सोशल मीडिया पर अपनी खास पहचान रखने वाली चंद्रिका दीक्षित ने हाल ही में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का एक फर्जी वीडियो अपने अकाउंट पर साझा किया था। इस एआई निर्मित क्लिप के सामने आने के बाद इंटरनेट पर काफी हंगामा मच गया था और लोग उन पर भड़क उठे थे। बढ़ते विरोध को देखते हुए अब उन्होंने एक नया वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार की है और माफी मांग ली है।
वायरल वीडियो और लोगों का गुस्सा
वायरल हो रहे नए वीडियो में चंद्रिका हाथ जोड़े हुए अपनी गलती मानती नजर आ रही हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वह भ्रमित हो गईं थीं और उन्होंने बिना किसी पड़ताल के वह सामग्री साझा कर दी थी। जैसे ही यह पोस्ट ऑनलाइन फैली, उपयोगकर्ताओं ने उन्हें आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। कई लोगों ने उनकी इस लापरवाही पर कड़ी आपत्ति जताई और अधिकारियों से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग तक कर डाली।
सच्चाई सामने आने के बाद मांगी माफी
जब चंद्रिका को इस बात की जानकारी मिली कि वह वीडियो असली नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया एक डीपफेक था, तो उन्होंने तुरंत अपनी गलती का अहसास किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेס पहुंचाना नहीं था। इसके साथ ही उन्होंने सभी इंटरनेट उपयोगकर्ताओं से यह अपील भी की कि ऑनलाइन मंचों पर दिखने वाली हर सामग्री पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें।
केंद्रीय मंत्री ने भी दर्ज कराई थी शिकायत
उस डीपफेक वीडियो में पीयूष गोयल को एक विवादित टिप्पणी करते हुए दिखाया गया था, जिसके बाद खुद केंद्रीय मंत्री ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने बताया था कि वह वीडियो पूरी तरह से मनगढ़ंत है और तकनीक के गलत इस्तेमाल से बनाया गया है। इस सिलसिले में उन्होंने संबंधित अधिकारियों के पास आधिकारिक शिकायत भी दर्ज कराई थी और जनता से ऐसे भ्रामक वीडियो आगे न बढ़ाने का आग्रह किया था। हालांकि, तब तक चंद्रिका अपने अकाउंट पर उस सामग्री को साझा कर चुकी थीं और मंत्री के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया दे चुकी थीं।
इन्फ्लुएंसर की जिम्मेदारी पर उठे सवाल
इस पूरी घटना के बाद ऑनलाइन दुनिया में यह बहस छिड़ गई कि लोकप्रिय हस्तियों और बड़े इन्फ्लुएंसर्स की समाज के प्रति क्या जिम्मेदारी होती है। आलोचकों का कहना था कि चूंकि उनके पास एक बड़ा दर्शक वर्ग है, इसलिए उन्हें किसी भी संवेदनशील सामग्री को आगे बढ़ाने से पहले उसकी प्रामाणिकता की पूरी जांच करनी चाहिए थी। भारी आलोचना का सामना करने के बाद आखिरकार उन्होंने वीडियो के जरिए अपनी भूल स्वीकार कर ली है।



















