उच्च शिक्षा में डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तमिलनाडु सरकार ने एक बड़ा कल्याणकारी कदम उठाया है। राज्य के मुख्यमंत्री विजय ने कॉलेज विद्यार्थियों के लिए बहुप्रतीक्षित वेट्री लैपटॉप योजना को धरातल पर उतारने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। दिवाली के पावन अवसर पर घोषित इस व्यापक कार्यक्रम के लिए राज्य के खजाने से 2,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। इस महत्वाकांक्षी पहल का सीधा लाभ सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकित हजारों छात्र-छात्राओं को मिलेगा, जिससे उन्हें आधुनिक तकनीकी शिक्षा हासिल करने में मदद मिलेगी।
उच्च स्तरीय प्रोसेसर वाले उपकरणों से लैस होंगे छात्र
इस योजना के अंतर्गत वितरित किए जाने वाले उपकरणों की तकनीकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया है। विद्यार्थियों को इंटेल कोर i5 प्रोसेसर या उसके समकक्ष आधुनिक तकनीक पर आधारित लैपटॉप प्रदान किए जाएंगे। राज्य प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि आधुनिक सूचना युग में लैपटॉप सिर्फ एक साधारण इलेक्ट्रॉनिक गैजेट भर नहीं रह गया है, बल्कि यह शोध, करियर निर्माण, तकनीकी दक्षता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बुनियादी औजार बन चुका है। शक्तिशाली प्रोसेसर की बदौलत विद्यार्थी प्रोग्रामिंग, कोडिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और डिजिटल शोध कार्य बिना किसी रुकावट के पूरा कर सकेंगे, जिससे उनका कौशल वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार होगा।
किन पाठ्यक्रमों और वर्षों के विद्यार्थी होंगे पात्र
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह लाभ उन विद्यार्थियों को मिलेगा जो शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान अपनी पढ़ाई कर रहे होंगे। योजना के मुख्य दायरे में सरकारी और सहायता प्राप्त संस्थानों के प्रथम और द्वितीय वर्ष के स्नातक यानी यूजी और डिप्लोमा छात्र शामिल हैं। इसके अंतर्गत विभिन्न शैक्षणिक धाराओं को व्यापक स्तर पर समाहित किया गया है
- कला और विज्ञान संकाय के स्नातक विद्यार्थी
- इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रशिक्षु
- आईटीआई और तकनीकी संस्थानों के छात्र
- चिकित्सा, नर्सिंग और पशु चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई कर रहे युवा
- कृषि विज्ञान, बागवानी और मत्स्य पालन संकाय के विद्यार्थी
- विधि यानी लॉ कॉलेजों में अध्ययनरत कानून के छात्र
इसके अतिरिक्त सामाजिक न्याय और समानता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उन वरिष्ठ छात्रों को भी राहत दी है जो पहले इस लाभ से वंचित रह गए थे। सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों में वोकेशनल यानी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के तीसरे और चौथे वर्ष में पढ़ रहे वे छात्र जिन्हें शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान लैपटॉप नहीं मिल सका था, उन्हें भी इस बार पात्र माना जाएगा।
बजट घोषणा से प्रशासनिक अमलीजामा तक
वेट्री लैपटॉप योजना की शुरुआती रूपरेखा तमिलनाडु के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रस्तुत की गई थी। अब मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्वीकृति देते हुए अधिकारियों को इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। योजना के सुचारू संचालन और पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री विजय की सीधी अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय संचालन समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति योजना के हर चरण की निरंतर निगरानी करेगी ताकि पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी देरी के उपकरण पहुंच सकें।
खरीद और गुणवत्ता जांच का जिम्मा ईएलसीओटी के पास
लैपटॉप की थोक खरीद और गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स निगम यानी ईएलसीओटी को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई है। ईएलसीओटी ही वेंडरों के चयन, तकनीकी परीक्षण और आपूर्ति श्रृंखला के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेगा। हार्डवेयर में किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी से बचने के लिए सख्त परीक्षण मानक तय किए जा रहे हैं। राज्य सरकार जल्द ही खरीद प्रक्रिया, वितरण कार्यक्रम, कॉलेज स्तर पर सत्यापन और वितरण शिविरों के आयोजन को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी करने जा रही है।
निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ा संबल
इस योजना का प्राथमिक सामाजिक लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम आय वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के लिए तकनीकी खाई को पाटना है। आर्थिक तंगी के कारण अक्सर होनहार छात्र महंगे लैपटॉप खरीदने में असमर्थ होते हैं, जिससे वे ऑनलाइन प्रमाणन पाठ्यक्रम, उन्नत इंटर्नशिप और डिजिटल प्रोजेक्ट्स में पिछड़ जाते हैं। राज्य प्रशासन का भरोसा है कि मुफ्त लैपटॉप मिलने से इन छात्रों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और वे आधुनिक नौकरी बाजार की चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकेंगे। यह दूरगामी कार्यक्रम आने वाले समय में राज्य के समावेशी विकास और युवाओं के बौद्धिक उत्थान में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा।



















