छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा इलाके में इन दिनों एक फूड स्टॉल खानपान के शौकीनों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है। रायपुर चावल वड़ा नाम से मशहूर इस ठिकाने पर मिलने वाले खास और लजीज चावल वड़े लोगों को खूब भा रहे हैं। इस छोटे से कारोबार की शुरुआत संगीता गेदाम ने लगभग 5 से 6 महीने पहले अपने पति का आर्थिक रूप से साथ देने के लिए की थी। शुरुआत में एक छोटी सी पहल के रूप में स्थापित यह स्टॉल आज हर रोज बेहतरीन कमाई का जरिया बन चुका है और आसपास के इलाकों में अपनी खास पहचान बना चुका है।
बाजार की जरूरत समझकर शुरू की नई पहल
संगीता गेदाम के अनुसार रायपुर के खानपान बाजार में समोसे, पारंपरिक वड़े, चाट, कचौड़ी, पराठे और चाइनीज व्यंजनों के अनगिनत विकल्प आसानी से उपलब्ध थे। हालांकि, चावल वड़ा बेचने वाले स्टॉल शहर में न के बराबर दिखाई देते थे। इसी कमी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कुछ अलग और अनूठा करने की योजना बनाई। अपने इस विचार को धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने अपने पड़ोस में रहने वाले एक ओडिया परिवार से संपर्क किया। पड़ोसियों से चावल वड़ा बनाने की पारंपरिक विधि सीखने के बाद संगीता ने अपने खास स्वाद और अंदाज के साथ इसे ग्राहकों के सामने पेश करना शुरू कर दिया।
विशेष तैयारी और मानसून में बढ़ी मांग
इस लजीज चावल वड़े को तैयार करने के लिए उसना चावल का उपयोग किया जाता है। चावल को पूरी रात पानी में अच्छी तरह भिगोकर रखा जाता है। अगली सुबह इसे बारीक पीसकर पेस्ट तैयार किया जाता है और इसमें आवश्यक मसाले तथा सामग्री मिलाई जाती है। इसके बाद गरमा-गरम वड़े तैयार किए जाते हैं। बारिश के मौसम में इस खास व्यंजन की मांग में जबरदस्त इजाफा देखा गया है। अलग स्वाद और कुरकुरेपन के कारण लोग इसे चखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
तीन चटनियों और मटर तरी के साथ 40 रुपये में प्लेट
स्टॉल पर चावल वड़े को बेहद खास अंदाज में परोसा जाता है। ग्राहकों को एक प्लेट में वड़े के साथ तीन अलग तरह की चटनियां और मटर की तरी दी जाती है। इसमें तीखी लहसुन-लाल मिर्च की चटनी, ताजी धनिया-पुदीना चटनी और स्वादिष्ट दही की चटनी शामिल है। चटपटी मटर तरी और चटनियों का यह संयोजन ग्राहकों को बेहद पसंद आ रहा है। स्टॉल पर एक प्लेट चावल वड़ा की कीमत 40 रुपये तय की गई है। हर दिन यहां 250 से ज्यादा प्लेट वड़ा बिक जाता है, जिससे केवल चावल वड़ा की बिक्री से ही रोजाना 10,000 रुपये से अधिक की कमाई हो जाती है।
स्टॉल का समय और अन्य लजीज व्यंजन
संगीता का यह फूड स्टॉल सुबह 8 बजे खुलता है और रात 10 बजे तक ग्राहकों की सेवा में लगा रहता है। चावल वड़ा के अलावा यहां मेनू में कई अन्य व्यंजन भी शामिल हैं। लोग यहां मूंग वड़ा, बन-मस्का और गरमा-गरम चाय का स्वाद ले सकते हैं। इसके साथ ही ओडिशा की मशहूर पारंपरिक मिठाई छेना पोड़ा भी यहां आने वाले लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पति का हाथ बटाने के उद्देश्य से शुरू हुआ संगीता का यह प्रयास आज उनकी आत्मनिर्भरता और मजबूत पहचान का प्रतीक बन चुका है।



















