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बिश्केक यात्रा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे किर्गिस्तान की राजधानी, पहाड़ों और हरियाली से सजे इस शहर की खूबसूरती है अनोखीयात्रा
1 सित॰ 2026, 12:04 pm (3 घंटे पहले)· 2

बिश्केक यात्रा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे किर्गिस्तान की राजधानी, पहाड़ों और हरियाली से सजे इस शहर की खूबसूरती है अनोखी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26वें SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे हैं। शांत आबोहवा, बर्फीले पहाड़ों और समृद्ध संस्कृति से सजा यह शहर पर्यटकों के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक के दौरे पर पहुंचे हुए हैं। राष्ट्रपति सादिर झापारोव के आधिकारिक निमंत्रण पर वह यहां 26वें SCO शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। मध्य एशिया का यह खूबसूरत शहर अपनी शांत आबोहवा, चौड़ी सड़कों, फैली हुई हरियाली और क्षितिज पर दूर तक नजर आने वाले बर्फीले पहाड़ों के लिए दुनिया भर में अपनी एक अलग पहचान रखता है। बिश्केक को केवल एक राजनीतिक गतिविधियों या बैठकों के केंद्र के रूप में देखने के बजाय यदि पर्यटन के दृष्टिकोण से परखा जाए, तो यहां प्रकृति, समृद्ध इतिहास और स्थानीय संस्कृति का एक बेहद दिलचस्प मेल देखने को मिलता है। इस शहर के आसपास फैले पहाड़ी इलाके इसे खासतौर पर उन सैलानियों और यात्रियों के बीच बेहद आकर्षक बनाते हैं, जो हमेशा पारंपरिक और भीड़भाड़ वाले लोकप्रिय पर्यटन स्थलों से दूर कुछ हटकर एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं।

भौगोलिक स्थिति और तien शान पर्वतमाला का जादू

भौगोलिक रूप से बिश्केक किर्गिस्तान के उत्तरी हिस्से में स्थित है और इसके ठीक दक्षिणी छोर से तिएन शान यानी Tien Shan mountain range का अत्यंत मनमोहक और खूबसूरत नजारा दिखाई देता है। जब मौसम पूरी तरह साफ होता है, तो दूर क्षितिज पर बर्फ से ढकी ऊंची चोटियां शहर के शहरी परिदृश्य के बैकग्राउंड को बेहद जादुई और खूबसूरत बना देती हैं। यही मुख्य वजह है कि बिश्केक को प्रकृति प्रेमियों, पहाड़ों की सैर करने वालों और एडवेंचर ट्रैवल के शौकीनों के लिए एक आदर्श बेस कैंप के रूप में देखा जाता है, जहां से पहाड़ों की दुनिया में उतरना आसान हो जाता है।

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आला-आरचा नेशनल पार्क का प्राकृतिक आकर्षण

बिश्केक की यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए आला-आरचा नेशनल पार्क यानी Ala-Archa National Park सबसे प्रमुख और बड़े आकर्षणों में से एक माना जाता है। यह खूबसूरत पार्क शहर के पास ही एक ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहां ऊंचे-ऊंचे पहाड़, घने हरे-भरे जंगल, गहरी घाटियां और कलकल करती बहती नदियां पर्यटकों का स्वागत करती हैं। इस शानदार राष्ट्रीय उद्यान में पहुंचने पर सैलानी ट्रेकिंग और हाइकिंग जैसी रोमांचक आउटडोर एक्टिविटीज का खुलकर आनंद उठा सकते हैं। सर्दियों के मौसम में जब यह पूरा इलाका बर्फ की सफेद चादर से ढक जाता है, तो इसका रूप और भी अधिक मनमोहक और अलौकिक हो जाता है।

इस्सैक-कुल झील की मंत्रमुग्ध करने वाली सुंदरता

यदि कोई सैलानी बिश्केक शहर की सीमाओं से थोड़ा आगे निकलकर आसपास घूमने का प्लान बनाता है, तो इस्सैक-कुल झील यानी Issyk-Kul Lake एक बेहद शानदार और बेहतरीन विकल्प साबित होती है। यह विशाल जलराशि किर्गिस्तान की सबसे प्रसिद्ध और खूबसूरत प्राकृतिक जगहों में शुमार की जाती है। इस विराट झील के चारों तरफ खड़े विशाल पहाड़ और उनका पानी में झलकता अक्स इसे दुनिया भर के पर्यटकों के बीच बेहद खास और लोकप्रिय बनाता है। गर्मियों के सुहाने मौसम में यहां दूर-दूर से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं और पानी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आनंद लेते हैं।

सोवियत वास्तुकला और ऐतिहासिक विरासत की छाप

बिश्केक की सड़कों पर टहलने के दौरान यहां की इमारतों और मार्ग संरचनाओं में सोवियत दौर की वास्तुकला की गहरी झलक आज भी साफ तौर पर दिखाई देती है। शहर के चौड़े रास्ते, बड़े और खुले सार्वजनिक स्थान तथा कई पुरानी इमारतें बीते दौर के इतिहास की अनकही कहानियां बयां करती हैं। इसके साथ ही, शहर के जीवंत स्थानीय बाजार और पारंपरिक खान-पान का तरीका पर्यटकों को किर्गिज संस्कृति से बहुत करीब से रूबरू कराता है और उन्हें स्थानीय जीवनशैली को समझने का अवसर देता है।

ओश बाजार में जीवंत स्थानीय संस्कृति की झलक

किर्गिस्तान की आम जनता के रोजमर्रा के जीवन को बेहद करीब से अनुभव करने के लिए ओश बाजार यानी Osh Bazaar जाना सबसे बेहतरीन तरीका है। इस पारंपरिक बाजार में ताजे फल, हरी सब्जियां, तमाम तरह के सूखे मेवे, खुशबूदार मसाले, कपड़े और रोजमर्रा के साथ-साथ पारंपरिक सामान आसानी से मिल जाते हैं। इस बाजार की रोजमर्रा की हलचल और चहल-पहल आगंतुकों को बिश्केक के आम जनजीवन की वास्तविक और जीवंत तस्वीर दिखाती है।

घुमक्कड़ संस्कृति और पारंपरिक यर्ट की अनूठी परंपरा

किर्गिस्तान की मूल पहचान उसकी प्राचीन खानाबदोश यानी nomadic culture से भी गहराई से जुड़ी हुई है। पारंपरिक घुड़सवारी, पहाड़ों के बीच रहने का अनूठा तरीका और Ger यानी यर्ट जैसे विशेष अस्थायी गोल घर आज भी इस देश की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का एक मुख्य हिस्सा बने हुए हैं। शहर की आधुनिक सीमाओं से बाहर निकलते ही इस प्राचीन संस्कृति को पूरी शिद्दत के साथ महसूस किया जा सकता है।

बिश्केक क्यों है पर्यटकों के लिए एक खास ठिकाना?

बिश्केक उन समझदार यात्रियों के लिए एक आदर्श और खास जगह साबित हो सकता है जो एक ही यात्रा के दौरान आधुनिक शहर, ऊंचे पहाड़, विशाल झील और अनूठी स्थानीय संस्कृति का अनूठा अनुभव एक साथ लेना चाहते हैं। यहां आपको दुबई जैसी चकाचौंध भरी गगनचुंबी इमारतें या फिर लंदन जैसा व्यस्त और पारंपरिक ऐतिहासिक शहरी माहौल भले ही देखने को न मिले, लेकिन इस शहर की असली खूबसूरती इसकी सादगी, अपनापन और कुदरत के खुले नजारों में छिपी हुई है। पहाड़ों की नज़दीकी, शहर का शांत और सुकून भरा माहौल तथा समृद्ध सेंट्रल एशियन कल्चर यानी Central Asian culture बिश्केक को दुनिया के बाकी पर्यटन स्थलों से बिल्कुल अलग और अनूठा पर्यटन अनुभव प्रदान करते हैं।

सवाल-जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किस देश के दौरे पर गए हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक के दौरे पर गए हैं।
पीएम मोदी बिश्केक में किस बैठक में हिस्सा ले रहे हैं?
वह बिश्केक में आयोजित 26वें SCO शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
बिश्केक यात्रा के लिए प्रधानमंत्री को किसने आमंत्रित किया था?
प्रधानमंत्री को किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर झापारोव ने आमंत्रित किया था।
बिश्केक के पास कौन सा प्रमुख नेशनल पार्क स्थित है?
बिश्केक के पास आला-आरचा नेशनल पार्क स्थित है जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है।
किर्गिस्तान की कौन सी झील अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है?
इस्सैक-कुल झील किर्गिस्तान की सबसे प्रसिद्ध प्राकृतिक जगहों में से एक है।
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