दिनभर सरकारी दफ्तर की जिम्मेदारियां और रात को निशानेबाजी का जुनून, कैप्टन जितेन्द्र सिंह की कहानी इसी संतुलन से बनी है। जयपुर में हाल ही में हुई 24वीं राजस्थान राज्य शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। यह कोई अचानक मिली कामयाबी नहीं थी, वे कई सालों से इस चैंपियनशिप में मेडल जीतने की तैयारी में जुटे हुए थे।
इस प्रतियोगिता का आयोजन राजस्थान राइफल एसोसिएशन ने नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में किया था। इसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए निशानेबाजों ने हिस्सा लिया। इतनी कड़ी टक्कर के बीच कैप्टन जितेन्द्र सिंह ने पूरे धैर्य और सटीकता के साथ अपने प्रदर्शन को लगातार बेहतर बनाए रखा। उनकी अनोखी निशानेबाजी की तकनीक ने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
दफ्तर की कुर्सी और शूटिंग रेंज, दोनों साथ-साथ
कैप्टन जितेन्द्र सिंह इस समय रिडकोर में परियोजना निदेशक के पद पर तैनात हैं। यानी वे एक प्रशासनिक अधिकारी हैं और रोजाना बड़ी प्रबंधकीय जिम्मेदारियां संभालते हैं। इतनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद उन्होंने इस चैंपियनशिप के लिए जमकर मेहनत की और कामयाबी हासिल की। उनका कहना है कि उन्होंने नौकरी और खेल, दोनों के बीच हमेशा संतुलन बनाए रखा और किसी एक में भी मेहनत कम नहीं होने दी।
उनकी यह उपलब्धि एक बड़ा संदेश भी देती है कि खेल सिर्फ पेशेवर खिलाड़ियों के लिए नहीं है। किसी भी क्षेत्र में काम करने वाला इंसान अगर अपने जुनून और नियमित अभ्यास पर टिका रहे तो बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। लगातार मेहनत और रोज के अभ्यास ने ही कैप्टन जितेन्द्र सिंह को इस मुकाम तक पहुंचाया है।
छुट्टी के दिन भी आराम नहीं, सीधे रेंज पर
उन्होंने बताया कि नौकरी खत्म करने के बाद वे शूटिंग की प्रैक्टिस के लिए निकल पड़ते हैं। छुट्टी के दिन भी वे घूमने-फिरने या आराम करने में समय नहीं गंवाते, बल्कि निशानेबाजी का अभ्यास करते हैं। दिनभर का काम निपटाकर लौटने के बाद भी वे शूटिंग कोर्ट पहुंचते हैं और देर रात तक अभ्यास करते रहते हैं। उनका सपना है कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतें। वे युवाओं को भी खेलों में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित करते हैं। उनका मानना है कि खेल इंसान का दिमाग हमेशा मजबूत रखता है और उसे थकने नहीं देता।
बचपन का सपना, फिर लौटकर पूरा किया
कैप्टन जितेन्द्र सिंह ने बताया कि वे शुरू से ही शूटिंग चैंपियन बनना चाहते थे। लेकिन नौकरी लगने के बाद कुछ समय के लिए यह सपना पीछे छूट गया। बाद में उन्होंने ठान लिया कि इस अधूरे सपने को पूरा करके ही रहेंगे। अब राजस्थान की टॉप शूटिंग चैंपियनशिप जीतकर वे राज्य के शीर्ष निशानेबाजों की सूची में अपनी जगह बना चुके हैं।













