दैनिक जीवन की भागदौड़, काम का भारी दबाव और शहर की व्यस्त दिनचर्या से तंग आकर आज के समय में हर व्यक्ति कुछ पल शांति के साथ बिताना चाहता है। पूरे सप्ताह की कड़ी मेहनत के बाद जब छुट्टी का दिन आता है, तो लोगों की यही तलाश होती है कि कोई ऐसी जगह मिल जाए जहां कुदरती सुंदरता हो, शांति का माहौल हो और अपने परिवार तथा करीबी मित्रों के साथ आराम से कुछ बेहतरीन पल बिताए जा सकें। इसी तलाश के सिलसिले में इन दिनों झारखंड के जमशेदपुर का डिमना लेक बैक साइड सैलानियों के बीच एक बेहद लोकप्रिय और पसंदीदा ठिकाना बनता जा रहा है, जहां वीकेंड पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
शहर से महज 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्राकृतिक खजाना
यदि आप जमशेदपुर से बोड़ाम की ओर यात्रा कर रहे हैं, तो मुख्य शहर से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद एक रास्ता सीधे डिमना लेक के बैक साइड हिस्से की तरफ मुड़ता है। इस रास्ते पर आगे बढ़ते ही शहर का तमाम कोलाहल और ट्रैफिक का शोर पीछे छूट जाता है और एक अलग ही सुकून भरी दुनिया सामने आ जाती है। इस स्थान की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां मुख्य पर्यटन स्थलों की तरह अत्यधिक भीड़भाड़ नहीं होती है, जिससे आगंतुकों को प्रकृति के सान्निध्य में पूरी शांति के साथ वक्त बिताने का अनमोल अवसर मिलता है।
सिनेमाई दृश्यों जैसा खूबसूरत और मनमोहक नजारा
डिमना लेक के बैक साइड का प्राकृतिक परिदृश्य किसी फिल्मी सीन जैसा अद्भुत और जीवंत प्रतीत होता है। यहां चारों तरफ हरी-भरी घास का विशाल कालीन बिछा हुआ नजर आता है, जिसके सामने झील का विशाल, नीला और शांत पानी अपनी छटा बिखेरता है। पानी की सतह के पीछे खड़े हरे-भरे पहाड़ और उनके ऊपर लगातार रंग बदलते आसमान का संयोजन इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगा देता है। खासकर सुबह और शाम के वक्त यहां का नजारा बेहद मोहक होता है, जो देखने वालों का मन मोह लेता है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग यहां केवल कुदरत के इस करिश्मे का दीदार करने और मानसिक शांति की तलाश में खींचे चले आते हैं।
मछली पकड़ने और सुकून के पल बिताने का बेहतरीन ठिकाना
इन दिनों इस शांत जगह पर बड़ी संख्या में लोग मछली पकड़ने का शौक पूरा करने के लिए भी पहुंच रहे हैं। कई सैलानी अपने साथ खाने-पीने का सामान लेकर आते हैं और झील के किनारे घंटों इत्मीनान से बैठे रहते हैं। कुछ लोग पानी में तैरती मछलियों को दाना डालते हैं तो कुछ लोग बिना किसी हलचल के सिर्फ इस शांत और मनोरम वातावरण का आनंद लेते हैं। यहां का परिवेश इतना सुकुनदायक है कि कुछ ही देर वहां बैठने से व्यक्ति का मन हल्का हो जाता है और रोजमर्रा की मानसिक थकान छूमंतर हो जाती है।
वहां पहुंचे सैलानी महेश बताते हैं कि वह अक्सर अपनी छुट्टियों के दिन डिमना लेक बैक साइड मछली पकड़ने के लिए आते हैं। उनके अनुसार मछली पकड़ना उनके लिए महज एक शगल नहीं है, बल्कि मानसिक शांति हासिल करने का एक बहुत असरदार जरिया भी है। वह कहते हैं कि जब वह झील के शांत किनारे पर बैठते हैं, तो काम का तनाव और जीवन की तमाम चिंताएं खुद-ब-खुद दूर हो जाती हैं। प्रकृति के आंचल में बिताए गए ये पल उनके मन को पूरी तरह शांत और तरोताजा कर देते हैं।
तनावभरी जिंदगी से दूर एक आदर्श वीकेंड गेटअवे
यदि आप भी महानगर की चकाचौंध, ट्रैफिक जाम और दफ्तर के तनाव से कुछ समय के लिए निजात पाना चाहते हैं, तो डिमना लेक का बैक साइड आपके लिए एक बेहतरीन और किफायती विकल्प साबित हो सकता है। यहां की अछूती प्राकृतिक सुंदरता, चारों तरफ फैली शांति और हल्की ठंडी हवा हर आने वाले को जिंदगी की आपाधापी से दूर कुछ पल सुकून के साथ जीने का नायाब मौका देती है।



















