दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और इसके पास स्थित केरल के तटीय इलाकों के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हो गया है। इस मौसमी हलचल का सीधा असर तमिलनाडु के मौसम पर पड़ेगा, जिससे राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ पानी गिरने की पूरी संभावना है। क्षेत्रीय मौसम कार्यालय के ताजा अनुमान के अनुसार, आने वाले दो दिनों के दौरान कावेरी डेल्टा क्षेत्र और दक्षिणी तटीय बेल्ट में बारिश का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा।
दिवाली के दिन इन सात जिलों में होगी भारी बारिश
रविवार 8 नवंबर 2026 को दीपावली के पावन पर्व पर मौसम विभाग ने विशेष रूप से सात जिलों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इस सूची में तंजावुर, तिरुवरूर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, पुदुकोट्टई, रामनाथपुरम और तूतीकोरिन शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार पानी बरस सकता है और हवाएं भी काफी तेज गति से चलेंगी।
कई अन्य इलाकों में मध्यम और हल्की बौछारों का अनुमान
केवल ये सात जिले ही नहीं, बल्कि चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम, कुड्डालोर, कल्लाकुरिची, तिरुचिरापल्ली, अरियालुर और पेरम्बलुर में मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा शिवगंगा, इरोड, तिरुप्पुर, डिंडीगुल, मदुरै, विरुधुनगर, थेनी, तेनकासी, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी जिलों के लिए भी मध्यम बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। शेष अन्य आंतरिक क्षेत्रों में हल्की बौछारों के साथ बिजली कड़कने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।
सोमवार को भी जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, चक्रवाती परिसंचरण का यह प्रभाव अगले दिन यानी सोमवार 9 नवंबर 2026 को भी बना रहेगा। इस दिन भी सात प्रमुख जिलों में भारी बारिश होने के आसार हैं, जिनमें तंजावुर, तिरुवरूर, मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम, पुदुकोट्टई, शिवगंगा और रामनाथपुरम के नाम शामिल हैं। साथ ही नीलगिरि, कोयंबटूर, तिरुप्पुर, विरुधुनगर, डिंडीगुल, मदुरै, थेनी और तूतीकोरिन जैसे इलाकों में मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है।
कृषि और जनजीवन पर पड़ने वाला असर
लगातार दो दिनों तक होने वाली यह मूसलाधार बारिश कावेरी डेल्टा क्षेत्र के लिए बहुत मायने रखती है। इस इलाके में धान की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है और यहाँ की पूरी कृषि व्यवस्था प्राकृतिक जल संसाधनों पर टिकी हुई है। समय पर मिलने वाला पानी फसलों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है, लेकिन अत्यधिक जलभराव होने पर निचले खेतों में खड़ी फसल को नुकसान भी पहुँच सकता है।
यातायात और रोजमर्रा की दिनचर्या में बाधा
अचानक तेज गति से होने वाली बारिश की वजह से तटीय तथा अंदरूनी दोनों तरह के जिलों में सामान्य जनजीवन पर असर पड़ सकता है। सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात की आवाजाही भी बाधित होने की आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का स्पष्ट मानना है कि केरल तट और अरब सागर के ऊपर बना यह सर्कुलेशन ही इस समय तमिलनाडु के मौसम में आए बदलाव की मुख्य वजह है।























