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झारखंड के किसान भाप से निकाल रहे एसेंशियल ऑयल, गुनी गांव में 120 एकड़ लेमन ग्रास फसल के बीच लगा प्रोसेसिंग प्लांटसक्सेस स्टोरी
21 अग॰ 2026, 8:51 am (70 दिन पहले)· 3

झारखंड के किसान भाप से निकाल रहे एसेंशियल ऑयल, गुनी गांव में 120 एकड़ लेमन ग्रास फसल के बीच लगा प्रोसेसिंग प्लांट

खूंटी जिले के गुनी गांव में लगभग 120 एकड़ क्षेत्र में लेमन ग्रास की खेती की जा रही है। खेतों के मध्य स्थापित डिस्टिलेशन प्लांट में पत्तियों की भाप से चार चरणों में सुगंधित एसेंशियल ऑयल तैयार किया जा रहा है।

झारखंड की राजधानी रांची के निकट खूंटी जिले का गुनी गांव कृषि क्षेत्र में एक अनूठी मिसाल पेश कर रहा है। इस गांव में लगभग 120 एकड़ के व्यापक भूभाग पर लेमन ग्रास की व्यवस्थित खेती की जा रही है। इस पूरी परियोजना की मुख्य विशेषता यह है कि किसानों को अपनी कटी हुई फसल प्रसंस्करण के लिए किसी दूरदराज के कारखाने में नहीं ले जानी पड़ती, क्योंकि खेतों के बिल्कुल बीच में ही एक डिस्टिलेशन प्लांट स्थापित किया गया है। पत्तियों से निकलने वाली भाप के माध्यम से तैयार होने वाला यह उच्च गुणवत्ता वाला एसेंशियल ऑयल स्थानीय ग्रामीणों के लिए आय का मुख्य जरिया बन रहा है।

खेतों के बीच प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना से किसानों को बड़ी राहत

गुनी गांव में लेमन ग्रास की खेती का दायरा 120 एकड़ में फैला हुआ है। सामान्य तौर पर फसल काटने के बाद किसानों को अपनी उपज दूर की मंडियों या बाहरी प्रोसेसिंग यूनिट्स तक पहुंचानी पड़ती है, जिससे माल ढुलाई का खर्च बढ़ता है और पत्तियों के सूखने से तेल की मात्रा घट जाती है। हालांकि, यहां खेतों के मध्य में ही ऑयल डिस्टिलेशन प्लांट लगा दिए जाने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है। कटाई के तुरंत बाद ताजी पत्तियों को सीधे यूनिट में पहुंचा दिया जाता है, जिससे तेल का निष्कर्षण अधिक मात्रा और बेहतर गुणवत्ता के साथ संभव हो पाता है।

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चार मुख्य चरणों में पूरी होती है एसेंशियल ऑयल निष्कर्षण की प्रक्रिया

लेमन ग्रास की खेती से जुड़े स्थानीय किसान इंद्र ने बताया कि पत्तियों से तेल निकालने का पूरा कार्य वैज्ञानिक तरीके से चार प्रमुख चरणों में संपन्न होता है

  • पत्तियों की कटाई और उच्च दबाव भाप का निर्माण: सबसे पहले खेतों से लेमन ग्रास की ताजी या थोड़ी मुरझाई हुई पत्तियों की कटाई की जाती है। पत्तियों की सफाई के बाद उन्हें डिस्टिलेशन टैंक (भाप बर्तन) के भीतर कसकर भर दिया जाता है। इसके साथ ही एक बड़े बॉयलर में पानी उबालकर उच्च दबाव वाली भाप तैयार की जाती है।
  • वाष्पीकरण और संघनन प्रक्रिया: बॉयलर से बनी भाप को डिस्टिलेशन टैंक के निचले हिस्से से छोड़ा जाता है, जो ऊपर की ओर बहती है। भाप की तेज गर्मी के प्रभाव से पत्तियों की कोशिकाओं में समाया प्राकृतिक तेल वाष्प में बदल जाता है। इसके बाद तेल और भाप का यह मिश्रण ठंडे पानी की कुंडली यानी कंडेंसर से होकर गुजरता है, जहां ठंडक मिलने पर वाष्प दोबारा तरल रूप ले लेती है।
  • तेल और पानी का प्राकृतिक अलगाव: कंडेंसर से प्राप्त तरल मिश्रण को फ्लोरेंटाइन सेपरेटर नाम के उपकरण में भेजा जाता है। चूंकि लेमन ग्रास का तेल पानी की तुलना में घनत्व में हल्का होता है, इसलिए वह पानी की ऊपरी सतह पर एक अलग परत बना लेता है। इसके बाद ऊपरी सतह से शुद्ध तेल को आसानी से पृथक कर लिया जाता है।
  • गुणवत्ता परीक्षण और बाजार में पैकेजिंग: तेल को अलग करने के उपरांत उसकी गुणवत्ता की गहन जांच की जाती है। इस जांच के तहत तेल के रंग, उसकी प्राकृतिक सुगंध और डेंसिटी (घनत्व) का सटीक आकलन होता है। गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरने के बाद तेल को बोतलों में बंद करके व्यावसायिक बिक्री के लिए बाजार में भेज दिया जाता है।

सवाल-जवाब

गुनी गांव कहां स्थित है और वहां कितने क्षेत्रफल में लेमन ग्रास उगाई जा रही है?
गुनी गांव झारखंड की राजधानी रांची के पास खूंटी जिले में स्थित है, जहां लगभग 120 एकड़ भूमि पर लेमन ग्रास की खेती की जा रही है।
लेमन ग्रास से तेल निकालने वाला प्लांट कहां लगाया गया है?
तेल निकालने का डिस्टिलेशन प्लांट किसी बाहरी औद्योगिक क्षेत्र के बजाय खेतों के बिल्कुल बीच में स्थापित किया गया है।
लेमन ग्रास से एसेंशियल ऑयल निकालने की क्या प्रक्रिया है?
यह तेल बॉयलर से उत्पन्न उच्च दबाव वाली भाप, वाष्पीकरण, कंडेंसर में संघनन और सेपरेटर में पानी से अलगाव की चार चरणों वाली प्रक्रिया द्वारा निकाला जाता है।
तेल को पानी से अलग करने के लिए किस उपकरण का उपयोग होता है?
तेल और पानी को अलग करने के लिए फ्लोरेंटाइन सेपरेटर का उपयोग किया जाता है, जिसमें घनत्व कम होने के कारण तेल पानी के ऊपर तैरने लगता है।
एसेंशियल ऑयल को बाजार में भेजने से पहले किन मानकों की जांच की जाती है?
पैकेजिंग और बिक्री से पहले तेल के रंग, उसकी प्राकृतिक सुगंध और डेंसिटी (घनत्व) जैसे गुणवत्ता मानकों की जांच की जाती है।
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