उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में कृषि क्षेत्र से सफलता की एक शानदार कहानी सामने आई है, जहां एक स्थानीय किसान कम लागत वाली फसल से बड़ा मुनाफा कमा रहे हैं। मिर्जापुर के रहने वाले किसान योगेंद्र सिंह ने अपनी 1 बीघा 20 बिस्वा जमीन पर कोहड़ी की खेती की शुरुआत की थी। इस खेती में उन्हें इतनी बढ़िया पैदावार मिली है कि महज एक महीने के भीतर वे 30 हजार रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ अर्जित कर चुके हैं। योगेंद्र सिंह का मानना है कि 3 से 4 महीने की अवधि वाली इस फसल में मामूली निवेश के जरिए कुल 50 हजार रुपये तक का शुद्ध मुनाफा हासिल किया जा सकता है। आने वाले दो महीनों में उनका मुनाफा दोगुना होने की उम्मीद है, जिससे आसपास के अन्य किसानों को भी इस फसल को अपनाने की प्रेरणा मिल रही है।
कम लागत में अधिक लाभ और बुआई का ब्योरा
किसान योगेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने 3 जून को अपने खेत में कोहड़ी के बीजों की बुआई की थी। इस खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें शुरुआती लागत बेहद कम आती है। 1 बीघा 20 बिस्वा जमीन के लिए लगभग 100 ग्राम बीज की जरूरत पड़ी, जिसकी कीमत 1,000 रुपये आई। इसके बाद खेत की जुताई, बुआई, मेड़ बनाने और अन्य प्रारंभिक तैयारियों में लगभग 2,000 रुपये का खर्च आया। इस तरह पूरी जमीन पर फसल तैयार करने में कुल 3,000 रुपये (लगभग 3 से 4 हजार रुपये) की लागत आई है। हालांकि, बीच में हुई बारिश के कारण फसल को थोड़ा नुकसान भी झेलना पड़ा था, लेकिन इसके बावजूद उत्पादन पर ज्यादा असर नहीं पड़ा और वे अब तक 5,000 रुपये मूल्य की उपज बेच चुके हैं।
मंडी तक माल की आपूर्ति और बाजार भाव की स्थिति
उत्पादित कोहड़ी की बिक्री के लिए योगेंद्र सिंह स्थानीय बाजारों के साथ-साथ पहाड़िया स्थित नवीन सब्जी मंडी का सहारा ले रहे हैं। खेत से प्रतिदिन एक गाड़ी माल लादकर मंडी के लिए रवाना होती है, जिसे आढ़त में जाकर बेचा जाता है। मौजूदा समय में बाजार में कोहड़ी के दाम काफी बेहतर मिल रहे हैं। इस समय मंडी में कोहड़ी का भाव 18 रुपये से 20 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास चल रहा है। योगेंद्र सिंह को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मांग बढ़ने के साथ ही यह कीमत 30 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। वे अगले दो महीनों तक खेत से लगातार उत्पादन प्राप्त करते रहेंगे, जिससे प्रति बीघा औसतन 25 हजार से 30 हजार रुपये का औसत लाभ मिलना तय है।



















