न्यूजीलैंड दौरे पर देवदत्त पडिक्कल का शानदार शतक, साई सुदर्शन सिर्फ 8 रन से चुकेवेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट से बाहर रह सकते हैं लिटन दास, चोट के बावजूद चयन को लेकर असमंजससाउथ अभिनेता अर्जुन सरजा के घर गूंजी शहनाइयां, बेटी अंजना अर्जुन ने लॉन्गटाइम पार्टनर इसाई संग रचाई दो अलग रीति-रिवाजों से शादीनेपाल प्रीमियर लीग में पाकिस्तानी क्रिकेटरों की राह में अड़चन, NOC को लेकर खड़ी हुई बड़ी मुश्किलउड़ता तीर बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 3: आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की फिल्म ने पहले वीकेंड पर कमाए इतने करोड़फिल्मों में आने से पहले ही शक्ति कपूर की तस्वीर पान की दुकान पर लगाता था एक शख्स, भविष्य को लेकर कही थी बड़ी बातशादाब खान के ऐतिहासिक शतक से इंग्लैंड चित, पाकिस्तान ने दर्ज की रोमांचक जीतटाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर वायरल बयानों पर सफाई, प्रवक्ता ने दावों को बताया पूरी तरह फर्जीमुंबई में कृष्णा दास के कीर्तन में भक्तिमय हुए अनुष्का शर्मा और विराट कोहलीटाइगर श्रॉफ पर हमले की असली साजिश, आमिर खान थे शूटर्स का मुख्य टारगेट
कालीन पर उकेरा प्रधानमंत्री का चित्र, पिता से हुनर सीखकर मिर्जापुर की महिला बनीं स्वावलंबीसक्सेस स्टोरी
12 अक्तू॰ 2026, 7:46 am (18 दिन पहले)· 1

कालीन पर उकेरा प्रधानमंत्री का चित्र, पिता से हुनर सीखकर मिर्जापुर की महिला बनीं स्वावलंबी

मिर्जापुर के कपसेठी गांव की ज्ञान देवी ने पिता से कालीन बुनाई सीखकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है, जहां वे रोज 500 से 600 रुपये कमा रही हैं।

पारंपरिक हुनर और कड़े परिश्रम के दम पर महिलाएं अब आर्थिक स्वावलंबन की नई मिसाल कायम कर रही हैं। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के कपसेठी गांव की निवासी ज्ञान देवी ने अपने पुश्तैनी कौशल को आजीविका का सशक्त जरिया बना दिया है। कालीन बुनाई की कला को संवारकर उन्होंने न केवल अपनी आमदनी का मजबूत रास्ता निकाला है, बल्कि कालीन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर उकेरकर अपनी अनूठी कारीगरी का परिचय भी दिया है। इस हुनर के जरिए वे हर दिन 500 से 600 रुपये अर्जित कर रही हैं और क्षेत्र की अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने की राह दिखा रही हैं।

पिता की विरासत से सीखी बुनाई की बारीकियां

ज्ञान देवी का संबंध एक ऐसे परिवार से रहा है जहां बचपन से ही कालीन उद्योग की चहल-पहल देखी जाती थी। उनके घर में कालीन का बड़ा कारोबार था, जिसमें उनके पिता के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्य भी बुनाई के काम में जुटे रहते थे। बचपन के इसी माहौल ने ज्ञान देवी के भीतर भी ताने-बाने को समझने और बुनाई सीखने की गहरी ललक पैदा की। पिता ने उन्हें इस पारंपरिक शिल्प के तमाम हुनर, बारीकियां और डिजाइन तैयार करने की कला सिखाई। शादी के बाद भी उन्होंने अपने इस हुनर को थमने नहीं दिया और वैवाहिक जिम्मेदारियों के बीच भी बुनाई का काम निरंतर जारी रखा।

ये भी पढ़ें

गुजरात में प्रधानमंत्री से मुलाकात और नई प्रेरणा

ज्ञान देवी को गुजरात में एक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रत्यक्ष रूप से मिलने का मौका मिला था। इस मुलाकात और मिले प्रोत्साहन ने उनके भीतर कुछ विशिष्ट कर दिखाने का आत्मविश्वास जगाया। उसी प्रेरणा का परिणाम रहा कि उन्होंने धागों के सहारे कालीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हूबहू चित्र उकेर डाला। इस अनूठी कलाकृति ने उनकी कारीगरी को अलग पहचान दिलाई और उनके काम को नई ऊर्जा प्रदान की।

घरेलू जिम्मेदारियों के साथ आत्मनिर्भरता की मिसाल

घर-गृहस्थी के रोजमर्रा के कामकाज को संभालते हुए ज्ञान देवी नियमित रूप से कालीन की बुनाई करती हैं। इस काम से वे प्रतिदिन 500 से 600 रुपये की कमाई कर लेती हैं, जिसके चलते उनकी मासिक आमदनी 15 से 16 हजार रुपये तक पहुंच जाती है। सरकार की ओर से महिलाओं के सशक्तीकरण और उन्हें अलग-अलग व्यवसायों से जोड़कर लाभान्वित करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ज्ञान देवी को भी प्रशासनिक स्तर पर प्रोत्साहन मिला है, लेकिन उनका साफ मानना है कि स्वावलंबी बनने की असली ताकत अपने खुद के प्रयासों में छिपी है, न कि केवल सरकारी मदद के भरोसे बैठे रहने में।

सवाल-जवाब

ज्ञान देवी कहां की रहने वाली हैं?
ज्ञान देवी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के कपसेठी गांव की निवासी हैं।
ज्ञान देवी ने कालीन बुनाई का काम किससे सीखा?
उन्होंने कालीन बुनाई की बारीकियां और कारीगरी अपने पिता से सीखी हैं।
ज्ञान देवी ने कालीन पर किसका चित्र उकेरा है?
उन्होंने कालीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर उकेरी है।
ज्ञान देवी कालीन बुनाई से रोजाना कितनी कमाई कर लेती हैं?
वे कालीन बुनाई के काम से हर दिन 500 से 600 रुपये कमाती हैं।
उनकी मासिक आमदनी कितनी हो जाती है?
घरेलू कामकाज के साथ वे महीने में लगभग 15 से 16 हजार रुपये कमा लेती हैं।
ज्ञान देवी को कालीन पर चित्र बनाने की प्रेरणा कहां से मिली?
गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मिले प्रोत्साहन से उन्हें यह प्रेरणा मिली।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·17 दिन पहले

पुश्तैनी हुनर को ज़िंदा रखते हुए खुद के पैरों पर खड़े होना वाक़ई कमाल है।

Rohan Verma@rohan-verma·17 दिन पहले

बिल्कुल सही कहा आपने उमर जी। पर क्या आपको पता है कि मिर्जापुर के इस गांव में ऐसी हुनरमंद महिलाओं के लिए कोई ट्रेनिंग सेंटर भी है या सबने घर पर ही सीखा है?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp