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झारखंड के घने जंगलों में छिपा नागिन नाला, यहां का साफ पानी बन जाता है जानलेवा जालयात्रा
2 जुल॰ 2026, 8:09 am (118 दिन पहले)· 4

झारखंड के घने जंगलों में छिपा नागिन नाला, यहां का साफ पानी बन जाता है जानलेवा जाल

रांची के पास तोरपा गांव में बहने वाली कारूं नदी को स्थानीय लोग नागिन नाला कहते हैं, जहां दूर से साफ दिखने वाला पानी असल में बेहद गहरा और कई बार जानलेवा साबित हो चुका है।

झारखंड की राजधानी रांची अपने झरनों और हरे-भरे इलाकों के लिए जानी जाती है, लेकिन शहर से थोड़ी दूर एक ऐसी जगह भी है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। तोरपा गांव के पास बहने वाली कारूं नदी को स्थानीय लोग नागिन नाला कहते हैं, क्योंकि नदी का बहाव बिल्कुल सांप जैसा घुमावदार है। अगर रांची के मशहूर गूंगा नाला की सैर कर चुके हैं, तो यह अनदेखी जगह भी आपकी लिस्ट में होनी चाहिए।

घुमावदार धारा जिसने दिया नाम

घने जंगलों के बीचोंबीच बहती कारूं नदी अपनी बनावट की वजह से पहचानी जाती है। इसका रास्ता सीधा नहीं बल्कि बल खाता हुआ है, बिल्कुल किसी सांप की तरह। इसी वजह से आसपास के गांव वालों ने इसे नागिन नाला नाम दे दिया। यहां पहुंचकर हरियाली, चट्टानें और बहता पानी मिलकर एक ऐसा नजारा बनाते हैं जो फोटो और सेल्फी दोनों के लिए मशहूर हो चुका है।

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साफ पानी, पर उतना ही खतरनाक

नागिन नाला जितना खूबसूरत दिखता है, उतना ही जानलेवा भी साबित हो सकता है। पानी इतना साफ है कि दूर से देखने पर गहराई का अंदाजा ही नहीं लगता, ऐसा लगता है मानो पानी बेहद कम है। यही धोखा लोगों को किनारे तक खींच ले जाता है और पैर फिसलते ही आदमी सीधे गहरे पानी में डूब जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पानी में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, इसलिए गांव वाले भी नदी के करीब जाने से कतराते हैं।

बरसात में और निखर उठता है नजारा

मानसून के मौसम में नागिन नाला का सौंदर्य और बढ़ जाता है। चारों तरफ घना जंगल, बीच में बलखाती नदी, हरियाली और सन्नाटा मिलकर माहौल को खास बना देते हैं। नदी पर दो से तीन छोटे पुल बने हुए हैं, जिनसे आना-जाना होता है। आसपास मौजूद बड़ी-बड़ी चट्टानों पर बैठकर लोग घंटों आराम करते हैं और यादगार तस्वीरें खींचते हैं।

जंगल से निकलती है कीमती सब्जी रुगड़ा

इन्हीं जंगलों की जमीन के नीचे रुगड़ा नाम की एक खास चीज मिलती है, जो असल में मशरूम की एक प्रजाति है और झारखंड में बेहद पसंद की जाने वाली स्थानीय सब्जी मानी जाती है। आसपास की महिलाएं इसे चुनने के लिए यहां आती हैं और बाजार में इसकी कीमत ₹1000 प्रति किलो तक पहुंच जाती है। इसके अलावा इलाके में कटहल के बड़े-बड़े पेड़ भी देखने को मिलते हैं।

मोबाइल नेटवर्क से दूर, सुकून के करीब

जो लोग रोजमर्रा की भागदौड़ और तनाव से कुछ पल दूर रहना चाहते हैं, उनके लिए नागिन नाला किसी वरदान से कम नहीं। यहां मोबाइल नेटवर्क तक नहीं पहुंचता, बस चिड़ियों की आवाज और पानी की कलकल गूंजती रहती है। यही सन्नाटा दिमाग को शांत कर देता है, और यही वजह है कि कई लोग यहां घंटों बैठकर सिर्फ प्रकृति को निहारते रहते हैं।

अकेले जाने से बचें, यह जरूरी सलाह याद रखें

नागिन नाला बेहद सुनसान और घने जंगल के बीच स्थित है, इसलिए यहां अकेले जाने की गलती कभी न करें। दोस्तों या परिवार के साथ ग्रुप बनाकर ही यहां की यात्रा करें और नदी के गहरे पानी से हमेशा दूरी बनाए रखें।

सवाल-जवाब

नागिन नाला कहां स्थित है?
यह झारखंड की राजधानी रांची के पास तोरपा गांव के नजदीक कारूं नदी पर स्थित है।
इसे नागिन नाला क्यों कहा जाता है?
नदी का बहाव सांप की तरह घुमावदार है, इसी वजह से स्थानीय लोग इसे नागिन नाला कहते हैं।
यहां जाना खतरनाक क्यों माना जाता है?
पानी बेहद साफ होने की वजह से गहराई का अंदाजा नहीं लगता और किनारे के पास भी अचानक गहरा पानी मिल जाता है, जिससे कई लोग डूब चुके हैं।
यहां घूमने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
मानसून और बरसात के मौसम में यहां का नजारा सबसे शानदार होता है।
यहां रुगड़ा की कीमत कितनी है?
बाजार में रुगड़ा ₹1000 प्रति किलो तक बिकता है।
नागिन नाला जाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
कभी अकेले न जाएं, दोस्तों या परिवार के साथ ग्रुप में जाएं और नदी के गहरे पानी से दूरी बनाए रखें।
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