मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में खेती की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। जहां पहले किसान एक ही तरह की परंपरागत फसल पर टिके रहते थे, वहीं अब युवा पीढ़ी मिक्स खेती को अपनाकर लाखों रुपए की कमाई कर रही है। ऐसी ही एक मिसाल हैं जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर शाहपुर गांव के किसान किशोर देशमुख, जिनकी मेहनत और सूझबूझ की चर्चा आज पूरे इलाके में हो रही है।
किशोर देशमुख के पास 40 एकड़ खेती है, जिसमें वह एक साथ कई फसलें उगाते हैं। केला, कपास, गन्ना, मक्का, चना, सोयाबीन, तुवर के साथ-साथ कई तरह की सब्जी-भाजी उनके खेत की रौनक हैं। इसी विविधता की वजह से वह हर साल 6 से 7 लाख रुपए तक कमा लेते हैं।
नौकरी छोड़कर खेत की राह पकड़ी
किशोर देशमुख ने एमकॉम की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद उन्हें एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी भी मिल गई। लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह खेती में उतर गए। आज वह अपने 40 एकड़ खेत में परंपरागत तरीके से हटकर मिक्स खेती कर रहे हैं। एक ही जमीन पर करीब 12 अलग-अलग फसलें लगाने से उत्पादन भी अच्छा होता है और कमाई लाखों में पहुंच जाती है।
इन फसलों को देते हैं प्राथमिकता
किशोर देशमुख बताते हैं कि वह अपने खेत में केला, कपास, गन्ना, मक्का, चना, तुवर और सोयाबीन के अलावा कई तरह की सब्जियां उगाते हैं। इनमें भिंडी, लौकी, गिलकी, टमाटर, करेला, मिर्ची, पालक, मेथी और कोथमीर शामिल हैं। उनका कहना है कि कम लागत में इन फसलों से अच्छी कमाई हो जाती है। वह करीब 30 साल से खेती के इस काम में जुटे हुए हैं।
दूसरों को भी दे रहे रोजगार
किशोर देशमुख सिर्फ अपनी कमाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने इलाके के 10 से 15 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। हालांकि खेती में सब कुछ हमेशा एक जैसा नहीं रहता। कभी-कभी कमाई इससे ज्यादा भी हो जाती है, लेकिन तेज हवा, आंधी और बारिश से जब नुकसान होता है तो सालाना औसत 6 से 7 लाख रुपए के आसपास ही बैठ जाता है।













