सहारनपुर की रहने वाली महिलाएं इन दिनों आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। इसी कड़ी में खाताखेड़ी निवासी साजिया पिछले दो साल से पूरी तरह प्राकृतिक और केमिकल मुक्त साबुन तैयार करने का काम कर रही हैं। बाजार में मिलने वाले विज्ञापनों और केमिकल युक्त उत्पादों से तंग आकर उन्होंने खुद घर पर ही जड़ी-बूटियों और नेचुरल चीजों से साबुन बनाने की ठानी थी, जो आज देश भर के ग्राहकों को खूब पसंद आ रहा है।
त्वचा की समस्या से हुई थी शुरुआत
शुरुआती दौर में साजिया भी बाजार में मिलने वाले आम साबुनों का ही इस्तेमाल किया करती थीं, लेकिन इससे उनकी त्वचा को फायदा मिलने के बजाय नुकसान होने लगा और स्किन काफी खराब हो गई। इस परेशानी से निजात पाने के लिए उन्होंने रासायनिक उत्पादों को छोड़कर प्राकृतिक चीजों का रुख किया। उन्होंने एलोवेरा और मुल्तानी मिट्टी जैसी घरेलू और प्राकृतिक चीजों का उपयोग करना शुरू किया, जिससे उनकी त्वचा को काफी राहत मिली। इसी अनुभव ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि क्यों न इन नेचुरल चीजों से अन्य लोगों के लिए भी त्वचा के अनुकूल उत्पाद तैयार किए जाएं।
औपचारिक ट्रेनिंग लेकर बढ़ाया दायरा
अपने इस विचार को अमलीजामा पहनाने के लिए उन्होंने विधिवत रूप से प्रशिक्षण लेने का फैसला किया। उन्होंने केवीके और पीएनबी के माध्यम से साबुन निर्माण की ट्रेनिंग ली, जहां उन्हें नीम, एलोवेरा और अन्य प्राकृतिक घटकों की मदद से सोप बनाने की बारीकियां सिखाई गईं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने सबसे पहले मुल्तानी मिट्टी का साबुन तैयार किया। इस हर्बल साबुन को उन्होंने सबसे पहले अपने घर के सदस्यों और आसपास के परिचितों को इस्तेमाल करने के लिए दिया। जब परिजनों और पड़ोसियों को यह उत्पाद बहुत पसंद आया, तब उन्होंने इस काम को व्यावसायिक रूप देने का निर्णय लिया।
आज पोर्टफोलियो में शामिल हैं 20 प्रकार के साबुन
धीरे-धीरे साजिया ने प्राकृतिक साबुनों की वेराइटी और मात्रा दोनों बढ़ानी शुरू कर दी। आज उनके पास लगभग 20 तरह के अलग-अलग नेचुरल साबुन उपलब्ध हैं, जिनमें गुलाब, शहद, केसर, नीम, एलोवेरा, मुल्तानी मिट्टी, चारकोल, ग्लिसरीन और गुलाब जल जैसे कई बेहतरीन घटक शामिल हैं। इन साबुनों को बनाने में किसी भी तरह के हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। उनके इन उत्पादों की खूबी यह है कि ये त्वचा की टैनिंग को दूर करने के साथ-साथ डेड स्किन को हटाकर चेहरे पर प्राकृतिक निखार लाते हैं।
ऑनलाइन और ऑफलाइन मिल रही है देशव्यापी मांग
शुरुआत में स्थानीय स्तर पर शुरू हुआ यह छोटा सा काम अब काफी बड़े पैमाने पर फैल चुका है। साजिया के बनाए गए नेचुरल साबुन आज देश भर से डिमांड पा रहे हैं और ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों से धड़ल्ले से बिक रहे हैं। ग्राहकों के बीच इन उत्पादों की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जो भी व्यक्ति एक बार उनका साबुन खरीदता है, वह दोबारा रिपीट ऑर्डर जरूर देता है। उन्होंने यह मुकाम अपनी कड़ी मेहनत और प्राकृतिक जीवनशैली को बढ़ावा देने की सोच के साथ हासिल किया है।



















