झारखंड में मानसून का सीजन शुरू होते ही प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए दशम जलप्रपात एक पसंदीदा जगह बन जाता है। टाटा-रांची मार्ग से मुख्य झरने की ओर जाने वाला रास्ता घने जंगलों से घिरा हुआ है, जहां की हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य सफर को बेहद खुशनुमा बना देता है। इस झरने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां तक पहुंचना सभी उम्र के पर्यटकों, विशेषकर बुजुर्गों के लिए बेहद आसान और सुलभ है।
घने जंगलों के बीच यादगार ड्राइविंग का अनुभव
टाटा-रांची मुख्य मार्ग से दशम फॉल की तरफ मुड़ते ही लगभग 10 किलोमीटर का खूबसूरत रास्ता शुरू होता है। यह पतली और चिकनी सड़क घने जंगलों के बीच से होकर गुजरती है, जिसके दोनों ओर लहलहाते धान के खेत दिखाई देते हैं। रास्ते में एक सुरम्य पुल भी आता है, जिसके ठीक नीचे से बहती नदी इस ड्राइव के आकर्षण को बढ़ा देती है। वाहन चलाने के शौकीनों के लिए यह मार्ग किसी सपने जैसा लगता है। हालांकि, बाइक या स्कूटी से यात्रा करने वालों के लिए सतर्क रहना जरूरी है। घने जंगल के कारण यहां अक्सर सांप सड़क पार करते हुए दिखाई देते हैं, इसलिए दोपहिया चालकों को रास्ते में बेवजह गाड़ी रोकने से बचने की सलाह दी जाती है।
बुजुर्गों के लिए सुगम पहुंच और तेज जलप्रवाह की चेतावनी
सामान्यतः पहाड़ी झरनों तक पहुंचने के लिए लंबी और कठिन चढ़ाई या सीढ़ियां उतरनी पड़ती हैं, लेकिन दशम फॉल में ऐसी परेशानी नहीं है। पर्यटक मात्र 15 सीढ़ियां उतरकर ही इस विशाल झरने के अद्भुत नजारे को देख सकते हैं। झरने के पास पर्यटकों के आराम के लिए सीमेंट की बेंचें लगाई गई हैं, जहां बैठकर लोग प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेते हुए अल्पाहार कर सकते हैं। हालांकि, बारिश के मौसम में जलप्रपात में पानी का बहाव अत्यंत तीव्र हो जाता है। पर्यटकों को जोखिम भरे स्थानों से दूर रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जगह-जगह 'सावधान' के चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।
खान-पान की व्यवस्था, सुरक्षा नियम और पार्किंग शुल्क
दशम जलप्रपात परिसर में पर्यटकों के लिए खान-पान के भी पर्याप्त इंतजाम उपलब्ध हैं। यहां झालमुरी और चिप्स जैसी त्वरित खाने-पीने की चीजों के अलावा पास में अच्छे भोजनालय और होटल भी मौजूद हैं, जहां मांसाहारी भोजन जैसे चिकन और मटन का लुत्फ उठाया जा सकता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि होटलों में मुख्य भोजन का ऑर्डर कम से कम 2 घंटे पहले देना अनिवार्य होता है। सुरक्षा दृष्टिकोण से यह क्षेत्र घने जंगल में स्थित होने के कारण शाम 6:00 बजे के बाद पर्यटकों के ठहरने पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। अकेली महिला पर्यटकों के लिए भी यह स्थान सुरक्षित है, हालांकि उन्हें सुरक्षा कारणों से शाम 5:00 बजे से पहले निकलने का परामर्श दिया जाता है। वाहनों को पार्क करने के लिए यहां व्यवस्थित पार्किंग बनाई गई है, जिसका शुल्क दोपहिया वाहनों के लिए 20 रुपये और चार पहिया वाहनों के लिए 50 रुपये निर्धारित है।



















