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तेलंगाना का पैंगोंग: हैदराबाद के पास छुपा है एक खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट, कम खर्च में लें लद्दाख जैसा मजायात्रा
28 जुल॰ 2026, 11:49 am (85 दिन पहले)· 0

तेलंगाना का पैंगोंग: हैदराबाद के पास छुपा है एक खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट, कम खर्च में लें लद्दाख जैसा मजा

हैदराबाद से महज तीन घंटे की दूरी पर स्थित एक ऐसी अनोखी जगह के बारे में जानें जो पर्यटकों को लद्दाख की याद दिलाती है। नागार्जुन सागर बांध के बैकवॉटर के किनारे बसा यह गांव अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और दिलचस्प इतिहास के लिए जाना जाता है।

नीले पानी और पथरीले पहाड़ों का दीदार करने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए अब दूरदराज के इलाकों का रुख करने की आवश्यकता नहीं है। महानगर की व्यस्तता से कुछ ही घंटों की दूरी पर एक ऐसा अद्भुत प्राकृतिक ठिकाना मौजूद है जिसे लोग प्यार से तेलंगाना का पैंगोंग कहने लगे हैं। दक्कन के पठार की गोद में छिपा यह स्थल अपनी अनोखी भौगोलिक बनावट और शांत वातावरण के कारण सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यहां का गहरा नीला जल और आसपास फैली सूखी चट्टानें लद्दाख की प्रसिद्ध झीलों का अहसास कराती हैं।

विशाखापत्तनम कॉलोनी का भौगोलिक परिचय और रास्ता

यह खूबसूरत पर्यटन स्थल तेलंगाना के नलगोंडा जिले के चंदमपेट मंडल के अंतर्गत आने वाले विशाखापत्तनम कॉलोनी नामक छोटे से गांव में स्थित है। राजधानी हैदराबाद से इस जगह की कुल दूरी लगभग 170 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से यहां पहुंचने में तीन घंटे के आसपास का समय लगता है। यह शांत बस्ती विशाल नागार्जुन सागर बांध के बैकवॉटर के तट पर फैली हुई है। जो लोग शहरी कोलाहल से दूर एकांत और प्राकृतिक सुंदरता के बीच समय बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन और सुलभ विकल्प साबित हो रहा है।

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गांव के अनोखे नाम के पीछे का इतिहास

इस भीतरी इलाके में बसे गांव का नाम आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तटीय शहर के नाम पर रखे जाने के पीछे एक रोचक दास्तां जुड़ी है। पिछली शताब्दी के पांचवें और छठे दशक में जब नागार्जुन सागर बांध का निर्माण कार्य चल रहा था, तब आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाके से लगभग 24 मछुआरा परिवार रोजगार की तलाश में यहां पहुंचे थे। परियोजना पूरी होने के बाद ये लोग यहीं के समृद्ध जलक्षेत्र के पास स्थायी रूप से बस गए। अपने मूल शहर के प्रति जुड़ाव और सम्मान दर्शाते हुए उन्होंने इस नई बस्ती का नाम विशाखापत्तनम कॉलोनी रख दिया। आज यह ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और प्राकृतिक आकर्षण का अनूठा संगम बन चुका है।

यह शांत बस्ती पास ही स्थित येल्लेश्वरगट्टू द्वीप तक जाने वाले सफर का मुख्य प्रवेश द्वार भी है। बैकवॉटर के बीचों-बीच स्थित यह छोटा सा द्वीप हरियाली से भरपूर है। मुख्य तट से इस द्वीप तक पहुंचने की जलयात्रा में करीब 20 मिनट का समय लगता है। स्थानीय नाविकों के सहयोग से पर्यटक शांत पानी के ऊपर नाव की सवारी का लुत्फ उठा सकते हैं। इस खूबसूरत नौकायन के लिए प्रति व्यक्ति लगभग 200 रुपये का शुल्क तय किया गया है, जो कम बजट में यात्रा करने वालों के लिए बेहद किफायती साबित होता है।

रात के समय कैंपिंग और रोमांचक गतिविधियां

जो लोग केवल दिनभर घूमकर वापस लौटने के बजाय प्रकृति के सान्निध्य में अधिक समय बिताना पसंद करते हैं, उनके लिए यहां रात्रि विश्राम यानी नाइट कैंपिंग का विशेष प्रबंध भी मिल जाता है। साहसिक पर्यटन के शौकीन लोगों के लिए स्थानीय मछुआरे रातभर रुकने की अनूठी सुविधा उपलब्ध कराते हैं। लगभग 1,500 रुपये के कुल खर्च में पर्यटक खुले आसमान के नीचे सितारों के पहरे में रात गुजार सकते हैं और प्राकृतिक शांति का गहरा अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। यह स्थान रोमांच और आत्मिक सुकून दोनों का एक आदर्श मिश्रण पेश करता है।

यदि आप आगामी सप्ताहांत पर हैदराबाद के आसपास किसी शांत, कम भीड़भाड़ वाले और नए पर्यटन स्थल की खोज में हैं, तो यह बस्ती आपके लिए एक उत्तम गंतव्य हो सकती है। दिन के शुरुआती और आखिरी पहर में यहां का मौसम, शांत जलराशि और मनमोहक दृश्य मानसिक शांति प्रदान करते हैं। एक दिवसीय यात्रा के लिहाज से यह जगह बेहद किफायती होने के साथ-साथ एक यादगार अनुभव भी देती है। यही वजह है कि यह अनजान सा कोना धीरे-धीरे यात्रा प्रेमियों के बीच एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट बनता जा रहा है।

सवाल-जवाब

विशाखापत्तनम कॉलोनी हैदराबाद से कितनी दूर है?
यह गांव हैदराबाद से लगभग 170 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
इस जगह को क्या कहा जाता है?
अपनी अनोखी भौगोलिक बनावट और नीले पानी के कारण इसे तेलंगाना का लद्दाख कहा जाता है।
यहाँ नाव की सवारी का क्या खर्च है?
स्थानीय नाविकों के साथ द्वीप तक जाने के लिए प्रति व्यक्ति लगभग 200 रुपये का किराया लगता है।
यहाँ नाइट कैंपिंग की क्या लागत है?
लगभग 1,500 रुपये के खर्च में खुले आसमान के नीचे रात बिताने की सुविधा मिल जाती है।
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