बहुत से लोग अक्सर शिकायत करते हैं कि उन्होंने फोन थोड़ी देर ही इस्तेमाल किया और बैटरी तेजी से नीचे आ गई। इस स्थिति में तुरंत यह ख्याल आता है कि स्मार्टफोन पुराना हो गया है या फिर उसकी बैटरी खराब हो चुकी है। हालांकि, ज्यादातर मामलों में फोन की उम्र या हार्डवेयर का पुराना होना असली वजह नहीं होता है। असल में हम खुद दैनिक उपयोग में कुछ ऐसी गलतियां कर रहे होते हैं जिनकी वजह से बैटरी बहुत तेजी से खत्म होने लगती है। थोड़ी सी समझदारी और सतर्कता से इन आदतों को सुधारा जा सकता है, जिससे बैटरी फिर से लंबे समय तक चलने लगती है।
बैकग्राउंड ऐप्स का लगातार चलना
सबसे बड़ी और आम गलती बैकग्राउंड में ऐप्स के बिना रोक-टोक चलते रहने की होती है। इंस्टाग्राम, फेसबुक, वॉट्सऐप और यूट्यूब जैसे लोकप्रिय ऐप्स स्क्रीन बंद करने के बाद भी बैकग्राउंड में एक्टिव रहते हैं। ये ऐप्स चुपचाप डेटा का इस्तेमाल करते हैं, लोकेशन ट्रैक करते हैं और बैटरी को धीरे-धीरे खत्म करते रहते हैं। फोन की सेटिंग्स में जाकर बैटरी यूसेज चेक करना बेहद जरूरी है। जो ऐप जरूरत से ज्यादा बैटरी की खपत कर रहा हो, उसे फोर्स स्टॉप कर देना चाहिए या फिर उसके बैकग्राउंड रनिंग पर रोक लगा देनी चाहिए।
स्क्रीन ब्राइटनेस और डिस्प्ले सेटिंग्स
दूसरी सबसे सामान्य गलती स्क्रीन ब्राइटनेस से जुड़ी होती है। कई यूजर्स दिन हो या रात हमेशा ब्राइटनेस को फुल लेवल पर रखते हैं, जिससे स्क्रीन लगातार चमकती रहती है और बैटरी सबसे तेजी से खर्च होती है। इसके बचाव के लिए ऑटो ब्राइटनेस का विकल्प हमेशा ऑन रखना चाहिए और जरूरत के अनुसार ब्राइटनेस को कम रखना समझदारी है। इसके अलावा फोन में डार्क मोड चालू कर लेना चाहिए क्योंकि काली थीम स्क्रीन पर काफी कम पावर खर्च करती है।
लोकेशन सेवाएं और कनेक्टिविटी
लोकेशन सेवाएं भी चुपके से बैटरी को खत्म करने का काम करती हैं। जीपीएस हमेशा ऑन रहने की स्थिति में फोन लगातार सैटेलाइट की तलाश में रहता है। सेटिंग्स में जाकर लोकेशन की अनुमति सिर्फ ऐप के इस्तेमाल के दौरान के लिए ही सेट करनी चाहिए, इसे हमेशा ऑन रखना सही नहीं है। इसके साथ ही जब ब्लूटूथ और वाई-फाई की जरूरत न हो, तो उन्हें बंद रखना चाहिए ताकि फालतू ऊर्जा की खपत न हो।
कम नेटवर्क सिग्नल और 5G का असर
क्षेत्र में नेटवर्क सिग्नल कमजोर होने पर भी फोन की बैटरी जल्दी डिस्चार्ज होती है, क्योंकि डिवाइस बार-बार टावर तलाशता रहता है। कम सिग्नल वाले इलाकों में एयरप्लेन मोड को थोड़ी देर के लिए ऑन और ऑफ करके देखना चाहिए, जिससे कई बार नेटवर्क ठीक हो जाता है। इसके अलावा हर समय 5G ऑन रखने की आवश्यकता नहीं होती है। जिन जगहों पर 4G नेटवर्क सुचारू रूप से काम कर रहा हो, वहां 5G को बंद किया जा सकता है।
नोटिफिकेशंस और लाइव वॉलपेपर
नोटिफिकेशंस की बाढ़ भी बैटरी के लिए बड़ी समस्या बनती है। हर ऐप की मामूली जानकारी पर स्क्रीन जल उठती है, जिससे ऊर्जा बर्बाद होती है। ऐसे में अनावश्यक नोटिफिकेशंस को पूरी तरह बंद कर देना चाहिए और केवल जरूरी ऐप्स की ही अनुमति रखनी चाहिए। इसके अलावा फोन में विजेट्स और लाइव वॉलपेपर भी बैटरी को तेजी से चूसते हैं। हमेशा साधारण वॉलपेपर का इस्तेमाल करना चाहिए और बिना काम के विजेट्स को हटा देना चाहिए।
सॉफ्टवेयर अपडेट और कैश फाइलें
समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट न करना भी एक बड़ी भूल साबित होती है। पुराने ऐप्स और सिस्टम में कई बग रहते हैं जो लगातार बैटरी बर्बाद करते हैं। इसके लिए प्ले स्टोर और फोन की सेटिंग्स में जाकर लगातार अपडेट्स चेक करते रहना चाहिए। इसके साथ ही फोन का कैश साफ करना भी उतना ही जरूरी है। सेटिंग्स में जाकर स्टोरेज विकल्प के जरिए कैश को समय-समय पर क्लियर करते रहना चाहिए।
चार्जिंग के दौरान गेमिंग और हीटिंग
कुछ लोग स्मार्टफोन को चार्जिंग पर लगाकर लगातार गेम खेलते हैं या वीडियो देखते रहते हैं। इस गलत आदत से फोन अत्यधिक गर्म होने लगता है और बैटरी की सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचता है। चार्जिंग के समय फोन को पूरी तरह आराम देना चाहिए। डिवाइस के ज्यादा गर्म होने पर बैटरी लाइफ तेजी से घटने लगती है।
इन सभी छोटी-छोटी गलतियों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर सुधारना जरूरी है। फोन चाहे नया हो या फिर पुराना, अगर आप ये आदतें बदल लेते हैं तो बैटरी बैकअप में साफ सुधार देखने को मिलेगा। जरूरत पड़ने पर बैटरी सेवर मोड का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा स्क्रीन टाइमआउट को घटाकर 30 सेकंड कर देना चाहिए ताकि इस्तेमाल न होने पर स्क्रीन तुरंत बंद हो जाए।
अंत में यही कहा जा सकता है कि बैटरी का जल्दी खत्म होना हमेशा किसी पुराने फोन की निशानी नहीं होती। ज्यादातर मौकों पर हमारी अपनी दैनिक आदतें और गलत सेटिंग्स ही इसके लिए जिम्मेदार होती हैं। ऊपर बताई गई बातों को अपनी दिनचर्या में अपनाएंगे तो थोड़ी देर इस्तेमाल करने पर भी बैटरी इतनी तेजी से नहीं घटेगी। इससे फोन की कुल उम्र भी बढ़ेगी और आपको बार-बार चार्जर ढूंढने की समस्या से निजात मिलेगी। छोटे-छोटे सुधारों से ही बैटरी लाइफ में बड़ा फर्क पड़ता है।



















