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हवाई जहाज में पावर बैंक में क्यों लगती है आग, ऊंचाई पर कैसे हो जाता है यह डिवाइस खतरनाकयात्रा
13 अक्तू॰ 2026, 1:02 pm (14 दिन पहले)· 2

हवाई जहाज में पावर बैंक में क्यों लगती है आग, ऊंचाई पर कैसे हो जाता है यह डिवाइस खतरनाक

हवा में उड़ते विमानों में पावर बैंक में आग लगने की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। आइए जानते हैं कि ऊंचाई पर जाने के बाद ये गैजेट्स अचानक क्यों सुलग उठते हैं और इनसे जुड़ी जरूरी सावधानियां क्या हैं।

दिल्ली से चेन्नई जाने वाली इंडिगो की उड़ान के दौरान एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई। विमान जब आसमान में करीब 35,000 फीट की ऊंचाई पर सफर कर रहा था, तब अचानक ओवरहेड बैगेज कम्पार्टमेंट में रखे एक यात्री के पावर बैंक में आग भड़क उठी। केबिन के भीतर धुआं फैलते ही यात्रियों में अफरातफरी मच गई। हालांकि, एयरलाइन के केबिन क्रू ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत आग पर काबू पा लिया और पायलट ने विमान को सूझबूझ से हैदराबाद में सुरक्षित रूप से उतार लिया। इस हादसे में सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित बच गए, लेकिन इस गंभीर घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि हवाई सफर के दौरान पावर बैंक कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं।

यात्रियों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि आखिर 40,000 फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर पहुंचने के बाद पावर बैंक अचानक क्यों फट जाते हैं या उनमें आग क्यों लग जाती है। इसके तकनीकी कारणों और विमान यात्रा के दौरान बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों को समझना हर यात्री के लिए बेहद आवश्यक है।

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लिथियम-आयन बैटरी की कार्यप्रणाली और थर्मल रनअवे का खतरा

अधिकांश आधुनिक पावर बैंक में लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है, जो एक बहुत ही सीमित और छोटी सी जगह में भारी मात्रा में ऊर्जा को संचित करके रखती हैं। सामान्य परिस्थितियों में यह तकनीक पूरी तरह सुरक्षित तरीके से काम करती है, लेकिन यदि बैटरी के आंतरिक ढांचे में किसी प्रकार की सूक्ष्म खराबी आ जाए, तो उसका तापमान तेजी से अनियंत्रित होने लगता है। इस खतरनाक प्रक्रिया को थर्मल रनअवे कहा जाता है। इस स्थिति में बैटरी लगातार और तेजी से गर्म होती चली जाती है, जिसके परिणामस्वरूप उसके भीतर गैस का दबाव बनने लगता है और अंततः उससे धुआं निकलने लगता है, वह सुलग उठती है या उसमें जोरदार विस्फोट हो सकता है।

ऊंचाई और कम हवा के दबाव का घातक असर

जब विमान अत्यधिक ऊंचाई पर उड़ रहा होता है, तो केबिन के भीतर वायुमंडलीय दबाव जमीन की तुलना में काफी कम हो जाता है। इसी कम वायुदाब के कारण बैटरी के भीतर उत्पन्न होने वाली गैसें तेजी से फैलने लगती हैं। यदि उस बैटरी में पहले से ही कोई अंदरूनी सूक्ष्म दरार, शॉर्ट सर्किट या निर्माण से जुड़ी कोई तकनीकी खामी मौजूद हो, तो यह बढ़ता हुआ दबाव उसके बाहरी आवरण को फाड़ देता है और देखते ही देखते उसमें आग लग जाती है।

इन कारणों से बढ़ जाता है बैटरी में आग लगने का जोखिम

बाजार में बिकने वाले सस्ते, गैर-मानक या नकली पावर बैंकों में सुरक्षा के मानक बेहद कमजोर होते हैं, जो ऐसे हादसों का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। इसके अलावा सफर के दौरान बैटरी के नीचे गिर जाने, उसपर ज्यादा वजन पड़ने, या फिर चाबियों और सिक्कों के संपर्क में आने से शॉर्ट सर्किट होने की आशंका बढ़ जाती है। लंबे समय से इस्तेमाल हो रही पुरानी बैटरियां या जरूरत से ज्यादा ओवरचार्ज किए गए उपकरण भी इस तरह के खतरे को कई गुना बढ़ा देते हैं। इसके साथ ही, जब यात्री पावर बैंक को ऊपर ओवरहेड बिन में रख देते हैं, तो वहां से धुआं या चिंगारी देर से दिखाई देती है, जिससे आग के विकराल रूप लेने का खतरा काफी ज्यादा हो जाता है।

विमान यात्रा के दौरान इन जरूरी सावधानियों का रखें खास ध्यान

हवाई सफर के दौरान इस प्रकार के संभावित खतरों से बचने के लिए कुछ बेहद आसान लेकिन महत्वपूर्ण सावधानियों का पालन करना अनिवार्य है। पावर बैंक को हमेशा अपने हैंड बैगेज यानी साथ वाले बैग में ही रखें और इसे गलती से भी कभी चेक-इन लगेज में न डालें। कई एयरलाइंस के नियम ओवरहेड कम्पार्टमेंट में भी पावर बैंक रखने की अनुमति नहीं देते हैं, इसलिए इसे हमेशा अपनी सीट के नीचे या अपने पास ही सुरक्षित रखें। हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले और बीआईएस प्रमाणित ब्रांड के पावर बैंक ही खरीदें और यह सुनिश्चित करें कि उसकी क्षमता 100 वॉट-ऑवर से कम हो। उड़ान के दौरान पावर बैंक से अपने फोन या अन्य उपकरणों को चार्ज करने से बचें और यदि इसकी अनुमति हो भी, तब भी पूरी सतर्कता बरतें। यदि बैटरी की बाहरी सतह सूजी हुई, उसपर कोई डेंट या वह असमान रूप से गर्म महसूस हो, तो उसे भूलकर भी फ्लाइट में साथ न ले जाएं। साथ ही, इसे हमेशा चाबी या सिक्कों जैसी धातु की अन्य चीजों से दूर रखें ताकि किसी भी प्रकार का शॉर्ट सर्किट न हो सके।

सवाल-जवाब

इंडिगो की फ्लाइट में पावर बैंक की घटना कहां हुई?
यह घटना दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की एक उड़ान के दौरान 35,000 फीट की ऊंचाई पर हुई।
विमान में पावर बैंक में आग लगने के बाद पायलट ने क्या किया?
केबिन क्रू द्वारा आग बुझाने के तुरंत बाद पायलट ने विमान की हैदराबाद में इमरजेंसी लैंडिंग कराई।
ऊंचाई पर पावर बैंक क्यों फट जाते हैं?
कम वायुदाब के कारण बैटरी के भीतर बनी गैसें तेजी से फैलती हैं और थर्मल रनअवे की स्थिति पैदा हो जाती है।
पावर बैंक को विमान में कहां रखना चाहिए?
पावर बैंक को हमेशा हैंड बैगेज में और अपनी सीट के पास या नीचे रखना चाहिए, ओवरहेड बिन में नहीं।
फ्लाइट में ले जाने वाले पावर बैंक की क्षमता कितनी होनी चाहिए?
हवाई यात्रा के दौरान पावर बैंक की क्षमता 100 वॉट-ऑवर से कम होनी चाहिए।
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टिप्पणियाँ 5

Ravikash Gupta@ravikash·14 दिन पहले

सफर में पावर बैंक हमेशा अपने पास रखना चाहिए, ओवरहेडबिन में रखना सचमुच खतरनाक साबित हो सकता है।

Divya Reddy@divya-reddy·14 दिन पहले

सफर में पावर बैंक के बिना आजकल काम नहीं चलता, पर ऐसी घटनाएं डरा देती हैं। क्या एयरलाइंस को सुरक्षा जांच के वक्त ही इन्हें अलग से चेक नहीं करना चाहिए?

Aisha Khan@aisha-khan·14 दिन पहले

दिव्या, सुरक्षा जांच के वक्त हर चीज़ अलग से चेक होना तो मुश्किल है क्योंकि बैग्स की लाइन पहले ही इतनी लंबी होती है।

Priya Sharma@priya-sharma·14 दिन पहले

सफर में पावर बैंक के बिना आजकल काम नहीं चलता, पर ऐसी घटनाएं डरा देती हैं। क्या इन्हें केबिन बैग में रखने का कोई सुरक्षित तरीका नहीं है?

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·14 दिन पहले

प्रिया जी, जैसे राहु-केतु के प्रभाव से ऊर्जा का संतुलन बिगड़ जाता है, वैसे ही इन लिथियम बैटरियों का सूक्ष्म दोष ऊंचाई के कम वायुदाब में विस्फोटक हो जाता है। इन्हें पास ही रखें ताकि समय पर नजर पड़ सके।

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