बारिश शुरू होते ही कर्नाटक के पहाड़, जंगल और घाटियां पूरी तरह से हरियाली की चादर में लिपट जाते हैं. हल्की फुहारों, बादलों में छिपी चोटियों और रास्ते भर बहते झरनों के बीच चलना ट्रेकर्स के लिए किसी सुकून भरे रोमांच से कम नहीं होता. अगर आप भी इस मौसम में पहाड़ों की तरफ निकलने का मन बना रहे हैं, तो कर्नाटक के ये पांच ट्रेक आपकी लिस्ट में सबसे ऊपर होने चाहिए.
कुद्रेमुख: घास के मैदानों वाला मशहूर ट्रेक
चिकमगलूर ज़िले में मौजूद कुद्रेमुख कर्नाटक के सबसे चर्चित ट्रेकिंग स्पॉट्स में गिना जाता है. बारिश के मौसम में यहां की पहाड़ियां हरी घास की मोटी चादर से ढक जाती हैं. रास्ते में जगह-जगह छोटे झरने मिलते हैं और बादलों के बीच से दिखने वाला नज़ारा इस ट्रेक को यादगार बना देता है.
कोडचाद्रि: चट्टानों और झरनों की खूबसूरती
पश्चिमी घाट की गोद में बसा कोडचाद्रि ट्रेक अपनी विशाल चट्टानों, झरनों और शांत माहौल के लिए जाना जाता है. यहां हर मोड़ पर प्रकृति का कोई नया रूप दिखता है. चोटी पर पहुंचकर सूर्यास्त और बादलों को एक साथ देखने का अनुभव बेहद खास होता है.
मुल्लयनगिरी: कर्नाटक की सबसे ऊंची चोटी
करीब 1,930 मीटर की ऊंचाई पर बसा मुल्लयनगिरी कर्नाटक की सबसे ऊंची चोटी है. मानसून के दिनों में यहां चारों तरफ फैली हरियाली और ठंडी हवाएं बड़ी संख्या में पर्यटकों को खींच लाती हैं. यह ट्रेक इतना आसान माना जाता है कि नए और अनुभवी, दोनों तरह के ट्रेकर्स आराम से इसे पूरा कर सकते हैं.
ताडियांडमोल: कूर्ग की दूसरी सबसे ऊंची चोटी
कूर्ग ज़िले में स्थित ताडियांडमोल कर्नाटक की दूसरी सबसे ऊंची चोटी है. बारिश के मौसम में यहां के घने जंगल, चौड़े घास के मैदान और धुंध में लिपटी पहाड़ियां किसी तस्वीर जैसा नज़ारा पेश करती हैं. जो लोग फोटोग्राफी के शौकीन हैं या पक्षियों को देखना पसंद करते हैं, उनके लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं.
कुमार पर्वत: सबसे मुश्किल पर सबसे खूबसूरत ट्रेक
कुमार पर्वत को कर्नाटक के सबसे चुनौतीपूर्ण ट्रेक में गिना जाता है, लेकिन यही इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देता है. बारिश के मौसम में इस पूरे इलाके का रंग-रूप ही बदल जाता है. रास्ते में मिलने वाले घने जंगल, बहती नदियां और चारों तरफ फैली हरियाली इस ट्रेक को एक रोमांचक अनुभव बना देते हैं.













