मुजफ्फरपुर की रहने वाली सोनी गुप्ता ने मिसेज बिहार 2026 का प्रतिष्ठित खिताब जीतकर राज्य का नाम रोशन किया है। जीरोमाइल की निवासी सोनी, जो कि तीन बच्चों की मां हैं और शांति निकेतन स्कूल में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, ने साबित कर दिया कि उम्र और पारिवारिक जिम्मेदारियां सपनों की राह में बाधा नहीं बनतीं। पटना के पनाश कौटिल्य होटल में संपन्न हुई इस प्रतियोगिता में राज्य भर से आई लगभग 100 महिलाओं ने हिस्सा लिया था। इन सभी प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, लेकिन सोनी ने अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व और आत्मविश्वास के बल पर निर्णायक मंडल को प्रभावित किया और विजेता घोषित की गईं।
प्रतियोगिता और पुरस्कार का विवरण
आयोजकों द्वारा इस कार्यक्रम का संचालन 3 जुलाई को किया गया था, जिसका मूल उद्देश्य राज्य की महिलाओं में सशक्तिकरण की भावना को और अधिक प्रोत्साहित करना था। विजेता बनने पर सोनी गुप्ता को आधिकारिक रूप से मिसेज बिहार 2026 का ताज पहनाया गया। सम्मान के प्रतीक के रूप में उन्हें 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि भी भेंट की गई। जजों ने प्रतिभागियों का चयन उनके संप्रेषण कौशल, मंच पर उनके प्रदर्शन, मानसिक दृढ़ता और ओवरऑल पर्सनैलिटी के आधार पर किया था।
अनुशासित जीवनशैली और फिटनेस का महत्व
सोनी की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और अनुशासित दिनचर्या का बड़ा योगदान है। उन्होंने बताया कि विवाह के 17 साल बीतने और तीन बच्चों की परवरिश के साथ-साथ व्यावसायिक जिम्मेदारियों को संभालते हुए भी उन्होंने अपनी सेहत को कभी नजरअंदाज नहीं किया। वह अपनी दिनचर्या में योग और एक्सरसाइज को अनिवार्य मानती हैं। उनका दृढ़ मत है कि संतुलित खान-पान और शारीरिक सक्रियता न केवल शरीर को निरोगी रखती है, बल्कि व्यक्ति के आत्मबल को भी सुदृढ़ बनाती है, जिससे जीवन की जटिल चुनौतियों का सामना करने की हिम्मत मिलती है।
प्रशिक्षण और परिवार का सहयोग
इस बड़े मंच पर उतरने से पहले सोनी ने पटना में 14 दिनों तक विशेष प्रशिक्षण सत्र में भाग लिया था। इस ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने अपनी मंच की प्रस्तुति, व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास बढ़ाने की तकनीकों पर गहन काम किया। हालांकि, सोनी के लिए यह राह आसान नहीं थी। उन्हें इस इवेंट के बारे में जानकारी इंस्टाग्राम के जरिए मिली थी। शुरुआत में उन्हें अपने पति की अनुमति मिलने में कठिनाई हुई, लेकिन बाद में पूरे परिवार ने उनका भरपूर साथ दिया। अब सोनी अन्य महिलाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं। वह अन्य महिलाओं को संदेश देती हैं कि परिवार के दायित्वों के बीच खुद के स्वास्थ्य के लिए समय निकालना अत्यंत आवश्यक है। नियमित व्यायाम और खान-पान पर नियंत्रण रखकर कोई भी महिला जीवन भर ऊर्जावान रह सकती है। सोनी का आगामी लक्ष्य अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाकर देश का प्रतिनिधित्व करना है।











