नई दिल्ली। क्या कोई व्यक्ति बिना किसी तकनीकी बैकग्राउंड या कोडिंग जानकारी के दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग ऐप का ग्लोबल सीईओ बन सकता है? आमतौर पर इस सवाल का जवाब असंभव माना जाता है, लेकिन भारतीय आंत्रप्रेन्योर कुणाल शाह ने इसे हकीकत में बदलकर दिखाया है। मुंबई के विल्सन कॉलेज से फिलॉसफी में पढ़ाई करने वाले और एमबीए की पढ़ाई अधूरी छोड़ने वाले कुणाल शाह अब दुनिया भर में करोड़ों लोगों के बीच प्रचलित वॉट्सऐप के नए ग्लोबल हेड होंगे। मेटा द्वारा किए गए 90 करोड़ डॉलर के निवेश और एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सौदे के बाद, क्रेड के संस्थापक को सिलिकॉन वैली की इस बड़ी जिम्मेदारी के लिए चुना गया है।
कोडिंग से परे लीडरशिप का विजन
यह नियुक्ति ग्लोबल कॉरपोरेट जगत में एक मिसाल बन गई है, क्योंकि इस स्तर के पदों पर अक्सर आईआईटी या बड़ी विदेशी यूनिवर्सिटीज से कोडिंग और इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले दिग्गजों का कब्जा रहा है। मेटा के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग का मानना है कि कुणाल शाह का लीक से हटकर सोचने का नजरिया और उनका व्यावहारिक विजन उनकी सबसे बड़ी ताकत है। इस ग्लोबल भूमिका को स्वीकार करने के बाद कुणाल शाह ने क्रेड के दैनिक कामकाज से दूरी बना ली है, जहां अब मितेन संपत अंतरिम सीईओ के रूप में काम संभालेंगे। हालांकि, कुणाल अभी भी क्रेड के सबसे बड़े व्यक्तिगत शेयरधारक बने रहेंगे।
शिक्षा से लेकर फ्रीचार्ज तक का सफर
कुणाल शाह का करियर पारंपरिक डगर से काफी अलग रहा है। उन्होंने विल्सन कॉलेज से फिलॉसफी में ग्रेजुएशन किया और नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से एमबीए की शुरुआत की, लेकिन थ्योरी से ज्यादा बिजनेस की जमीनी हकीकत समझने के लिए उन्होंने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। उनके करियर में पहला बड़ा पड़ाव साल 2010 में आया, जब उन्होंने संदीप टंडन के साथ मिलकर फ्रीचार्ज की नींव रखी। वर्ष 2015 में स्नैपडील ने इस प्लेटफॉर्म को करीब 450 मिलियन डॉलर (लगभग 3,500 करोड़ रुपये) के ऑल-कैश सौदे में अधिग्रहित किया, जिसे भारतीय स्टार्टअप जगत के इतिहास का सबसे बड़ा एक्विजिशन कहा गया।
क्रेड का उदय और मार्केट में दबदबा
फ्रीचार्ज के बाद, कुणाल शाह ने तीन साल तक वैश्विक बाजारों को करीब से समझा और साल 2018 में 10 लाख डॉलर की अपनी निजी पूंजी लगाकर क्रेड शुरू किया। कंपनी ने केवल प्रीमियम क्रेडिट स्कोर वाले यूजर्स को लक्षित किया और आज यह भारत के कुल क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट का 40% से अधिक हिस्सा प्रोसेस करती है। कंपनी के पास वर्तमान में 1.7 करोड़ मेंबर्स हैं। वित्त वर्ष 2026 में क्रेड ने अपनी पहली प्रॉफिटेबल तिमाही दर्ज की है, और कंपनी का सालाना रेवेन्यू 325 मिलियन डॉलर (3,200 करोड़ रुपये) है। मेटा के साथ हुए इस निवेश के बाद क्रेड का वैल्यूएशन 4.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के मार्गदर्शक
कुणाल शाह को भारतीय टेक जगत का गॉडफादर माना जाता है क्योंकि वे नए स्टार्टअप्स में सक्रियता से निवेश करते हैं। उन्होंने अनएकेडमी, रेज़रपे, रेपिडो और गो-जेक जैसी प्रमुख कंपनियों को फंडिंग दी है। वे वाई कॉम्बिनेटर में पार्ट-टाइम पार्टनर रहने के साथ-साथ इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन और सिकोइया कैपिटल के सलाहकार भी रह चुके हैं। अब वॉट्सऐप के ग्लोबल हेड के तौर पर, कुणाल शाह की मुख्य चुनौती 3 अरब से ज्यादा मंथली एक्टिव यूजर्स वाले इस प्लेटफॉर्म को वॉट्सऐप पे और एआई एजेंट्स के माध्यम से मॉनेटाइज करने की होगी।













