कामयाबी की कई कहानियां आपने पढ़ी और सुनी होंगी, लेकिन मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से आने वाली यह कहानी आपको हैरान कर देगी। यहां कभी 35 रुपये रोज की मजदूरी करने वाला एक शख्स आज लखपति बन चुका है। यह मिसाल दिखाती है कि मेहनत और जुनून मिलकर किसी इंसान को फर्श से अर्श तक कैसे पहुंचा सकते हैं। बात दौलतपुरा के प्रकाश तायडे की है, जिन्होंने सिर्फ छठी कक्षा तक पढ़ाई की है, लेकिन अपने हुनर के दम पर बड़े-बड़े लोग आज उनके कायल हैं।
करीब 25 साल पहले प्रकाश तायडे महज ₹35 रुपये की दिहाड़ी पर काम करते थे। उसी दौर में उन्हें अपनी बहन से टेंट हाउस का कारोबार शुरू करने का सुझाव मिला। उन्होंने ₹100000 का कर्ज लेकर यह व्यवसाय खड़ा किया। शुरुआती दिनों में उन्हें बहुत मुश्किलों से जूझना पड़ा, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने एक बार फिर बैंक से कर्ज लेकर ज्यादा सामान खरीदा और आज उनका प्रकाश टेंट हाउस बखूबी चल रहा है। अब वे सालाना 4 से 5 लाख रुपये कमा लेते हैं और अपने इलाके के चार से पांच लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।
प्रकाश तायडे ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने ₹100000 का कर्ज लिया था। टेंट हाउस का यह बिजनेस शुरू करने की प्रेरणा उन्हें अपनी बहन से ही मिली। शुरुआत में काफी घाटा झेलना पड़ा, पर उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और लगातार संघर्ष करते रहे। बाद में उन्होंने ₹500,000 का दोबारा कर्ज लेकर और सामान जुटाया और टेंट का कारोबार आगे बढ़ाया। अब इस काम में उनका बेटा आकाश भी हाथ बंटाता है। वे खुद चार लोगों को रोजगार दे रहे हैं और उनका मकसद है कि वे अपने इलाके के ज्यादा से ज्यादा लोगों को काम दे सकें।
प्रकाश तायडे ने आगे कहा कि उन्होंने सिर्फ कक्षा छठवीं तक की पढ़ाई की है, इसके बाद उनका मन पढ़ाई में नहीं लगा। घर की हालत ठीक न होने की वजह से वे दूसरों के यहां काम करने लगे, जहां दिनभर मजदूरी के बाद उन्हें ₹35 रोज मिलते थे और परिवार चलाना भी मुश्किल पड़ता था। फिर बहन से जो आइडिया मिला, उस पर उन्होंने काम करना शुरू किया और आज वे सालाना 4 से 5 लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं।













