कार्लोस अल्कराज़ का नाम अगले महीने होने वाले सिनसिनाटी ओपन की एंट्री लिस्ट में आ गया है और यह इस बात का साफ संकेत है कि दुनिया के नंबर तीन खिलाड़ी कलाई की चोट से उबरकर कोर्ट पर वापसी के करीब पहुंच चुके हैं।
चोट की वजह से अधूरा रहा गर्मियों का सीजन
कलाई की इस चोट के चलते अल्कराज़ को पहले फ्रेंच ओपन और फिर विंबलडन से नाम वापस लेना पड़ा था। फ्रेंच ओपन से हटना उनके लिए खासतौर पर भारी साबित हुआ क्योंकि इसका मतलब था कि वे अपने रोलां गैरों खिताब का बचाव तक नहीं कर पाए और बिना कोर्ट पर उतरे ही अपनी ट्रॉफी गंवा बैठे। दो लगातार ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट से हटना किसी भी शीर्ष खिलाड़ी के लिए बड़ा झटका माना जाता है, खासकर तब जब खिलाड़ी खिताब का बचाव कर रहा हो।
मॉन्ट्रियल से बाहर, सिनसिनाटी पर नजर
अल्कराज़ कैनेडियन ओपन के लिए समय पर फिट नहीं हो पाएंगे। यह कैलेंडर का अगला मास्टर्स टूर्नामेंट है, जो 2 से 13 अगस्त तक मॉन्ट्रियल में खेला जाएगा। लेकिन वे इसके बाद होने वाले मास्टर्स इवेंट यानी सिनसिनाटी ओपन में खेलने का इरादा रखते हैं, जो 13 से 23 अगस्त तक चलेगा। इस टूर्नामेंट की एंट्री लिस्ट में उनका नाम आना उनकी रिकवरी की सबसे साफ तस्वीर पेश करता है और बताता है कि वे अगले तीन हफ्तों में मैच फिटनेस हासिल करने की उम्मीद कर रहे हैं।
खिताब जिसका फैसला कोर्ट पर नहीं हुआ
अल्कराज़ सिनसिनाटी ओपन में डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर उतरेंगे, लेकिन यह खिताब उन्हें कुछ अनोखे हालात में मिला था। पिछले साल का फाइनल तब खत्म हो गया था जब यानिक सिनर तबीयत खराब होने की वजह से मुकाबले से हट गए थे, जिसके बाद अल्कराज़ को मैच पूरा किए बिना ही ट्रॉफी मिल गई थी। यानी इस बार सिनसिनाटी में उनके पास मौका होगा कि वे इस खिताब को कोर्ट पर पूरी तरह जीतकर दिखाएं।
सिनर का शानदार मास्टर्स रिकॉर्ड
इस साल मास्टर्स 1000 सीरीज़ में यानिक सिनर का दबदबा रहा है। उन्होंने 2026 में अब तक खेले गए सभी पांच मास्टर्स खिताब अपने नाम किए हैं। वे मॉन्ट्रियल में भी खेलते नजर आएंगे और यह टूर्नामेंट वे विंबलडन खिताब जीतने के तुरंत बाद खेलेंगे, जो उन्होंने लगातार दूसरे साल अपने नाम किया है। सिनर की यह निरंतरता उन्हें फिलहाल पुरुष टेनिस में सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बना रही है।
राडुकानू की फिटनेस से जुड़ी जंग
पुरुष वर्ग से अलग हटकर बात करें तो 23 साल की राडुकानू यूएस ओपन के लिए फिट होने की कोशिश में जुटी हैं। यह टूर्नामेंट 30 अगस्त से शुरू होगा और सीजन के आखिरी ग्रैंड स्लैम से पहले वे भी अपनी फिटनेस को लेकर जूझ रही हैं।
ड्रेपर को चाहिए वाइल्डकार्ड, फेरी को मिली सीधी जगह
ब्रिटिश खिलाड़ियों की बात करें तो जैक ड्रेपर को सिनसिनाटी में खेलने के लिए वाइल्डकार्ड की जरूरत पड़ेगी, यानी ड्रॉ में उनकी जगह अभी पक्की नहीं है। वहीं नए ब्रिटिश नंबर एक आर्थर फेरी को टूर्नामेंट में सीधी एंट्री मिल गई है। फेरी विंबलडन के सेमीफाइनल तक पहुंचने के बाद अपने करियर की सबसे बेहतरीन रैंकिंग यानी दुनिया के 36वें नंबर पर पहुंच गए हैं, जो उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा उभार माना जा रहा है।











