यूपीएससी सीएमएस परीक्षा 2026 के लिए 600 अंकों का पूरा पैटर्न, मार्किंग स्कीम और 2 अगस्त को ध्यान रखने योग्य जरूरी नियम1 अगस्त को सोने के दामों में आई बड़ी गिरावट, जानिए 24 से 18 कैरेट गोल्ड और चांदी की ताजा दरेंलाइव: प्रधानमंत्री मोदी आज भोगपुरम में एएसआर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का करेंगे उद्घाटनअमेरिका की अदालत ने डाक मतदान के नियमों पर सुनाया फैसला, डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी जानकारीमीन मासिक राशिफल 1-31 अगस्त 2026: मंगल गोचर से रिश्तों, करियर और आर्थिक स्थिति में आएंगे महत्वपूर्ण बदलावभारत और लेसोथो ने नई दिल्ली में छठी JBCC बैठक के दौरान विकास साझेदारी और बहुपक्षीय सहयोग को दी नई रफ्तारसहारनपुर में बंद पड़े सरकारी स्कूलों पर समाजवादी पार्टी का अल्टीमेटम, फिर शुरू होगी पीडीए पाठशालासावन 2026 में रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करेंगे शनिदेव, जानें किन 6 राशियों को मिलेगा विशेष लाभमूलांक 8 अंकफल 1 अगस्त 2026: आसान काम में भी न बरतें लापरवाही, जानें करियर और आर्थिक राशिफलसोजत के अर्थशास्त्र गोल्ड मेडलिस्ट धनपतराज सांखला का आईपीएस में चयन, 1998 से आरपीएस अधिकारी के रूप में दी सेवाएं
रांची से सिर्फ 30 किलोमीटर दूर छिपा है 'गूंगा नाला', जंगल के बीच बहती धारा देख कश्मीर के पहलगाम की याद आ जाएगीयात्रा
16 जून 2026, 7:01 am (46 दिन पहले)· 3

रांची से सिर्फ 30 किलोमीटर दूर छिपा है 'गूंगा नाला', जंगल के बीच बहती धारा देख कश्मीर के पहलगाम की याद आ जाएगी

झारखंड की राजधानी रांची के पास सुपा गांव में मौजूद गूंगा नाला इन दिनों खूब चर्चा में है, जहां घने जंगल के बीच बहती साफ पानी की धारा लोगों को पिकनिक और सुकून के लिए खींच ला रही है।

झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों एक नई जगह को लेकर खूब चर्चा बटोर रही है। इस जगह का नाम है गूंगा नाला। यहां एक पतली सी नदी बहती है, जो बड़े नाला की शक्ल लेकर घने जंगल के ठीक बीचों-बीच से गुजरती है। नजारा इतना मनमोहक है कि लोग अपनी बाइक उठाकर यहां पहुंच रहे हैं। यह रांची का एक ऐसा छिपा हुआ ठिकाना है, जिसे देखकर पहली नजर में किसी बड़े हिल स्टेशन का अहसास होता है। यहां का पानी बेहद साफ और निर्मल है।

यहां तक पहुंचने का रास्ता

इस जगह तक पहुंचने के लिए आपको एक छोटी सी पहाड़ी पार करनी पड़ती है। रास्ता एकदम पतला है और आपको पहाड़ से नीचे की ओर उतरना होता है। जैसे ही आप नीचे पहुंचते हैं, सामने एक गजब का खूबसूरत दृश्य खुल जाता है। बीच में साफ पानी की धारा बहती है और दोनों किनारों पर एकदम घना जंगल फैला हुआ है। इसके साथ ही यहां खुला मैदानी इलाका भी है। एक झलक में ही यह जगह कश्मीर के पहलगाम की याद दिला देती है।

ये भी पढ़ें

पिकनिक और सुकून का अड्डा

यहां बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने पहुंच रहे हैं। कई लोग अपने साथ छोटा सा चूल्हा लेकर आते हैं और नदी के बीचोबीच बैठकर मैगी और चाय बनाकर इस खूबसूरत माहौल का आनंद उठाते हैं। यहां की हवा एकदम ठंडी और साफ है, और सन्नाटा ऐसा कि एक परिंदे के पर फड़फड़ाने तक की आवाज नहीं सुनाई देती। अगर आप अपनी रोजमर्रा की भागदौड़ से थक या ऊब गए हैं, तो एक बार यहां आने भर से आपका मूड पूरी तरह तरोताजा हो जाएगा।

मेडिटेशन और गांव वालों का साथ

कई लोग यहां बैठकर मेडिटेशन भी करते हैं। आसपास आपको गांव के लोग भी मिल जाएंगे, जो आपकी मदद के लिए तैयार रहते हैं। गांव वाले यहां अपनी गायों को चराने आते हैं, इसलिए यहां डर जैसी कोई बात नहीं है। हालांकि एक बात का ध्यान जरूर रखें, शाम 5:00 बजे से पहले यहां से निकल जाना बेहतर है। इसकी वजह यह है कि वापसी में पहाड़ी रास्ता पार करना पड़ता है और यहां रोशनी का कोई इंतजाम बिल्कुल नहीं है।

कैसे और कितनी दूर

यह जगह रांची से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर है। आप यहां आराम से बाइक, स्कूटी या फोर व्हीलर से पहुंच सकते हैं। खास बात यह है कि यहां आने के लिए आपको सुपा गांव से होकर गुजरना पड़ता है, और जब आप इस गांव के भीतर पहुंचते हैं तो यह इतना सुंदर लगता है कि मानो आप किसी बॉलीवुड फिल्म के सेट पर आ गए हों। यहां पहुंचकर आपको यही महसूस होगा कि रांची में ऐसा नजारा हमने पहले क्यों नहीं देखा।

सवाल-जवाब

गूंगा नाला कहां स्थित है?
यह झारखंड की राजधानी रांची से करीब 30 किलोमीटर दूर है और यहां पहुंचने के लिए सुपा गांव से होकर गुजरना पड़ता है।
यहां तक कैसे पहुंचा जा सकता है?
आप बाइक, स्कूटी या फोर व्हीलर से यहां आसानी से पहुंच सकते हैं, हालांकि अंतिम हिस्से में एक छोटी पहाड़ी पार कर नीचे उतरना पड़ता है।
लोग यहां क्या करने आते हैं?
लोग यहां पिकनिक मनाने, नदी के बीच बैठकर मैगी और चाय बनाने तथा मेडिटेशन करने आते हैं।
यहां जाने के लिए किस बात का ध्यान रखना जरूरी है?
शाम 5:00 बजे से पहले यहां से निकल जाना चाहिए, क्योंकि वापसी में पहाड़ी रास्ता है और यहां रोशनी का कोई इंतजाम नहीं है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR