भारतीय कीमती धातु बाजार में 1 अगस्त 2026 को सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। शनिवार को 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की दरों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। इसके विपरीत, चांदी की कीमतें बिना किसी बदलाव के स्थिर बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ओवरनाइट सत्र के दौरान हाजिर सोना और हाजिर चांदी की कीमतों में 1.5 फीसदी से 2.4 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसका सीधा असर घरेलू सर्राफा बाजार पर पड़ा है। एमसीएक्स (MCX) पर भी सोने और चांदी के वायदा भाव अहम स्तरों से नीचे फिसल गए हैं।
भारतीय बाजार में सोने की दरों का विस्तृत विवरण
शनिवार को 24 कैरेट सोने की कीमत में प्रति 100 ग्राम 3,800 रुपये की बड़ी गिरावट आई, जिसके बाद इसका भाव घटकर 14,42,200 रुपये प्रति 100 ग्राम पर आ गया। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 380 रुपये गिरकर 1,44,220 रुपये दर्ज की गई। इसके अलावा 8 ग्राम 24 कैरेट सोना 304 रुपये सस्ता होकर 1,15,376 रुपये और 1 ग्राम 24 कैरेट सोना 38 रुपये की कमी के साथ 14,422 रुपये पर आ गया।
इसी प्रकार 22 कैरेट सोने के भाव में भी भारी नरमी देखने को मिली। 100 ग्राम 22 कैरेट सोने का दाम 3,500 रुपये घटकर 13.22 लाख रुपये (13,22,000 रुपये) रह गया। 10 ग्राम 22 कैरेट सोना 350 रुपये की गिरावट के साथ 1,32,200 रुपये पर बिक रहा है। वहीं 8 ग्राम 22 कैरेट सोने की दर 280 रुपये गिरकर 1,05,760 रुपये और 1 ग्राम 22 कैरेट सोने का रेट 35 रुपये गिरकर 13,220 रुपये पर पहुंच गया।
18 कैरेट सोने की श्रेणी में भी शनिवार को 100 ग्राम पर 2,900 रुपये की कटौती दर्ज की गई, जिससे इसका भाव 10,81,600 रुपये प्रति 100 ग्राम हो गया। 10 ग्राम 18 कैरेट सोना 290 रुपये सस्ता होकर 1,08,160 रुपये पर आ गया। 8 ग्राम 18 कैरेट सोने की कीमत 232 रुपये घटकर 86,528 रुपये और 1 ग्राम 18 कैरेट सोना 29 रुपये की गिरावट के साथ 10,816 रुपये पर कारोबार कर रहा है।
चांदी की कीमतें रही पूरी तरह स्थिर
सोने में आई गिरावट के उलट घरेलू बाजार में चांदी के भाव में शनिवार को कोई बदलाव नहीं हुआ। 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 2.35 लाख रुपये (2,35,000 रुपये) पर यथावत बनी हुई है। 100 ग्राम चांदी की दर 23,500 रुपये और 10 ग्राम चांदी का भाव 2,350 रुपये पर स्थिर है। इसके अतिरिक्त 8 ग्राम चांदी 1,880 रुपये तथा 1 ग्राम चांदी 235 रुपये के स्तर पर टिकी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और एमसीएक्स पर वायदा कारोबार की स्थिति
वैश्विक बाजार में ओवरनाइट ट्रेडिंग के दौरान हाजिर सोना लगभग 1.5 फीसदी गिरकर 4,043 डॉलर प्रति औंस पर आ गया था। वहीं हाजिर चांदी में 2.4 फीसदी की तेज बिकवाली दर्ज की गई और यह 57.62 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे आ गई। घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स (MCX) पर जुलाई 2026 का महीना समाप्त होते-होते सोने का वायदा भाव 1,41,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बंद हुआ। एमसीएक्स पर चांदी का वायदा भाव भी 2,17,500 रुपये प्रति 1 किलोग्राम के स्तर से नीचे आ गया।
हालांकि, जुलाई 2026 के पूरे महीने के प्रदर्शन पर नजर डालें तो 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने ने चांदी की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। जुलाई महीने में सोने में 2 फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी में इस अवधि के दौरान 2 से 3 फीसदी की समग्र गिरावट देखी गई। फरवरी के बाद पहली बार हाजिर सोना जुलाई में 0.5 फीसदी का मासिक लाभ दर्ज करने में सफल रहा, जिसे अमेरिकी मुद्रास्फीति के नरम आंकड़ों और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बदलाव न करने के फैसले से समर्थन मिला था।
वैश्विक कारक: अमेरिकी फेडरल रिजर्व और मध्य पूर्व तनाव
चालू सप्ताह के दौरान कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसलों, डॉलर सूचकांक की चाल और भू-राजनीतिक जोखिमों ने कीमती धातुओं को प्रभावित किया है। बाजार में सितंबर महीने में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की लगभग 65 फीसदी संभावना जताई जा रही है, जिससे सोने की बढ़त सीमित रही। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉश ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है, हालांकि उन्होंने निकट भविष्य में दर वृद्धि का सीधा संकेत नहीं दिया। दूसरी ओर, शुक्रवार को तीन असंतुष्ट फेड अधिकारियों ने दोहराया कि मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए मौद्रिक नीति को और सख्त करने की आवश्यकता है।
इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर भी अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ रहा है। ईरानी ठिकानों पर ताजा अमेरिकी छापों के बाद कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों को झटका लगा है। फरवरी के अंत में संघर्ष शुरू होने के बाद से कच्चे तेल के ऊंचे दामों ने महंगाई की चिंताओं को बढ़ाया है, जिससे उच्च ब्याज दरों की संभावना मजबूत हुई है और सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
बैंक गोल्ड लोन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी और विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) का डेटा
चालू वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही में बैंकों का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट बनकर उभरा है। जून 2026 के अंत तक सालाना आधार पर (YoY) गोल्ड लोन में 93.8 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया। वाणिज्यिक बैंकों ने पहली तिमाही के दौरान 74,171 करोड़ रुपये के नए गोल्ड लोन जारी किए, जिससे देश में कुल बकाया गोल्ड लोन पोर्टफोलियो बढ़कर 5.4 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही (Q2) में ओवर द काउंटर (OTC) सहित कुल वैश्विक स्वर्ण मांग सालाना आधार पर स्थिर रहकर 1,269 टन (1,269t) पर रही। इसके साथ ही वर्ष 2026 की पहली छमाही (H1) में कुल स्वर्ण मांग बढ़कर 2,522 टन (2,522t) तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2 फीसदी अधिक है। मूल्य के संदर्भ में पहली छमाही के दौरान स्वर्ण मांग ने US0bn का रिकॉर्ड स्तर हासिल किया है।



















