मानसून में पूर्वोत्तर भारत की सैर: बादलों, झरनों और हरियाली से सजे ये 5 ठिकाने बना देंगे आपका सफर यादगारयात्रा
3 घंटे पहले· 0

मानसून में पूर्वोत्तर भारत की सैर: बादलों, झरनों और हरियाली से सजे ये 5 ठिकाने बना देंगे आपका सफर यादगार

बारिश के मौसम में पूर्वोत्तर भारत अपने सबसे खूबसूरत रूप में होता है — शिलांग, चेरापूंजी, गंगटोक, ज़िरो वैली और काज़ीरंगा की हरियाली, झरने और शांत वादियां हर यात्री का मन मोह लेती हैं।

मानसून के साथ प्रकृति मानो नए सिरे से जाग उठती है। चारों ओर फैली हरियाली, बादलों की चादर ओढ़े पहाड़, झरनों की कलकल और बदन को छू कर गुज़रती ठंडी हवाएं — यही वो चीज़ें हैं जो बरसात के इस मौसम को बाकी सब से अलग बनाती हैं। अगर इन्हीं नज़ारों के बीच कुछ दिन बिताने का मन है, तो पूर्वोत्तर भारत से बेहतर पता शायद ही कोई हो। यहां की कुदरती खूबसूरती, सुकून भरा माहौल और एकदम अलग संस्कृति आपके सफर को लंबे समय तक याद रहने वाला बना देती है। आइए जानते हैं ऐसी पांच जगहों के बारे में जहां मानसून का असली रंग देखने को मिलता है।

शिलांग — पूर्व का स्कॉटलैंड

मेघालय की राजधानी शिलांग को यूं ही 'पूर्व का स्कॉटलैंड' नहीं कहा जाता। बारिश के दिनों में यहां की हरी पहाड़ियां और झरने जैसे जान पा जाते हैं। एलिफेंट फॉल्स की धाराएं, उमियम झील का फैलाव और चेरापूंजी के आसपास के दृश्य देखने वालों को बांध लेते हैं। हल्की फुहारों के बीच मौसम ठंडा और रूमानी हो उठता है, यही वजह है कि यह जगह कपल्स और प्रकृति प्रेमियों दोनों की पसंदीदा बन जाती है।

चेरापूंजी — बादलों के बीच बसा स्वर्ग

दुनिया में सबसे ज़्यादा बारिश पाने वाली जगहों में गिने जाने वाले मेघालय के चेरापूंजी का मानसूनी रूप किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। पेड़ों की जड़ों से कुदरती तौर पर बने 'लिविंग रूट ब्रिज', नोहकलिकई झरना और यहां की कई गुफाएं सैलानियों को बार-बार खींच लाती हैं। थमने का नाम न लेती बारिश और बादलों में लिपटे पहाड़ इस अनुभव को सचमुच खास बना देते हैं।

गंगटोक — बादलों से ढकी घाटियों का शहर

सिक्किम की राजधानी गंगटोक बरसात में और भी निखर जाती है। बादलों में डूबी घाटियां, रंग-बिरंगे मठ और चारों ओर पसरी शांति इस शहर की पहचान हैं। यहां आकर एमजी रोड की रौनक, रूमटेक मठ की शांति और सोमगो झील का सौंदर्य देखा जा सकता है। हल्की बारिश के बीच हिमालय का नज़ारा आपकी यात्रा को यादगार बना देता है।

ज़िरो वैली — हरियाली में लिपटी अपतानी धरती

मानसून आते ही अरुणाचल प्रदेश की ज़िरो वैली हरियाली की चादर से पूरी तरह ढक जाती है। लहराते धान के खेत, चारों तरफ खड़े पहाड़ और यहां की स्थानीय अपतानी संस्कृति मिलकर एक बिल्कुल अनोखा अनुभव देते हैं। जो लोग भीड़-भाड़ से दूर रहकर शांति और प्रकृति के बीच वक्त बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह जगह आदर्श है।

काज़ीरंगा — एक सींग वाले गैंडे की दुनिया

असम का काज़ीरंगा नेशनल पार्क मानसून में बेहद शानदार दिखता है। हालांकि इस मौसम में पार्क के कुछ हिस्से बंद रहते हैं, फिर भी आसपास फैली हरियाली और ब्रह्मपुत्र नदी का नज़ारा मन मोह लेता है। एक सींग वाले गैंडे के लिए मशहूर यह जगह वन्यजीव प्रेमियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण है।

ट्रेंडकिया रिवॉर्ड्स

खबरें पढ़ें, असली रिवॉर्ड कमाएँ

हर लेख पढ़ने पर पॉइंट्स — ₹10,000 तक के गिफ्ट रिडीम करें। शामिल होना फ्री है।

फ्री रजिस्टर करें और कमाना शुरू करें
250मोबाइल रिचार्ज
12,500 · ≈ 12,500 रीड्स
कमाना शुरू करें
500गिफ्ट वाउचर
25,000 · ≈ 25,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
1,000गिफ्ट कार्ड
50,000 · ≈ 50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
2,000गिफ्ट कार्ड
1,00,000 · ≈ 1,00,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
3,000शॉपिंग वाउचर
1,50,000 · ≈ 1,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
5,000कैश / UPI
2,50,000 · ≈ 2,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम7,500कैश / UPI
3,75,000 · ≈ 3,75,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम10,000कैश / UPI
5,00,000 · ≈ 5,00,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम15,000मेगा कैश
7,50,000 · ≈ 7,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
नागरिक पत्रकारनागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार