राजस्थान के अलवर जिले में स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व का कोर एरिया 1 जुलाई से अगले तीन महीने के लिए पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है, लेकिन जो लोग मानसून में यहां घूमने का मन बना चुके हैं, उनके लिए राहत की बात यह है कि बफर जोन में अभी भी 11 बाघ नजर आ रहे हैं और वहां सफारी जारी रहेगी।
मानसून में हर साल बंद होता है कोर एरिया
हर साल बारिश के मौसम में सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण को देखते हुए सरिस्का प्रशासन कोर क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही पूरी तरह रोक देता है। दरअसल बारिश के दिनों में बाघ, बाघिन समेत बाकी वन्यजीवों का प्रजनन काल भी होता है और जंगल के रास्ते फिसलन भरे होने से खतरा भी बढ़ जाता है। यही वजह है कि इस बार भी 1 जुलाई से कोर एरिया में पर्यटकों की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई है और यह पाबंदी सितंबर के आखिर तक जारी रहेगी। मानसून खत्म होने और हालात सामान्य होने के बाद 1 अक्टूबर से कोर एरिया दोबारा पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।
बफर जोन में मिलेगा सफारी का मजा
अलवर शहर के पास मौजूद सरिस्का का बफर जोन कोर एरिया बंद होने के बावजूद पर्यटकों के लिए खुला रहेगा। पिछले कुछ समय से इसी बफर इलाके में लगातार बाघ नजर आ रहे हैं, जिससे यहां आने वाले पर्यटकों में उत्साह देखा जा रहा है। इस वक्त बफर जोन में कुल 11 बाघ मौजूद हैं, जो कई दूसरे टाइगर रिजर्व की तुलना में भी ज्यादा हैं। बाघों की इतनी अच्छी संख्या होने के कारण यहां आने वाले पर्यटकों को बाघ देखने का मौका मिलने की संभावना काफी बनी रहती है। अगले तीन महीनों तक जब कोर एरिया पूरी तरह बंद रहेगा, तब यही बफर जोन पर्यटकों के आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बना रहेगा।
पहाड़ी रास्तों की मरम्मत, मॉनिटरिंग भी बढ़ाई गई
सरिस्का टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि अलवर शहर के करीब मौजूद बफर क्षेत्र में सफारी चलती रहेगी। उन्होंने बताया कि बफर रेंज का इलाका काफी पहाड़ी है, इसलिए प्रशासन ने वहां की सड़कों को दुरुस्त करने का काम पहले ही शुरू कर दिया है, ताकि बारिश के मौसम में सफारी गाड़ियां चलाने में किसी तरह की दिक्कत न आए और पर्यटकों को आरामदायक सफारी मिल सके। इसके साथ ही बफर रेंज में बाघों की संख्या लगातार बढ़ने की वजह से वहां निगरानी भी पहले से ज्यादा कर दी गई है। संग्राम सिंह कटियार ने कहा कि मानसून के मौसम में कोर एरिया बंद रहने के दौरान बफर रेंज आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलें, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
पांडुपोल मंदिर का रास्ता खुला, वाला किला मार्ग अब भी बंद
फील्ड डायरेक्टर ने यह भी बताया कि पांडुपोल मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए टहला और सरिस्का टाइगर रिजर्व की तरफ से मंदिर तक आने जाने का रास्ता पूरी तरह खुला रहेगा। उन्होंने बताया कि जब बारिश के मौसम में जंगल की सफारी बंद रहती है, तब प्रशासन अपनी निगरानी और बढ़ा देता है, क्योंकि मंदिर आने वाले कई श्रद्धालु गाड़ी से उतरकर जंगल के अंदर जाने की कोशिश करते हैं। इसी वजह को देखते हुए प्रशासन ने बाघ मित्र तैनात किए हैं, जो आने जाने वाले सभी लोगों पर नजर रखेंगे। वहीं बफर रेंज में मौजूद वाला किला मार्ग अभी भी क्षतिग्रस्त हालत में है, इसलिए वहां पर्यटकों को जाने की इजाजत फिलहाल नहीं दी जाएगी।













