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मानसून में अलवर जाएं तो सरिस्का के बफर जोन में मिलेंगे 11 बाघ, जानें सफारी का पूरा रूटयात्रा
2 घंटे पहले· 3

मानसून में अलवर जाएं तो सरिस्का के बफर जोन में मिलेंगे 11 बाघ, जानें सफारी का पूरा रूट

अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व का कोर एरिया 1 जुलाई से तीन महीने के लिए बंद हो गया है, लेकिन बफर जोन में मौजूद 11 बाघों के साथ सफारी जारी रहेगी।

काव्या नायरकाव्या नायरट्रैवल एडिटर 3 मिनट पढ़ें AI के लिए
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राजस्थान के अलवर जिले में स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व का कोर एरिया 1 जुलाई से अगले तीन महीने के लिए पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है, लेकिन जो लोग मानसून में यहां घूमने का मन बना चुके हैं, उनके लिए राहत की बात यह है कि बफर जोन में अभी भी 11 बाघ नजर आ रहे हैं और वहां सफारी जारी रहेगी।

मानसून में हर साल बंद होता है कोर एरिया

हर साल बारिश के मौसम में सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण को देखते हुए सरिस्का प्रशासन कोर क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही पूरी तरह रोक देता है। दरअसल बारिश के दिनों में बाघ, बाघिन समेत बाकी वन्यजीवों का प्रजनन काल भी होता है और जंगल के रास्ते फिसलन भरे होने से खतरा भी बढ़ जाता है। यही वजह है कि इस बार भी 1 जुलाई से कोर एरिया में पर्यटकों की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई है और यह पाबंदी सितंबर के आखिर तक जारी रहेगी। मानसून खत्म होने और हालात सामान्य होने के बाद 1 अक्टूबर से कोर एरिया दोबारा पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।

बफर जोन में मिलेगा सफारी का मजा

अलवर शहर के पास मौजूद सरिस्का का बफर जोन कोर एरिया बंद होने के बावजूद पर्यटकों के लिए खुला रहेगा। पिछले कुछ समय से इसी बफर इलाके में लगातार बाघ नजर आ रहे हैं, जिससे यहां आने वाले पर्यटकों में उत्साह देखा जा रहा है। इस वक्त बफर जोन में कुल 11 बाघ मौजूद हैं, जो कई दूसरे टाइगर रिजर्व की तुलना में भी ज्यादा हैं। बाघों की इतनी अच्छी संख्या होने के कारण यहां आने वाले पर्यटकों को बाघ देखने का मौका मिलने की संभावना काफी बनी रहती है। अगले तीन महीनों तक जब कोर एरिया पूरी तरह बंद रहेगा, तब यही बफर जोन पर्यटकों के आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बना रहेगा।

पहाड़ी रास्तों की मरम्मत, मॉनिटरिंग भी बढ़ाई गई

सरिस्का टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि अलवर शहर के करीब मौजूद बफर क्षेत्र में सफारी चलती रहेगी। उन्होंने बताया कि बफर रेंज का इलाका काफी पहाड़ी है, इसलिए प्रशासन ने वहां की सड़कों को दुरुस्त करने का काम पहले ही शुरू कर दिया है, ताकि बारिश के मौसम में सफारी गाड़ियां चलाने में किसी तरह की दिक्कत न आए और पर्यटकों को आरामदायक सफारी मिल सके। इसके साथ ही बफर रेंज में बाघों की संख्या लगातार बढ़ने की वजह से वहां निगरानी भी पहले से ज्यादा कर दी गई है। संग्राम सिंह कटियार ने कहा कि मानसून के मौसम में कोर एरिया बंद रहने के दौरान बफर रेंज आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलें, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

पांडुपोल मंदिर का रास्ता खुला, वाला किला मार्ग अब भी बंद

फील्ड डायरेक्टर ने यह भी बताया कि पांडुपोल मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए टहला और सरिस्का टाइगर रिजर्व की तरफ से मंदिर तक आने जाने का रास्ता पूरी तरह खुला रहेगा। उन्होंने बताया कि जब बारिश के मौसम में जंगल की सफारी बंद रहती है, तब प्रशासन अपनी निगरानी और बढ़ा देता है, क्योंकि मंदिर आने वाले कई श्रद्धालु गाड़ी से उतरकर जंगल के अंदर जाने की कोशिश करते हैं। इसी वजह को देखते हुए प्रशासन ने बाघ मित्र तैनात किए हैं, जो आने जाने वाले सभी लोगों पर नजर रखेंगे। वहीं बफर रेंज में मौजूद वाला किला मार्ग अभी भी क्षतिग्रस्त हालत में है, इसलिए वहां पर्यटकों को जाने की इजाजत फिलहाल नहीं दी जाएगी।

इसका आप पर असर

  • भारत भर में: जो पर्यटक मानसून में सरिस्का घूमने की सोच रहे हैं, वे कोर एरिया की जगह बफर जोन में सफारी बुक कराकर भी बाघ देखने का मौका पा सकते हैं।
  • अलवर, राजस्थान में: बफर जोन खुला रहने से अगले तीन महीने भी स्थानीय सफारी संचालकों, गाइड और होटल कारोबार को पर्यटकों से आय मिलती रहेगी।

सवाल-जवाब

सरिस्का टाइगर रिजर्व का कोर एरिया कब से कब तक बंद रहेगा?
कोर एरिया 1 जुलाई से बंद हो गया है और यह पाबंदी सितंबर के आखिर तक रहेगी, 1 अक्टूबर से इसे फिर खोला जाएगा।
मानसून में सरिस्का का कोर एरिया क्यों बंद किया जाता है?
बारिश में सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण, बाघों के प्रजनन काल और फिसलन भरे रास्तों को देखते हुए हर साल यह फैसला लिया जाता है।
क्या मानसून में सरिस्का में सफारी पूरी तरह बंद रहेगी?
नहीं, अलवर शहर के पास मौजूद बफर जोन में सफारी अगले तीन महीने भी जारी रहेगी।
बफर जोन में अभी कितने बाघ मौजूद हैं?
बफर जोन में इस समय 11 बाघ मौजूद हैं, जो कई अन्य टाइगर रिजर्व से भी ज्यादा हैं।
सरिस्का के फील्ड डायरेक्टर ने बफर जोन को लेकर क्या बताया?
फील्ड डायरेक्टर संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि बफर रेंज की पहाड़ी सड़कों की मरम्मत की जा रही है और वहां निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
पांडुपोल मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए कौन सा रास्ता खुला है?
टहला और सरिस्का टाइगर रिजर्व की तरफ से पांडुपोल मंदिर तक आने-जाने का रास्ता खुला रहेगा।
क्या वाला किला मार्ग पर पर्यटकों को जाने की इजाजत है?
नहीं, बफर रेंज का वाला किला मार्ग अभी क्षतिग्रस्त है, इसलिए वहां पर्यटकों को अनुमति नहीं दी जाएगी।
काव्या नायर
लेखक के बारे मेंकाव्या नायरट्रैवल एडिटर देहरादून
विशेषज्ञताट्रैवल लेखन, पर्यटन, डेस्टिनेशन गाइड, संस्कृति, लाइफस्टाइल ट्रैवल, होटल, एडवेंचर ट्रैवल, फूड एवं ट्रैवल, वैश्विक पर्यटन रुझान

काव्या नायर एक ट्रैवल लेखिका हैं जो पर्यटन स्थलों, ट्रैवल गाइड, पर्यटन रुझानों, संस्कृति और लाइफस्टाइल अनुभवों को कवर करती हैं। वे दुनियाभर के यात्रियों के लिए दिलचस्प कहानियाँ और व्यावहारिक जानकारी साझा करती हैं।

काव्या नायर एक ट्रैवल लेखिका हैं जो पर्यटन स्थलों की कवरेज, ट्रैवल फ़ीचर, सांस्कृतिक खोज और ट्रैवल लाइफस्टाइल पत्रकारिता में विशेषज्ञता रखती हैं। वे लोकप्रिय व उभरते पर्यटन स्थलों, ट्रैवल गाइड, होटल व आतिथ्य अनुभवों, स्थानीय संस्कृतियों, खानपान परंपराओं और एडवेंचर टूरिज़्म के बारे में लिखती हैं। प्रेरक और जानकारीपूर्ण कहानी कहने पर ज़ोर देते हुए काव्या पाठकों को नई जगहें खोजने और सार्थक यात्रा अनुभव योजना बनाने में मदद करती हैं। उनका काम वैश्विक पर्यटन रुझानों, बजट व लक्ज़री ट्रैवल की अंतर्दृष्टि और पाठकों को दुनियाभर की जगहों से जोड़ने वाली सांस्कृतिक कहानियों को उजागर करता है।

पूरा प्रोफ़ाइल देखें ↗
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