चेक गणराज्य की मजबूत महिला टेनिस टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए यूक्रेन को शिकस्त दी और अपने इतिहास में 12वीं बार बिली जीन किंग कप की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इस खिताबी मुकाबले में चेक खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए यूक्रेनी टीम को पहली बार चैंपियन बनने के सपने से दूर रखा। इस जीत के साथ ही चेक गणराज्य ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अपनी ऐतिहासिक बादशाहत को और अधिक मजबूत कर लिया है।
शानदार सिंगल्स मुकाबलों से तय हुई खिताबी जीत
इस साल के विंबलडन फाइनलिस्ट रहीं लिंडा नोस्कोवा और बारबोरा क्रेइचिकोवा की साथी कैरोलिना मुचोवा ने अपने विरोधियों को आसानी से मात देते हुए 2-0 की निर्णायक बढ़त हासिल की। विंबलडन में उपविजेता रहीं कैरोलिना मुचोवा ने पहले सिंगल्स मैच में एंजेलिना कालिनिना को सीधे सेटों में 6-2 और 6-3 से शिकस्त दी। इसके बाद लिंडा नोस्कोवा ने दुनिया की सातवें नंबर की खिलाड़ी एलिना स्वितोलिना को 6-3 और 7-6 से हराकर चेक टीम के लिए खिताबी जीत पक्की कर दी।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड और बारबोरा स्ट्राइकोवा की कप्तानी
यह साल 2018 के बाद से चेक गणराज्य की इस प्रतियोगिता में पहली खिताबी जीत है। इसके साथ ही चेक गणराज्य इस टूर्नामेंट के इतिहास में संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद दूसरी सबसे सफल टीम बन गया है, जिसके नाम कुल 18 खिताब दर्ज हैं। इसके अलावा यह मुकाबला बारबोरा स्ट्राइकोवा के लिए कप्तान के तौर पर पहली खिताबी जीत भी रहा, जिन्होंने खिलाड़ी के रूप में अपने करियर में पहले तीन बार यह ट्रॉफी जीती थी। खास बात यह रही कि पूरी प्रतियोगिता के दौरान चेक टीम ने अपने मुकाबलों में केवल एक ही सेट गंवाया।



















