वियरएबल डिवाइस टेंपल को लेकर डॉक्टरों की तरफ से उठाए गए सवालों के बाद, इटरनल के पूर्व सीईओ और स्टार्टअप संस्थापक दीपिंदर गोयल ने शुक्रवार को खुलकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह गैजेट कोई मेडिकल उपकरण नहीं है, बल्कि एक फिटनेस ट्रैकर और वेलनेस डिवाइस है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जैसे ही यह उत्पाद उपभोक्ताओं के हाथ में पहुंचेगा, इसके समर्थन में वैज्ञानिक सत्यापन और स्वतंत्र अध्ययन सार्वजनिक कर दिए जाएंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पोस्ट साझा करते हुए दीपिंदर गोयल ने बताया कि ग्राहकों के लिए खरीदारी को आसान और जोखिममुक्त बनाने के लिए कंपनी ने 14 दिन की रिटर्न पॉलिसी तय की है। इस अवधि के दौरान बिना किसी सवाल-जवाब के डिवाइस को वापस किया जा सकेगा, ताकि लोग खुद इसके दावों को परख सकें।
इस प्रोजेक्ट में भारी भरकम निवेश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि टेंपल के विकास पर करीब 30 मिलियन डॉलर खर्च किए गए हैं, जिसमें से लगभग 20 मिलियन डॉलर उनकी खुद की पूंजी थी। उनके मुताबिक, इतना बड़ा वित्तीय निवेश और इस क्षेत्र में लंबी अवधि की प्रतिबद्धता इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि यह कोई फर्जीवाड़ा या धोखाधड़ी वाला उत्पाद नहीं है।
टेंपल पर पूरा ध्यान केंद्रित करने के लिए ही उन्होंने इटरनल के सीईओ पद से हटने का फैसला लिया था। दीपिंदर गोयल का कहना है कि उनकी अपनी साख सीधे तौर पर इस बात से जुड़ी हुई है कि इस गैजेट के पीछे का विज्ञान पूरी तरह सटीक और भरोसेमंद हो।
हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि टेंपल ने अभी तक अपने सभी मानकों का क्लिनिकल वेरिफिकेशन पूरा नहीं किया है। उन्होंने दोहराया कि जब ये क्लिनिकल आंकड़े तैयार हो जाएंगे, तो कंपनी बिना किसी देरी के इन्हें सबके सामने पेश करेगी।
फिटनेस ट्रैकर बनाम मेडिकल डिवाइस की बहस
विवाद बढ़ने पर दीपिंदर गोयल ने साफ शब्दों में कहा कि टेंपल का उद्देश्य कोई चिकित्सीय निदान करना नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पूरी तरह एक फिटनेस ट्रैकर और वेलनेस गैजेट है। उत्पाद के बाजार में पूरी तरह उतरने के बाद इसके पीछे के विज्ञान को पुख्ता करने वाले अध्ययन और रिसर्च सामने आते रहेंगे।
यह पूरा विवाद ऐसे वक्त में खड़ा हुआ है जब मेडिकल जगत से जुड़े विशेषज्ञ लगातार इसकी आलोचना कर रहे हैं। इस तीखे विरोध की अगुवाई लिवर रोग विशेषज्ञ सिरियाक एबी फिलिप्स कर रहे हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर द लिवर डॉक के नाम से जाना जाता है।
डॉक्टर सिरियाक एबी फिलिप्स ने सार्वजनिक मंचों पर टेंपल के वैज्ञानिक दावों को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर सवाल उठाया है कि क्या यह गैजेट सुपरफिशियल टेम्पोरल आर्टरी के माध्यम से मस्तिष्क से जुड़े स्वास्थ्य पैमानों को सटीक रूप से माप भी सकता है या नहीं।
एक्स पर की गई अपनी पोस्ट में सिरियाक एबी फिलिप्स ने आरोप लगाया कि कंपनी के पास मस्तिष्क के रक्त प्रवाह और अन्य जटिल शारीरिक गतिविधियों को मापने के दावों के समर्थन में पुख्ता सबूतों की कमी है। उनका तर्क है कि अब तक सामने आई सार्वजनिक सामग्री और प्री-प्रिंट रिसर्च पेपर इस डिवाइस की क्षमताओं को प्रमाणित करने के लिए नाकाफी हैं।
वैज्ञानिक प्रमाण और सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
आलोचकों का कड़ा रुख है कि कंपनी अपने उत्पाद के पीछे छिपे विज्ञान को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है। उनका मानना है कि इस तरह के संवेदनशील स्वास्थ्य दावों को बाजार में उतारने से पहले कड़े स्वतंत्र पीयर-रिव्यू सबूतों का होना अनिवार्य है।
इस पूरी तनातनी के बीच दीपिंदर गोयल का पक्ष है कि कंपनी आगे भी अपने वैलिडेशन डेटा को लगातार प्रकाशित करती रहेगी और वह अपने वैज्ञानिक तरीकों के साथ पूरी तरह खड़ी है। इस बहस ने इंटरनेट पर एक बड़ी बौद्धिक चर्चा को जन्म दे दिया है कि आम जनता से जुड़े वेलनेस प्रोडक्ट्स को बाजार में आने से पहले किस स्तर के वैज्ञानिक और चिकित्सकीय प्रमाण देने चाहिए।



















