पहाड़ों की ठंडक का मजा लेने निकले लाखों सैलानियों के लिए इस बार हिमाचल प्रदेश का सफर सुकून के बजाय सिरदर्द बन गया है। टूरिस्ट सीजन के बीच राज्य की सड़कों पर वाहनों का ऐसा रेला उमड़ा है कि जगह-जगह घंटों लंबा जाम लग रहा है। रविवार के बाद सोमवार को भी कई इलाके पूरी तरह थमे नजर आए और लोगों के 4 से 5 घंटे तक सड़कों पर ही बर्बाद हो रहे हैं।
शिमला में 10 किलोमीटर लंबी कतार
राजधानी शिमला में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े दिखे। सोमवार को संजौली से आगे ढली और छराबड़ा होते हुए कुफरी की ओर करीब 10 किमी लंबा जाम लग गया। इस रेंगती कतार में सिर्फ सैलानी ही नहीं फंसे, बल्कि दफ्तर जाने वाले लोग, स्कूली बच्चे और यहां तक कि एंबुलेंस भी जाम में अटक गई। इससे पहले रविवार को भी कई जगह यही नजारा था।
क्यों उमड़ रही है इतनी भीड़
मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए देशभर से लोग पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। शिमला, मनाली, कुल्लू, कसोल, डलहौजी, खज्जियार और कसौली जैसे लोकप्रिय ठिकानों पर सैलानियों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई है कि तंग सड़कें इस दबाव को झेल नहीं पा रहीं। मनाली में तो सुबह और शाम के वक्त जाम की दिक्कत और भी ज्यादा बढ़ जाती है।
डलहौजी-खज्जियार रूट पर चार घंटे थमी रफ्तार
मशहूर पर्यटन स्थल खज्जियार की ओर जाने वाले डलहौजी-लक्कड़ मंडी मार्ग पर रविवार को यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सुबह से ही डलहौजी और खज्जियार में पर्यटकों का सैलाब उमड़ा और डलहौजी-लक्कड़मंडी-खज्जियार रास्ते पर वाहनों की तादाद इतनी बढ़ी कि गाड़ियों के पहिये थम गए। करीब चार घंटे तक चले इस जाम ने हजारों पर्यटकों के घूमने का सारा मजा फीका कर दिया और पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था जैसे ठहर सी गई। यहां लोग तीन घंटे तक एक ही जगह फंसे रहे।
कुल्लू में हर मोड़ पर अटकी जिंदगी
कुल्लू जिले के हालात भी बेहद खराब रहे। मनाली, मणिकर्ण, कसोल, तीर्थन, बंजार और जीभी जैसी जगहों पर सैलानियों का इतना जमावड़ा है कि लोगों के कई-कई घंटे सिर्फ सड़कों पर ही गुजर रहे हैं। वीकेंड पर मणिकर्ण और कसोल समेत आसपास के इलाकों में जगह-जगह जाम लग गया। कई मार्गों पर ट्रैफिक को वन-वे करने की वजह से भी कतारें लंबी होती गईं। उधर मंडी जिले में पंडोह से आगे औट तक हाईवे पर वाहन रेंगते रहे। इस मार्ग से रोजाना 35 हजार से अधिक गाड़ियां गुजरती हैं और गलत ओवरटेकिंग व बॉटलनेक की वजह से रफ्तार बार-बार थम रही है।
पुलिस के भी छूटे पसीने
मंडी जिले में पंडोह से आगे जाम की स्थिति इतनी गंभीर रही कि एसपी विनोद शर्मा खुद मौके पर पहुंचे। पुलिस को रास्ता खुलवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। अधिकारियों के मुताबिक तंग सड़कें और बेतरतीब ओवरटेकिंग ही जाम की सबसे बड़ी वजह बन रही हैं।
सैलानियों की जुबानी, जाम की कहानी
दिल्ली से घूमने आईं मुस्कान शेख का कहना था कि देशभर से पहाड़ों पर भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, जिसके चलते जगह-जगह जाम लग रहा है और ट्रैफिक संभालने के लिए हर जगह पुलिस तैनात नहीं है — 5 से 6 घंटे तो सिर्फ जाम में ही निकल जा रहे हैं। राजस्थान से आए मुकेश कुमार ने बताया कि वे पिछले दो-तीन दिनों से घूमने आए हैं, लेकिन जगह-जगह जाम के कारण होटल तक पहुंचने में ही ढाई से तीन घंटे लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीन-चार दिन की छुट्टी पर आए थे, पर ज्यादातर वक्त जाम में ही बर्बाद हो रहा है। टैक्सी चालक हबीब ने कहा कि कुल्लू में जगह-जगह जाम से भारी परेशानी हो रही है और कई जगहों पर तो दो-तीन दिन से चार-चार घंटे के जाम के चलते सैलानियों को खाने-पीने तक की दिक्कत हो रही है।
कसौली और सोलन में भी कतारें
चंडीगढ़ से महज 50 किमी दूर कसौली में भी जाम देखने को मिला। रविवार को सोलन में राधा स्वामी सत्संग की वजह से सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें हाईवे तक लग गईं। इससे पहले सोलन के सनवारा में भी रविवार को लंबा जाम रहा था। फिलहाल हिमाचल प्रदेश में मौसम सुहावना बना हुआ है और 21 जून तक बारिश के आसार हैं, जिसके चलते आने वाले दिनों में भी सैलानियों की भीड़ बने रहने की उम्मीद है।













