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फिरोजाबाद के रीतेश अग्रवाल ने बहनों की एफडी से बदला भाग्य, छोटी दुकान से खड़ा किया करोड़ों का चूड़ी साम्राज्यसक्सेस स्टोरी
20 अग॰ 2026, 2:20 pm (2 घंटे पहले)· 2

फिरोजाबाद के रीतेश अग्रवाल ने बहनों की एफडी से बदला भाग्य, छोटी दुकान से खड़ा किया करोड़ों का चूड़ी साम्राज्य

साल 2000 में पिता के निधन के बाद फिरोजाबाद के रीतेश अग्रवाल ने परिवार संभालने के लिए व्यापार की राह चुनी। मां की मदद से 1 लाख रुपये की एफडी लगाकर शुरू किया गया आशीष बैंगल स्टोर आज करोड़ों रुपये के टर्नओवर वाला बड़ा होलसेल बिजनेस बन चुका है।

भारत के चूड़ी शहर के रूप में मशहूर फिरोजाबाद के दुर्गा नगर निवासी रीतेश अग्रवाल की व्यावसायिक सफलता संघर्ष और समर्पण की एक अनूठी मिसाल प्रस्तुत करती है। महज 10 वर्ष की अल्पायु में जब अधिकांश बच्चे खेलकूद और स्कूली शिक्षा में व्यस्त रहते हैं, तब रीतेश के सिर से पिता का साया उठ गया था। अचानक आई इस पारिवारिक त्रासदी ने उन पर पूरे घर की जीविका चलाने का गुरुतर भार डाल दिया। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने न केवल परिवार की बागडोर संभाली बल्कि अपनी दूरदर्शिता और अथक परिश्रम के दम पर एक छोटी सी रिटेल दुकान को करोड़ों रुपये के विशाल थोक कारोबार में परिवर्तित कर दिखाया।

2000 का आर्थिक संकट और शुरुआती चुनौतियां

साल 2000 में रीतेश के पिता का आकस्मिक निधन हो गया था, जिसके बाद उनके परिवार के सामने अचानक गहरा आर्थिक संकट पैदा हो गया। चार भाई-बहनों में सबसे बड़े होने के नाते परिवार के पालन-पोषण का सारा उत्तरदायित्व रीतेश के कंधों पर आ गया। उस दौर में दैनिक घरेलू खर्चों को पूरा करने के लिए परिजनों को अपने मकान का एक कमरा किराए पर देना पड़ा था। इसके अतिरिक्त, सदर बाजार क्षेत्र में उनके पिता की एक छोटी सी व्यावसायिक दुकान मौजूद थी, जो आगे चलकर रीतेश के व्यावसायिक सफर का प्रस्थान बिंदु बनी।

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1 लाख रुपये की एफडी बनी व्यापार का आधार

जैसे-जैसे समय बीता, रीतेश ने पारंपरिक स्थिति से आगे बढ़कर खुद का नया उद्यम स्थापित करने का संकल्प लिया। हालांकि, किसी भी नए व्यापार को प्रारंभ करने के लिए आवश्यक पूंजी का अभाव एक मुख्य बाधा था। इस कठिन समय में उनकी माताजी ने उन्हें एक महत्वपूर्ण जानकारी दी कि उनके दिवंगत पिता ने बेटियों के भविष्य के लिए बैंक में 1 लाख रुपये की एफडी कराई थी। पारिवारिक सहमति और परामर्श के पश्चात उसी 1 लाख रुपये की धनराशि को व्यापार में बीज पूंजी के रूप में निवेश किया गया और इस प्रकार 'आशीष बैंगल स्टोर' की स्थापना हुई।

छोटी दुकान से बहु-करोड़ के थोक व्यापार तक विस्तार

कारोबार का शुरुआती चरण चुनौतियों से भरा हुआ था। सदर बाजार में नए प्रतिष्ठान के कारण शुरुआती ग्राहकों को आकर्षित करना और उनका विश्वास जीतना एक बड़ा कार्य था। रीतेश ने बाजार की मांग का बारीकी से अध्ययन किया और विभिन्न रंगों, आकर्षक डिजाइनों तथा अलग-अलग आकारों की चूड़ियों का संग्रह तैयार करना शुरू किया। ग्राहकों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर किए गए इन बदलावों से दुकान की बिक्री में निरंतर वृद्धि होती गई। समय के साथ यह छोटी सी दुकान एक बड़े थोक केंद्र के रूप में विकसित हो गई। आज रीतेश कई व्यावसायिक फर्मों का संचालन करते हैं, जहां आधुनिक फैशन के अनुसार निर्मित कंगन और चूड़ियां देश भर से आने वाले थोक व्यापारियों को बेची जाती हैं।

शिक्षा, भक्ति और अनवरत मेहनत का संतुलन

व्यापारिक व्यस्तताओं और कड़ी मेहनत के बीच भी रीतेश ने अपनी औपचारिक पढ़ाई को अधूरा नहीं छोड़ा और उसे निरंतर जारी रखा। अपने संघर्ष के कठिन दिनों में उन्होंने प्रसिद्ध मां कैला देवी मंदिर जाना शुरू किया। रीतेश का अटूट विश्वास है कि उनकी कड़ी मेहनत के साथ-साथ मां के आशीर्वाद ने उनके लिए तरक्की के नए द्वार खोले। 1 लाख रुपये की सीमित राशि से शुरू होकर करोड़ों रुपये के टर्नओवर तक पहुंचा यह सफर यह साबित करता है कि दृढ़ संकल्प, सही निर्णय और धैर्य के बल पर कोई भी व्यक्ति अपनी तकदीर बदल सकता है।

सवाल-जवाब

रीतेश अग्रवाल ने चूड़ी का कारोबार कब और क्यों शुरू किया?
साल 2000 में पिता के निधन के बाद 10 साल की उम्र में परिवार की आर्थिक स्थिति संभालने के लिए रीतेश अग्रवाल ने चूड़ी कारोबार की शुरुआत की।
कारोबार शुरू करने के लिए शुरुआती पूंजी कहां से मिली?
रीतेश की मां ने उन्हें बताया कि पिता ने बहनों के लिए बैंक में 1 लाख रुपये की एफडी कराई थी, जिसे परिवार की सहमति से व्यापार में लगाया गया।
रीतेश अग्रवाल की दुकान और फर्म का क्या नाम है?
रीतेश अग्रवाल की दुकान का नाम 'आशीष बैंगल स्टोर' है, जो फिरोजाबाद के सदर बाजार से शुरू होकर अब कई फर्मों में विस्तारित हो चुकी है।
वर्तमान में आशीष बैंगल स्टोर का कारोबार किस स्तर पर पहुंच चुका है?
1 लाख रुपये से शुरू हुआ यह व्यापार आज करोड़ों रुपये के टर्नओवर वाले एक बड़े थोक कारोबार में बदल चुका है, जहां देश भर के व्यापारी खरीदारी करने आते हैं।
रीतेश अग्रवाल फिरोजाबाद में कहां के निवासी हैं?
रीतेश अग्रवाल फिरोजाबाद के दुर्गा नगर के निवासी हैं।
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