलग-अलग राज्यों के कारीगरों से सीधे साड़ियां बनवाने का काम शुरू किया। सालवीय बताती हैं कि उनके पास साउथ की कांजीवरम साड़ी मिलेगी, इसके साथ ही बंगाल की लोकल कॉटन साड़ी, कश्मीर का कश्मीरी सिल्क, सब कुछ उपलब्ध है। मतलब, खरीदार को किसी एक इलाके की नहीं, बल्कि पूरे देश की बुनाई का स्वाद एक ही जगह मिल जाता है।

ये भी पढ़ें

2000 रुपये से शुरुआत, कारीगर से सीधी खरीद

सालवीय के मुताबिक इस ब्रैंड की सबसे बड़ी खूबी इसकी पहुंच है। यहां रेंज की शुरुआत 2000 रुपये से होती है, जिससे हर वर्ग के लोग इन साड़ियों को आसानी से अफोर्ड कर सकते हैं। इसकी वजह बताते हुए वे कहती हैं कि वे सीधे कारीगर से साड़ी बनवाती हैं, बीच में कोई कड़ी नहीं रहती, इसीलिए कम दाम में भी हाई क्वालिटी का सामान मिल जाता है। यहां की हर साड़ी में मशीन का काम बिल्कुल नहीं होता, खूबसूरत हैंड पेंटिंग से लेकर कढ़ाई तक सब कुछ हाथ से तैयार किया जाता है।

Amazon पर रिपीट ऑर्डर की भरमार

सुमित बताते हैं कि जो ग्राहक एक बार उनसे साड़ी खरीदता है, वह दोबारा जरूर लौटकर आता है, क्योंकि इस दाम में ऐसी क्वालिटी शायद कहीं और नहीं मिलती। उनके मुताबिक खासतौर पर Amazon से जबरदस्त ऑर्डर आते हैं और वहां से तो लगातार रिपीट ऑर्डर मिलते रहते हैं। आज Amazon से लेकर Flipkart तक इन साड़ियों की मांग काफी ज्यादा है। सुमित का कहना है कि इससे देश के कारीगरों को एक मंच मिलता है और उनके काम की सराहना भी होती है।

वे यह भी मानते हैं कि साड़ी का बाजार इतना बड़ा है कि वे चाहे जितने भी कलेक्शन उतारें, लोगों की मांग पूरी करना मुश्किल हो जाता है। आज भी ग्राहकों की इतनी डिमांड रहती है, जिसे वे पूरी नहीं कर पाते। सुमित बताते हैं कि इसी सोच के साथ उन्होंने तय किया कि साड़ी के क्षेत्र में कुछ अलग किया जाए और अपना ब्रैंड बनाया जाए।

रांची से दिल्ली तक चार आउटलेट

सुमित के अनुसार आज उनके पास अपना ऑफिस भी है और दुकानें भी। ब्रैंड के स्टोर रांची, पटना, दिल्ली और कानपुर में खुल चुके हैं, यानी लोग चाहें तो सीधे स्टोर पर जाकर भी खरीदारी कर सकते हैं। फिलहाल इस काम से 600 से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं और करीब 600 कारीगरों को रोजगार मिल रहा है।

आगे और बढ़ने की उम्मीद

सुमित बताते हैं कि अब कमाई भी काफी अच्छी हो गई है और उन्हें उम्मीद है कि यह सिलसिला आगे भी इसी तरह चलता रहेगा। देशभर के कारीगरों के हुनर को बाजार तक पहुंचाने का यह काम न सिर्फ खरीदारों को वाजिब दाम में बेहतरीन साड़ियां दे रहा है, बल्कि सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी का सहारा भी बन रहा है।

सवाल-जवाब

'सियाकारी' ब्रैंड किसने शुरू किया?
इस ब्रैंड को सालवीय और सुमित ने मिलकर शुरू किया है।
इस ब्रैंड की साड़ियों की कीमत कितने से शुरू होती है?
यहां साड़ियों की रेंज 2000 रुपये से शुरू होती है, जिससे हर वर्ग के लोग इन्हें खरीद सकते हैं।
ब्रैंड के स्टोर किन शहरों में हैं?
इसके स्टोर रांची, पटना, दिल्ली और कानपुर में हैं।
इस काम से कितने लोगों को रोजगार मिल रहा है?
इस ब्रैंड से करीब 600 कारीगरों को रोजगार मिल रहा है और 600 से ज्यादा लोग इससे जुड़े हुए हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR