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नौकरी की चकाचौंध छोड़कर मिट्टी से जुड़ीं झारखंड की सुलोचना, 6 एकड़ में एक्सोटिक खेती और 15 परिवारों का सहारा बनींसक्सेस स्टोरी
17 जून 2026, 6:39 am (45 दिन पहले)· 3

नौकरी की चकाचौंध छोड़कर मिट्टी से जुड़ीं झारखंड की सुलोचना, 6 एकड़ में एक्सोटिक खेती और 15 परिवारों का सहारा बनीं

जमशेदपुर की सुलोचना बुधिया ने 25 साल लंबे इंटीरियर डिजाइनिंग करियर को अलविदा कहकर मेसरा गांव में 6 एकड़ ऑर्गेनिक खेती शुरू की और 'Naturish' ब्रांड खड़ा कर लगभग 15 लोगों को रोजगार दिया।

जमशेदपुर की रहने वाली सुलोचना बुधिया की जिंदगी आज उस सवाल का जवाब बन गई है, जो शायद हम सब के मन में कभी न कभी आता है, कि असली कामयाबी आखिर है क्या। ज्यादातर लोग ऊंची तनख्वाह, बड़े कारोबार और बढ़ती कमाई को ही जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि मान बैठते हैं और इसी दौड़ में सालों बिता देते हैं। लेकिन सुलोचना ने यह सब हासिल करने के बाद एक अलग रास्ता चुना, ऐसा रास्ता जो उन्हें मानसिक शांति, संतोष और प्रकृति की गोद में ले गया।

दो दशक से ज्यादा का चमकता करियर

सुलोचना ने करीब 25 साल तक एक सफल इंटीरियर डिजाइनर के तौर पर काम किया। इस लंबे सफर में उन्होंने कई बड़े और नामी प्रोजेक्ट संभाले और अपने हुनर के दम पर इस क्षेत्र में खास मुकाम बनाया। काम की जिम्मेदारियां जैसे-जैसे बढ़ती गईं, उनकी जिंदगी भी पूरी तरह व्यस्त होती चली गई। नाम, पहचान और आर्थिक मजबूती, सब कुछ था, फिर भी जीवन में कहीं एक खालीपन बाकी था।

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कोविड के दौरान बदल गई सोच

यह मोड़ कोविड-19 के दौर में आया। जब वह अपने गांव लौटीं, तो पहली बार उन्हें इत्मीनान से प्रकृति के बीच रहने का मौका मिला। गांव का शांत माहौल, चारों ओर फैली हरियाली और जीवन की सादगी उन्हें इतनी भा गई कि उन्होंने अपनी पूरी दिशा ही बदल देने का फैसला कर लिया। शहर की भागदौड़ की जगह अब उन्हें खेत और मिट्टी अपनी ओर खींचने लगे थे।

6 एकड़ में उगने लगीं दुर्लभ फसलें

झारखंड के मेसरा गांव में मौजूद अपनी करीब 6 एकड़ जमीन पर उन्होंने एक्सोटिक फलों, सब्जियों और हर्ब्स की खेती की शुरुआत की। शुरुआत में इसके पीछे सिर्फ सुकून और आत्मसंतोष पाने की चाहत थी, मगर धीरे-धीरे यह शौक एक कामयाब उद्यम में ढल गया। आज उनके खेतों में कई किस्म के दुर्लभ और बेहतरीन गुणवत्ता वाले उत्पाद उगते हैं, जिनकी मांग सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक है। प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती के प्रति उनकी इसी लगन ने उन्हें भीड़ से अलग पहचान दिलाई है।

'Naturish' ब्रांड और उसके खास उत्पाद

अपनी मेहनत और अनुभव के बल पर सुलोचना ने 'Naturish' नाम से अपना खुद का ब्रांड भी खड़ा कर लिया। इस ब्रांड के तहत कई तरह के प्राकृतिक और सेहतमंद उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इनमें Govind Bhog चावल, Basmati चावल, Black Rice, Rosemary, Thyme, कच्ची हल्दी, Moringa और Oregano जैसे एक्सोटिक हर्ब्स शामिल हैं। ग्राहकों को इन उत्पादों की शुद्धता और गुणवत्ता खासी पसंद आ रही है।

जैम से लेकर हर्बल चाय तक की रेंज

ब्रांड के तहत बनने वाले उत्पादों में Mulberry जैम और थ्री-फ्रूट जैम भी काफी लोकप्रिय हैं। थ्री-फ्रूट जैम में अमरूद, स्टार फ्रूट और एक खास सरप्राइज फ्रूट का मेल होता है। इसके साथ ही सन-ड्राइड टमाटर, प्याज और लहसुन जैसे उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं। उनके उगाए हर्ब्स से पेस्टो सॉस बनता है, जिसकी मांग लगातार बढ़ रही है। हर्बल चाय की बात करें तो Hibiscus, Black Pea और कई अन्य प्राकृतिक तत्वों से बनी करीब 12 वैरायटी की हर्बल टी उनके पास उपलब्ध है। इसके अलावा Oregano स्पाइस, प्रीमिक्स और फ्रूट मिलेट्स जैसे उत्पाद भी हैं, जिन्हें सिर्फ पानी में मिलाकर आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।

सिर्फ कारोबार नहीं, समाज को भी आगे बढ़ाया

सुलोचना की कहानी की सबसे खूबसूरत बात यह है कि वह सिर्फ अपना कारोबार ही नहीं बढ़ा रहीं, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी आगे ले जा रही हैं। उनकी इस पहल से आज करीब 15 लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिल रहा है। उनका सफर इस बात की मिसाल है कि अगर इंसान अपने मन की आवाज सुनकर आगे बढ़े, तो कामयाबी के साथ-साथ संतोष भी पाया जा सकता है। सुलोचना बुधिया ने साबित कर दिया है कि जिंदगी की असली खुशी सिर्फ पैसे कमाने में नहीं, बल्कि अपने काम से शांति और संतुष्टि पाने में छिपी है।

सवाल-जवाब

सुलोचना बुधिया कौन हैं?
जमशेदपुर की रहने वाली सुलोचना बुधिया करीब 25 साल तक सफल इंटीरियर डिजाइनर रहीं और बाद में झारखंड के मेसरा गांव में ऑर्गेनिक खेती करने लगीं।
उन्होंने अपना करियर क्यों बदला?
कोविड-19 के दौरान गांव लौटने पर उन्हें प्रकृति के बीच रहने का मौका मिला और गांव की शांति व सादगी इतनी पसंद आई कि उन्होंने खेती को अपना लिया।
उनके ब्रांड का नाम क्या है और वे क्या बनाती हैं?
उनके ब्रांड का नाम 'Naturish' है, जिसके तहत Govind Bhog व Basmati चावल, Black Rice, हर्ब्स, Mulberry और थ्री-फ्रूट जैम, पेस्टो सॉस और करीब 12 वैरायटी की हर्बल चाय जैसे उत्पाद बनते हैं।
उनके काम से कितने लोगों को रोजगार मिला है?
उनके इस प्रयास से करीब 15 लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिला हुआ है।
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