चक्रवात अर्नब का कहर: आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी तबाही पर राहुल गांधी ने जताई गहरी चिंतामेघालय के दक्षिण गारो हिल्स में नेशनल हाईवे-62 के निर्माण में देरी से आक्रोश, प्रशासन ने लगाया प्रदर्शन पर प्रतिबंधराजस्थान में बदला मौसम का मिजाज, अर्नब तूफान और पश्चिमी विक्षोभ के असर से झमाझम बारिशअलवर में घरों से गायब रहा करवा चौथ का चांद, फिर पुलिया पर पहुंची महिलाओं ने ऐसे खोला व्रत1 नवंबर से चमक जाएगी इन 6 राशियों की किस्मत, मंगल, सूर्य, शुक्र और चंद्रमा बरसाएंगे विशेष कृपाऑनलाइन बेटिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई के बाद नई शिकायत, कई नाम आए सामनेकर्नाटक में बस यात्रा जल्द हो सकती है महंगी, 4 नवंबर को हो सकता है किराए में बढ़ोतरी का ऐलानहमीरपुर पॉलीटेक्निक छात्र का मामला: ड्रोन ग्रांट का दावा निकला फर्जी, तीसरी मंजिल से गिरने की जांच में जुटी पुलिसअमित शाह ने की राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की महापरिषद की 93वीं बैठक की अध्यक्षताशंकराचार्य मंदिर मार्ग पर मजार के जीर्णोद्धार पर गरमाई सियासत, उठे गंभीर सवाल
हैदराबाद के मीर चौक में 11 से अधिक सदस्यों वाला चौहान परिवार एकोंड्रोप्लेसिया की चुनौती को मात देकर पेश कर रहा आत्मनिर्भरता की अनोखी मिसालसक्सेस स्टोरी
13 अग॰ 2026, 2:54 pm (77 दिन पहले)· 3

हैदराबाद के मीर चौक में 11 से अधिक सदस्यों वाला चौहान परिवार एकोंड्रोप्लेसिया की चुनौती को मात देकर पेश कर रहा आत्मनिर्भरता की अनोखी मिसाल

हैदराबाद के पुराने इलाके मीर चौक के चौहान परिवार में 11 से ज्यादा सदस्य एकोंड्रोप्लेसिया नाम की जेनेटिक स्थिति से प्रभावित हैं। इसके बावजूद यह परिवार दया पर निर्भर रहने के बजाय खुद का व्यवसाय चलाकर सम्मान से जीवन बिता रहा है।

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के ऐतिहासिक पुराने शहर स्थित मीर चौक इलाके में निवास करने वाला चौहान कुनबा आज समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। इस परिवार के 11 से अधिक सदस्य एक दुर्लभ जेनेटिक स्थिति के साथ अपनी दिनचर्या बिताते हैं, जिसे चिकित्सा विशेषज्ञ एकोंड्रोप्लेसिया कहते हैं। यह स्थिति शारीरिक हड्डियों के सामान्य विकास को रोक देती है। इसके बावजूद, परिवार के सदस्यों ने अपनी इस शारीरिक बनावट को कभी अपनी लाचारी या बाधा नहीं बनने दिया और दृढ़ संकल्प के साथ जीवन में आगे बढ़ रहे हैं।

सामाजिक उपेक्षा और दैनिक जीवन के व्यावहारिक संघर्ष

परिवार के मुख्य अभिभावक राम राज चौहान और उनके भाइयों सहित पूरा कुनबा जब भी घर से बाहर निकलता है, तो उन्हें कई तरह की सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। आम बाजारों या सार्वजनिक स्थलों पर लोग अक्सर उन्हें कौतूहल और अचरज की नजरों से देखते हैं। कई मौकों पर लोगों की तरफ से अनचाही टिप्पणियां भी सुनने को मिलती हैं। इसके अलावा, बस या सार्वजनिक परिवहन साधनों का इस्तेमाल करते समय भी उन्हें ढांचे से जुड़ी व्यावहारिक असुविधाएं झेलनी पड़ती हैं। हालांकि, इन सब नकारात्मक परिस्थितियों के बाद भी परिवार ने निराश होने के बजाय सकारात्मक सोच अपनाकर खुशहाल जीवन जीने का तरीका तलाश लिया है।

ये भी पढ़ें

आत्मनिर्भरता की राह पर किराना दुकान और मांगलिक कार्य

इस परिवार का सबसे सशक्त पहलू किसी की दया, दान या सहानुभूति पर आश्रित न होना है। परिवार का प्रत्येक व्यक्ति अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार काम में योगदान देता है। घर की आजीविका चलाने के लिए परिवार एक किराना दुकान का संचालन करता है, जिसकी कमान नई पीढ़ी के युवा बड़ी कुशलता से संभाल रहे हैं। इसके साथ ही, राम राज चौहान विवाह समारोहों और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आने वाले मेहमानों के स्वागत की जिम्मेदारी निभाकर सम्मानजनक कमाई करते हैं। घर की महिलाएं भी घरेलू जिम्मेदारियों, भोजन पकाने और दुकान के कामकाज में बराबर का सहयोग देती हैं।

सहानुभूति की जगह समानता और स्वाभिमान का संदेश

चौहान परिवार का स्पष्ट मानना है कि उन्हें लोगों की बेजा सहानुभूति नहीं चाहिए, बल्कि वे समाज में बराबरी और सम्मान का अधिकार चाहते हैं। विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी एक-दूसरे का हाथ मजबूती से थामे रखना और चेहरे पर मुस्कान बनाए रखना ही इस परिवार की पहचान है। उनकी यह जीवनशैली यह साबित करती है कि इंसान की शारीरिक सीमाएं उसके बुलंद इरादों, कड़ी मेहनत और स्वाभिमान के आड़े कभी नहीं आ सकतीं।

सवाल-जवाब

हैदराबाद का चौहान परिवार क्यों चर्चा में है?
मीर चौक का यह परिवार एकोंड्रोप्लेसिया जेनेटिक स्थिति के बावजूद बिना किसी दान पर निर्भर रहे अपनी किराना दुकान और काम के जरिए आत्मनिर्भर जीवन जी रहा है।
चौहान परिवार के कितने सदस्य एकोंड्रोप्लेसिया से प्रभावित हैं?
परिवार के मुखिया राम राज चौहान और उनके भाइयों सहित कुल 11 से अधिक सदस्य इस जेनेटिक स्थिति से प्रभावित हैं।
एकोंड्रोप्लेसिया क्या होता है?
यह एक दुर्लभ जेनेटिक स्थिति है जो शरीर की हड्डियों के प्राकृतिक विकास को प्रभावित करती है, जिससे व्यक्ति का कद सामान्य से छोटा रह जाता है।
चौहान परिवार अपनी आजीविका कैसे चलाता है?
परिवार के युवा सदस्य अपनी किराना दुकान संभालते हैं, राम राज चौहान शादियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मेहमानों के स्वागत का काम करते हैं, और महिलाएं दुकान प्रबंधन व घरेलू काम संभालती हैं।
चौहान परिवार का समाज के लिए क्या संदेश है?
वे समाज से बेजा सहानुभूति की जगह बराबरी और सम्मान चाहते हैं, और यह मानते हैं कि शारीरिक सीमाएं हौसले को कम नहीं कर सकतीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp